भिलाई। 22 अक्टूबर, 2026, (सीजी संदेश) : शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी एवं शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस जुनवानी, भिलाई के वार्षिक टेक्नो-कल्चरल एवं मैनेजमेंट फेस्ट ‘सम्विद 2026’ का आज शुभारंभ हुआ। इस वर्ष फेस्ट की थीम “ कनेक्टिंग माइंड क्रिएटिंग फ्यूचर” रखी गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी, सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं प्रबंधन संबंधी गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा नवाचार, संवाद, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करना है। इसी क्रम में आज ल’अवेनिर के ‘ए न्यू जनरेशन समिट” का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने दिया संघर्ष और नेतृत्व का संदेश
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना, उसके उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और वैश्विक स्तर पर उसकी भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने नेतृत्व के विभिन्न स्वरूपों पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज में कई प्रकार के नेता होते हैं। कुछ लोग वास्तव में नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं, जबकि कुछ केवल नेता होने का दिखावा करते हैं। सच्चा नेतृत्व अपनी सोच, कार्यक्षमता और दृढ़ संकल्प से पहचाना जाता है। अपने संबोधन में श्री मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने देश में क्लर्क तैयार करने की मानसिकता को बढ़ावा दिया। उन्होंने नई शिक्षा नीति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को महत्व देने के साथ युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाए। अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट में मैनेजर के पद को छोड़ने से जुड़े अपने अनुभव बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में अनेक कठिनाइयां आती हैं, लेकिन व्यक्ति को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अपार शक्ति और क्षमता होती है। दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत और किस्मत, दोनों का साथ आवश्यक है। परिस्थितियां बदलते देर नहीं लगती-एक रंक राजा बन सकता है और राजा रंक। इसलिए व्यक्ति को अपने प्रयासों पर विश्वास रखते हुए निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि भारतीय प्रतिभाएं आज विदेशों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में भारतीयों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को महत्व देते हुए देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाना समय की आवश्यकता है।
‘ए न्यू जनरेशन समिट’ का विशेष आकर्षण
कार्यक्रम में आयोजन महासचिव नारायणी मिश्रा ने मॉडल यूनाइटेड नेशंस की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मॉडल यूनाइटेड नेशंस के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों को समझने तथा विभिन्न देशों के दृष्टिकोण से उन पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलता है। सम्विद 2026 के अंतर्गत आयोजित ‘ए न्यू जनरेशन समिट” की थीम “अन-रिटेन रूल” युवाओं को स्वतंत्र चिंतन, नए दृष्टिकोण और प्रभावी संवाद के लिए प्रेरित करती है। समिट के अंतर्गत मॉडल यूनाइटेड नेशंस और यूथ पार्लियामेंट जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, संसदीय प्रक्रियाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक विमर्श को समझने का अवसर मिलेगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, संवाद कौशल, निर्णय क्षमता, नेतृत्व गुणों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
‘कृष्णावल्ली’ में विद्यार्थियों ने किया श्रीकृष्ण लीलाओं का मंचन
सम्विद 2026 के अंतर्गत 23 से 25 अक्टूबर तक विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर विद्यार्थियों ने ‘कृष्णावली’ कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मनमोहक मंचन किया गया। भक्ति, संगीत और अभिनय से सजी प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में गंगाजली एजुकेशनल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. जया मिश्रा, यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. स्मिता सेलट, कुलसचिव डॉ. वैभव तिवारी, डायरेक्टर डेवलपमेंट डॉ. सुशील चंद्र तिवारी तथा एसएसटीसी के डायरेक्टर डॉ. पी.बी. देशमुख सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


