भिलाई। 11 सितंबर, 2026, (सीजी संदेश) : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में आयोजित “एक रिश्ता—जो जीवन बदल दे…” थीम पर आधारित श्रीकृष्ण की मनोहारी एवं अलौकिक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक की दिव्य झांकी को यमुना नदी, झरनों एवं मनोहारी प्राकृतिक दृश्यों से सुसज्जित किया गया है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करा रही है।झांकी के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके दिव्य कर्तव्यों को अपने जीवन में धारण करने की प्रेरणा दी जा रही है। परमात्मा को कभी पिता, कभी माता, कभी सखा और कभी भाई के रूप में वे सदैव हमारी सुरक्षा एवं सहायता के लिए तत्पर हैं। सेवा केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, “एक रिश्ता—जो जीवन बदल दे…” विषय पर आधारित इस झांकी के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि श्रेष्ठ विचारों एवं सकारात्मक ऊर्जा के आदान-प्रदान से रिश्तों में सुंदरता और मधुरता आती है। वर्तमान समय में अनेक संबंधों में सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मिक जुड़ाव का अभाव दिखाई देता है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के रूप में परमात्मा से आत्मिक रिश्ता जोड़ने का संदेश झांकी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे व्यक्ति आत्म-संतुष्टि एवं आंतरिक शांति का अनुभव कर सके। यह दिव्य एवं मनोहारी झांकी 22 सितंबर तक प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तथा संध्या 5:00 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक सभी के दर्शनार्थ निःशुल्क रहेगी। झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुरक्षा एवं पुलिस विभाग से जुड़े जवानों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों—शिक्षा, राजनीति, मीडिया एवं खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी झांकी का अवलोकन किया। पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान जी ने भी सहपरिवार पहुंचकर श्री कृष्ण की दिव्य झांकी के दर्शन का लाभ लिया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को मेडिटेशन रूम में “एक रिश्ता परमात्मा के साथ” की सुखद अनुभूति कराने के लिए राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही सभी को सुंदर ब्लेसिंग कार्ड प्रदान किए जा रहे हैं, जिनमें जीवन को श्रेष्ठ बनाने वाली आध्यात्मिक प्रेरणाएं दी गई हैं। श्रद्धालु इन संदेशों को पढ़कर अपने जीवन में धारण करने का संकल्प ले रहे हैं। झांकी के अंतिम चरण में बनाया गया भव्य गीता सार सभी को जीवन का गहन आध्यात्मिक संदेश दे रहा है कि अनेक सांसारिक रिश्तों के साथ-साथ हमें एक ऐसा रिश्ता परमात्मा के साथ भी जोड़ना है, जो जीवन को सकारात्मक दिशा एवं आंतरिक शक्ति प्रदान करे।



