दुर्ग। 16 मई, 2026, (सीजी संदेश) : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के मार्गदर्शन में 18 जुलाई 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में आयोजित होने वाली स्पेशल लोक अदालत को अधिक से अधिक सफल एवं प्रभावी बनाने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग द्वारा विशेष रूप से तीन न्यायिक अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं दो व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी सम्मिलित हैं।
गठित टीम को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे न्यायालय में लंबित अधिकाधिक बैंक एवं फायनेंस कंपनियों से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु समन्वय स्थापित कर प्रकरणों को लोक अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर निराकृत कराने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उक्त उद्देश्य की पूर्ति हेतु 15 मई 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों, निजी बैंकों एवं फायनेंस कंपनियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं एवं अधिकारियों ने सहभागिता की।
बैठक के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा अधिवक्ताओं एवं बैंक प्रतिनिधियों को आगामी स्पेशल लोक अदालत के महत्व से अवगत कराया गया तथा अधिकाधिक लंबित प्रकरणों को चिन्हांकित कर आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से निराकृत किए जाने हेतु आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि लोक अदालत एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली है, जिसके माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त होता है तथा समय एवं धन दोनों की बचत होती है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बैंक एवं फायनेंस कंपनियों द्वारा लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर संबंधित पक्षकारों से संपर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक मामलों का निराकरण स्पेशल लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा आम नागरिकों, बैंक प्रतिनिधियों एवं अधिवक्तागण से अपील की गई है कि वे स्पेशल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने में सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्ष एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव उपस्थित रहे।



