दुर्ग। 08 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद दुर्ग पुलिस तकनीक आधारित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक पुलिस व्यवस्था को जमीन पर उतारने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में थाना पदमनाभपुर पुलिस ने ई-मेल के माध्यम से प्राप्त एक शिकायत पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रावधानों के तहत ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कर नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह कार्रवाई न केवल डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा को मजबूत करती है, बल्कि आम लोगों को त्वरित, पारदर्शी और आसान न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत थाना पदमनाभपुर पुलिस द्वारा ई-मेल के माध्यम से प्राप्त शिकायत प्राप्त होने पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। BNSS की धारा 173 (2)के प्रावधानों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्राप्त संज्ञेय अपराध की सूचना को विधिवत दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायत प्राप्त होने पर धारा 173(2)( BNSS के तहत शिकायत पंजी में प्रविष्टि की गई तथा शिकायतकर्ता को तीन दिवस के भीतर थाना उपस्थित होकर शिकायत पर हस्ताक्षर करने हेतु सूचित किया गया।शिकायतकर्ता द्वारा थाना उपस्थित होकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने एवं हस्ताक्षर किए जाने के उपरांत अपराध क्रमांक 412/2026 अंतर्गत धारा 85 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विधिवत एफआईआर पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना प्रारंभ की गई।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) का भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में, जिनमें 3 से 7 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है, उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी की अनुमति से एफआईआर दर्ज करने से पूर्व अधिकतम 14 दिवस के भीतर प्रारंभिक जांच की जा सकती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है अथवा नहीं।
सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में थाना पदमनाभपुर के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का पालन करते हुए त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संज्ञेय अपराध की सूचना ई-मेल अथवा अन्य अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी उपलब्ध करा सकते हैं। नए आपराधिक कानूनों के तहत उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का उपयोग कर नागरिक त्वरित एवं पारदर्शी पुलिस सेवाओं का लाभ उठाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।




