भिलाई। 16अप्रैल, 2026, (सीजी संदेश) : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी। यह अधिनियम न केवल महिलाओं को राजनीतिक मंच पर सशक्त करेगा, बल्कि समाज में उनके अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती देगा। वर्षों से चली आ रही महिलाओं की समान भागीदारी की मांग अब साकार होती नजर आ रही है।
आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, व्यापार और खेल सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में नारी शक्ति वंदन अधिनियम उनके नेतृत्व को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा नई पीढ़ी की महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए केंद्र सरकार का अभिनंदन करते हुए कहा गया कि यह कदम देश के लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं मजबूत बनाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि नीति निर्माण में महिलाओं की आवाज को उचित स्थान मिले। अंत में सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे महिला सशक्तिकरण के इस अभियान का समर्थन करें और समाज में महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। अधिनियम का स्वागत करने वाले में प्रमुख रूप से शारदा गुप्ता, विनोद उपाध्याय, निशुपांडे, कन्हैया सोनी, मदन सेन, डॉ रमेश श्रीवास्तव, बृजमोहन उपाध्याय, बंटी नाहर, अखिलेश वर्मा, जेपी घनघोरकर, संतोष जयसवाल, गुरनाम सिंह, महेश वर्मा, ओमप्रकाश यादव, राजू, सुभाष शर्मा, रमेश देशमुख, नेहरू साहू निर्मल भारती छोटू पासवान मृगेंद्र कुमार, हरीशचंद्र भारत. शक्ति सिंह, टिंकू संजय दुबे, संजय साहू, गिरीश दिलीप दामले, नरेश संतोष सोनी अमोल साहु अनिल सिंह पीसी प्रसाद योगेश यदु मूकेश अजय प्रसाद है।



