भिलाई। 10 जून, 2026, (सीजी संदेश) : भारतीय बौद्ध महासभा भिलाई के तत्वाधान में आयोजित आठ दिवसीय धम्म प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन 9 जून दिन मंगलवार को कार्यक्रम प्रशिक्षण करता भंते प्रज्ञा निधि सारंगढ़ वाले ने महामंगल सूत्त एवं खंध परित का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। महा मंगलसूत्त के सहारे गृहस्थ जीवन को सुख मय बनाने वाले 38 प्रकार के उत्तम मंगल कार्यों को अपने जीवन में अपना कर कैसे जीवन में सर्वोच्च सुख निब्बान को पाया जा सकता है। उन्होंने चार सर्प कुलों के बारे में व्याख्यान किया जिसमें संसार में सांपों के चार कुल होते हैं विरुपाक्ष सांप कुल, ऐरापथकुल छब्बापुत्र सांपकुल, कान्हा गौतम सांप कुल, यदि इन चारों सांप कुलों से मैत्री चित् से मित्रता कर ली जाए तो संसार में कभी भी सांप के काटने से व्यक्ति की मृत्यु नहीं होती है। अतः मैत्री भावना के अभ्यास करने से जीवन में संकट से बचने के लिए तथा 11 प्रकार के तात्कालिक लाभ प्राप्त करने के लिए मित्र भावना करनी चाहिए। उपरोक्त कार्यक्रम में द्वारिका प्रसाद भोयर हरिकिशन भोवते,पन्नालाल,स्नेहा कुमारी खांडेकर निशीका राम टेके, श्रावस्ती रामटेक, पी.आर. कांबले, प्रियांशी बांसोड़, पूर्वी वहाने, ममता वासनिक, सीमा वासनिक, अनंत राम सहारे, रामकेश , अरहत गजभिए , अर्हतप्रसाद,अतुल घरडे ,जीडी राउत, संघ रत्न राउत ,भीमराव पाटिल, डीडीरंगरी, विनोद वासनिक,एसके चौहान,आसाराम वहाने वस्ला भोवते ,श्रद्धा बोरकर,शशिकला वैद्य, अलीना गजभिए, शैलेंद्रा भै सारे स्नेहा कुमारी,उषा गजभिए,सुरेखा मोहड, पन्ना में श्राम,मनस्वी मेश्राम हरीश नागवंशी,रविंद्र गोंडाले,आनंद रामटेक, माधुरी बौद्ध, केपी बर्डे कुणाल लाव्हाले, इशांक लाव्हाले,उज्जवला लव्हाले वीरेंद्र,आस्था गजभिए बुधनतींन गजभिए,प्रीति गजभिए,श्वेता मेश्राम, पितेश पाटील, आशीष चौहान, अतुल घोड़े,आदर्श मेश्राम, रविंद्र गाडगे तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता गण उपस्थित थे।




