दुर्ग। 28 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : कलेक्टर अभिजीत सिंह ने राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। विगत रविवार 26 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, भू-अर्जन, स्वामित्व योजना, भारतमाला परियोजना, एग्रीस्टैक, भू-आबंटन, नजूल, नक्शा बंटांकन सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
कलेक्टर श्री सिंह ने पट्टाधृति सर्वे की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिन पटवारियों ने सर्वे शुरू नहीं किया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही 29 जुलाई तक सभी वार्डों का सर्वे कार्य पूरा करने तथा ग्राम पंचायत उतई एवं चरोदा नगर निगम के द्वारा अतिरिक्त कर्मचारी लगाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान अविवादित एवं विवादित नामांतरण, खाता विभाजन और सीमांकन के समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने भुईंया पोर्टल और ई-कोर्ट पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी तहसीलदारों को 30 दिनों के भीतर लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए सचिवों के माध्यम से करने संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया। सीमांकन के समय सीमा से बाहर वाले प्रकरण में लिखित प्रतिवेदन राजस्व निरीक्षकों के द्वारा लेने के निर्देश दिए गए।
स्वामित्व योजना के तहत 239 ग्रामों में मैप सुधार, अंतिम प्रकाशन और अधिकार अभिलेखों के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री, एक्सेम्प्टेड कैटेगरी तथा लंबित ’बकेट क्लेम’ पंजीयन शीघ्र पूरा करने को कहा गया। यदि किसी कृषक द्वारा बकेट क्लेम पंजीयन कराने से मना किया जाता है, तो उनसे लिखित में लेकर पंचनामा तैयार करने को कहा है।
कलेक्टर ने भारतमाला परियोजना और रेलवे भू-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि भुगतान तथा भारतमाला परियोजना अंतर्गत अवार्ड पारित प्रकरणों में रिकार्ड अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 31 जुलाई तक प्रत्येक ग्रामों का अवार्ड पारित की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा है। सहमति आधारित भूमि क्रय, भू-आबंटन, जाति प्रमाण पत्र, प्राकृतिक आपदा सहायता, ई-डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी, डिजिटल हस्ताक्षर, डिजिटल किसान किताब, नजूल प्रकरण, नक्शा बंटांकन और वृक्ष कटाई से संबंधित लंबित आवेदनों का भी शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने पटवारी एवं राजस्व निरीक्षकों के नियमित बायोमैट्रिक अटेंडेंस सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। इस अवसर पर एडीएम विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, अपर कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी, अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग महेश सिंह राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी पाटन उत्तम ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी धमधा लवकेश कुमार ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी भिलाई-3 प्रकाश सोनी, अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग शहर प्रफुल्ल गुप्ता, सभी तहसीलदार/अतिरिक्त तहसीलदार, सभी नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख, सभी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख उपस्थित थे।
कलेक्टर ने की राजस्व प्रकरणों की समीक्षा, पट्टाधृति सर्वे की धीमी प्रगति पर नाराजगी, काम शुरू नही करने वाले पटवारियों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश, भुईंया और ई-कोर्ट पोर्टल पर लंबित मामलों का 30 दिनों में करें निराकरण
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