दुर्ग। 16अप्रैल, 2026, (सीजी संदेश) : देश की राजनीति में ऐतिहासिक माने जा रहे महिला आरक्षण बिल को लेकर जहां पूरे देश में चर्चा है, वहीं दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण होगा। दुर्ग लोकसभा के अंतर्गत वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से पांच प्रमुख महिला नेत्रियों को 17 अप्रैल को लोकसभा में इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का साक्षी बनने हेतु दिल्ली आमंत्रित किया गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से दिव्या रतन भसीन, डॉ. मानसी गुलाटी, दिव्या कलिहारी और रीना साहू शामिल हैं। इन सभी को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संसदीय क्षण का प्रत्यक्ष साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया जाना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
वैशाली नगर से उभरता महिला नेतृत्व
इस पूरे घटनाक्रम से सभी का ध्यान वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र पर केंद्रित हो गया है। यह क्षेत्र पहले ही राजनीतिक दृष्टि से सक्रिय रहा है, केंद्र सरकार की इस पहल से महिला नेतृत्व के उभार को नई पहचान मिलेगी। खासतौर पर दिव्या रतन भसीन की जो की पूर्व विधायक एवं महापौर स्वर्गीय विद्यारतन भसीन की पुत्री है। क्षेत्र में पहले से ही उनकी सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता ने उन्हें इस प्रतिनिधिमंडल का प्रमुख चेहरा बना दिया है। दिव्या रतन भसीन ने अपने पिता के सामाजिक कार्यों और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी नई पहचान बनाई है। महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। यही कारण है कि उन्हें इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए प्राथमिकता के साथ आमंत्रित किया गया है।
महिला आरक्षण बिल और बदलते राजनीतिक संकेत
महिला आरक्षण बिल को भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का यह प्रयास लंबे समय से लंबित था। अब जब यह प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर है, तब विभिन्न क्षेत्रों से महिला प्रतिनिधियों को इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनाना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से महिला नेत्रियों को आमंत्रित करना केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका और प्रभाव बढ़ने वाला है।



