रायगढ़। 23 अप्रैल, 2026, (सीजी संदेश) : रायपुर उत्तर विधानसभा के अंतर्गत जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत आने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड 31 जहां विगत कई दिनों से पानी की किल्लत बनी हुई पूरा वार्ड पानी की किल्लत झेल रहा है पानी की किल्लत की चपेट में अपनी व्यवस्था की व्यथा खुद बखान कर रहा है। एक ओर महापौर द्वारा भरी सदन में टेबल बजवाकर नई पानी टंकी निर्माण के लिए भूमि पूजन और टेंडर जारी करने की प्रक्रिया की बात कही जाती है। दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा नई व्यवस्था लागू की गई है।
क्या यह नगर निगम की कार्य करने की प्रणाली की नई शुरुआत हो गई है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड में नवीन पानी टंकी के लिए 22 करोड़ का टेंडर जारी हो गया है। भूमि पूजन की तैयारी जोर-शोर से खुद नगर निगम के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
किंतु धरातल पर स्थित कुछ और है। निर्माण किया जा रहा है। किंतु टंकी कहां बनेगी यह एक नगर निगम की व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम को पटवारी के द्वारा शासकीय भूमि का कागज दिया जाता है। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भूमि पूजन के 1 दिन पहले वहां साफ सफाई की जाती है
तब महिला एवं बाल विकास के अधिकारी वहां जाकर अपनी जमीन है होने का दावा करते है। क्या यह सब तहकीकात टेंडर जारी करने के पहले नहीं कर लेनी थी
क्या पहले उस विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लेना था। नगर निगम की नई व्यवस्था समझ से परे है पहले टेंडर कर दो फिर जमीन खोजो जब तक जनता परेशान रहेगी इससे किसी को कोई लेना देना नहीं, महापौर द्वारा क्या व्यवस्था बनाई जा रही है, नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी बे लगाम हो गए बे खौफ होकर काम कर रहे हैं, क्या कर रहे हैं उन्हें खुद नहीं पता रायपुर राजधानी की उत्तर विधानसभा के साथ मजाक हो रहा है
टंकी का भूमि चयन हो नहीं पता और टेंडर हो जाता है। यह नगर निगम की नई कार्यशैली है भीषण पानी के संकट में जहां 30 से 35 पॉइंट ड्राय बने हुए हैं। वही पानी के रात दिन टैंकर चल रहे हैं। वहां इतनी इतनी बड़ी लापरवाही जोन क्रमांक 03 के और मुख्यालय के अधिकारियों का यह बेलगाम रवैया जनता को उनके पीने का पानी नहीं दिलवा पा रहा है। इतनी बड़ी लापरवाही पे जिम्मेदार अधिकारियों कारवाही क्या होगी कौन इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेगा जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। बिना जमीन नापे बिना जमीन देखे 22 करोड़ का टेंडर कर दिए। 25 लाख लीटर पानी की टंकी बनने से आस पास के पूरे क्षेत्र में पानी की किल्लत कम हो जाती प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 हजार वर्ग फीट की जमीन में उक्त टैंकी का निर्माण किया जाना था किंतु जमीन अभी निगम को नहीं मिल पाई और जमीन ना मिल पाने से टंकी निर्माण कार्य में भी विलम्ब होगा जिस से जनता के लिए पानी की किल्लत बनी हो रहेगी। उत्तर विधानसभा के साथ की जा रही लापरवाही पे जिम्मेदार अधिकारी पर सख्त रुख अपनाना चाहिए।



