भिलाई। 02 मई, 2026, (सीजी संदेश) : चन्द्रमणि बुद्ध विहार परिसर कैम्प 1 भिलाई मे चन्द्रमणि जनकल्याण विकास समिति कैम्प 1 भिलाई द्वारा तथागत भगवान गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती समारोह का आयोजन अनिल मेश्राम प्रदेश अध्यक्ष दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के मुख्य आतिथ्य मे तथा समिति की अध्यक्ष अनिता मेश्राम की अध्यक्षता मे संपन्न हुआ।
समारोह के प्रारंभ मे तथागत भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा व तैलचित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किये गये उसके पश्चात त्रिशरण पंचशील का सामूहिक पठन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए अनिल मेश्राम ने कहा कि गौतम सिद्धार्थ ने गृह त्याग कर दुख निवारण के उपाय, चार आर्य सत्य, आर्य आष्टांगिक मार्ग सहित जीवन जीने हेतु मध्यम मार्ग की खोज की ऐसे महान कार्य प्रत्येक गृह त्याग करने वाला उपासक नही कर सकता। अनिता मेश्राम ने कहा कि जब तप साधना के दौरान गौतम सिद्धार्थ का शरीर अत्यंत कमजोर व निरीह हो गया था तब सुजाता की खीर से गौतम सिद्धार्थ के प्राणो मे संचार हुआ और उसके कुछ समय बाद ही गौतम सिद्धार्थ को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी इसलिए बुद्धिज्म मे खीर वितरण का एक विशेष महत्व होता है। कोषाध्यक्ष गौतम खोब्रागड़े ने कहा कि वैशाख पूर्णिमा के दिन ही गौतम सिद्धार्थ का जन्म हुआ, वैशाख पूर्णिमा के दिन गौतम सिद्धार्थ को बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई और वैशाख पूर्णिमा के दिन ही तथागत भगवान गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है। समारोह को संबोधित करते हुए जी.डी. राऊत, संगीता पटेल एवं अन्य वक्ताओ ने कहा कि वर्तमान समय मे दुनिया के अनेक देश आपस मे लड़कर वैश्विक शांति को भंग कर रहे है जो कि विश्व हित मे कतई उचित नही है, इन देशो को भगवान बुद्ध के बताए शांति व मध्यम मार्ग पर चलकर मानव हितो की रक्षा करनी चाहिए। समारोह मे अनेक बौद्ध उपासक उपासिकाऐ उपस्थित थी। इस अवसर पर गीतिका मेश्राम व अन्य बच्चो द्वारा बुद्ध गीतो का गायन भी प्रस्तुत किया गया।



