रायपुर। 05 सितम्बर, 2026, (सीजी संदेश) : रायपुर जन शिक्षण संस्थान (JSS) के निदेशक अतुल सिंह ने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल से शिष्टाचार भेंट कर भारत सरकार की जन शिक्षण संस्थान योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने योजना को 30 सितंबर 2026 के बाद भी जारी रखने तथा दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में इसका विस्तार किए जाने के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय से पहल करने का आग्रह सांसद से किया।
अतुल सिंह ने सांसद को बताया कि जन शिक्षण संस्थान योजना का इतिहास वर्ष 1967 में शुरू हुए श्रमिक विद्यापीठ से जुड़ा है। वर्ष 2000 में भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय ने इसे अपने अधीन लेकर ग्रामीण क्षेत्रों, शहरों के कम आय वाले समुदायों तथा समाज के अन्य वंचित वर्गों के लोगों की आजीविका बेहतर बनाने के उद्देश्य से व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन शुरू किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में यह योजना प्रारंभ में केवल सात जिलों तक सीमित थी। वर्ष 2018-19 में योजना को कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय को स्थानांतरित किया गया और इसे कौशल विकास एवं उद्यमशीलता से जोड़ा गया। इसके बाद वर्ष 2021-22 में योजना का विस्तार करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य रूप से बस्तर संभाग के सात अन्य जिलों में भी इसे प्रारंभ किया गया।वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में जन शिक्षण संस्थान योजना संचालित है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, कोरिया, सरगुजा, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर (जगदलपुर) शामिल हैं।
देश के 296 जिलों में संचालित है योजना
अतुल सिंह के अनुसार जन शिक्षण संस्थान योजना के अंतर्गत कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के 296 जिलों में संचालित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों का क्रियान्वयन गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के माध्यम से देशभर में लगभग 2,500 कर्मचारी और करीब 13,500 प्रशिक्षक जुड़े हुए हैं। प्रतिवर्ष लगभग 5.30 लाख लोगों को इस योजना के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित करने के लिए इसकी कार्ययोजना पांच-पांच वर्षों के लिए तैयार करती है। समय और परिस्थितियों के अनुसार इसमें आवश्यक संशोधन कर अगले पांच वर्षों के लिए इसका विस्तार किया जाता है।
30 सितंबर के बाद योजना के विस्तार की मांग
अतुल सिंह ने बताया कि कोरोना काल के दौरान लगभग दो वर्ष प्रभावित होने के कारण योजना का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। वर्तमान में योजना को 30 सितंबर 2026 तक ही अनुमति प्राप्त है और इसके आगे विस्तार का विषय विचाराधीन है। उन्होंने सांसद विजय बघेल से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में कौशल विकास एवं उद्यमिता के महत्व तथा जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए जन शिक्षण संस्थान योजना को 30 सितंबर 2026 के बाद भी जारी रखा जाए। साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की तर्ज पर पर्याप्त फंडिंग उपलब्ध कराते हुए इसका विस्तार दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में भी किया जाए, ताकि क्षेत्र के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।



