दुर्ग। 03 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर की गई लगभग 1.60 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन में शामिल थे। जांच में विदेशी (नाइजीरियन) साइबर गिरोह से जुड़े नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं। आरोपियों के कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल फोन और सिम कार्ड सहित महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा किया है, बल्कि आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया है।
रेंज साइबर थाना दुर्ग में पंजीबद्ध अपराध धारा 318(2), 318(4), 336(3) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के प्रकरण में आरोपियों द्वारा स्वयं को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर कुल लगभग ₹1 करोड़ 60 लाख की साइबर ठगी की। प्रकरण की विवेचना के दौरान पूर्व में एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम दिल्ली रवाना की गई। टीम द्वारा आरोपी मनमीत सिंह, अमनदीप सिंह एवं ईशांत माहे उर्फ ईशु को चिन्हित कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी में उपयोग हेतु उपलब्ध कराना स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि इन बैंक खातों का उपयोग एक विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था। आरोपियों को दिनांक 01 जुलाई को दिल्ली से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय, तीस हजारी, दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया तथा रेंज साइबर थाना दुर्ग लाया गया। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है।
घटना का कारण :
बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देकर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से साइबर ठगी करना।
घटनास्थल :
ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी, विवेचना रेंज साइबर थाना दुर्ग द्वारा।
आरोपी का नाम :
1. मनमीत सिंह, उम्र 42 वर्ष, निवासी तिलक विहार, तिलक नगर, नई दिल्ली।
2. ईशांत माहे उर्फ ईशु, उम्र 37 वर्ष, निवासी चंदर विहार, निलोठी एक्सटेंशन, थाना निहाल विहार, दिल्ली।
3. अमनदीप सिंह, उम्र 33 वर्ष, मूल निवासी श्रीगंगानगर (राजस्थान), वर्तमान निवासी चंदर विहार, निलोठी, दिल्ली।
जप्त सामग्री :
1. 03 मोबाइल फोन।
2. 06 बैंक पासबुक।
3. 04 चेकबुक।
4. विभिन्न सिम कार्ड।
सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में रेंज साइबर थाना दुर्ग की टीम के उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा, निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट, सहायक उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव, आरक्षक सुरेन्द्र कटरे, आरक्षक आवेश खान, आरक्षक कामेश्वर देशमुख एवं आरक्षक विक्रम सिंह राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि बीमा पॉलिसी रिफंड, केवाईसी अपडेट, निवेश अथवा किसी भी प्रकार के ऑनलाइन भुगतान संबंधी कॉल अथवा संदेश प्राप्त होने पर बिना सत्यापन किसी भी बैंक खाते में राशि हस्तांतरित न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।




