भिलाई,28 अक्टूबर 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र मे डिस्पैच और परिवहन व्यवस्था में आ रही समस्याओं को लेकर भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं स्टील चैंबर भिलाई के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग सांसद विजय बघेल से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम), सर्वर की तकनीकी दिक्कतों, वाहनों की IN-OUT प्रक्रिया में देरी और गेटों पर प्रवेश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से बताया।
प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सांसद विजय बघेल ने तत्काल BSP के CEO चित्तरंजन महापात्रा से चर्चा की। साथ ही CISF DIG चंदन झा से भी फोन पर बातचीत कर संयंत्र के गेटों पर ट्रांसपोर्टरों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया। सांसद ने समस्याओं का जल्द निराकरण कर वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गेटों पर वाहनों की संख्या में कमी से परिवहन कार्य प्रभावित
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सांसद को सौंपे गए लिखित आवेदन में विभिन्न गेटों पर वाहनों के प्रवेश में कमी आने की जानकारी दी। एसोसिएशन के अनुसार, पहले की तुलना में अब कई गेटों पर प्रतिदिन कम गाड़ियां प्रवेश कर पा रही हैं, जिससे डिस्पैच और परिवहन कार्य प्रभावित हो रहा है।
एसोसिएशन द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक:
– रोलिंग मिल गेट: पहले प्रतिदिन लगभग 120 से 130 गाड़ियां प्रवेश करती थीं, जबकि वर्तमान में 50 से 60 गाड़ियां ही प्रवेश कर पा रही हैं।
– डिस्पोजल गेट: पहले लगभग 60 से 65 गाड़ियों की आवाजाही होती थी, जो अब घटकर 25 से 30 रह गई है।
– बोरिया गेट: पहले लगभग 105 से 110 गाड़ियां प्रवेश करती थीं, जबकि वर्तमान में करीब 70 से 80 गाड़ियों को ही प्रवेश मिल पा रहा है।
एसोसिएशन ने इन आंकड़ों के आधार पर गेटों की व्यवस्था में सुधार और वाहनों की आवाजाही बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
VTS और सर्वर की तकनीकी समस्याओं से हो रही देरी
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विभिन्न गेटों पर VTS और सर्वर के बार-बार प्रभावित होने से वाहनों की एंट्री और निकासी की प्रक्रिया में देरी होती है। इससे ट्रांसपोर्टरों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है और परिवहन की गति पर असर पड़ता है।
इसके अलावा, गेटों के आसपास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने, खाली वाहनों के प्रवेश और लोडेड वाहनों की निकासी के लिए अलग व्यवस्था की जरूरत तथा ऑटोमेशन चेकिंग सिस्टम लागू करने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
एसोसिएशन ने यह मांग भी रखी कि वाहनों की लोडिंग पूरी होने के बाद दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित किया जाए, ताकि गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रुकना न पड़े।
खाली और लोडेड वाहनों के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग
एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए पत्र में खाली वाहनों के प्रवेश और लोडेड वाहनों की निकासी के लिए अतिरिक्त गेट की व्यवस्था पर भी ध्यान आकर्षित किया गया। पत्र के अनुसार, संयंत्र में अतिरिक्त गेट की सुविधा विकसित करने से वाहनों का आवागमन बेहतर हो सकता है और मौजूदा गेटों पर दबाव कम किया जा सकता है।
इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था में सुधार, VTS एवं सर्वर की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान और प्रवेश प्रक्रिया को तेज करने की मांग की गई, ताकि ट्रांसपोर्टरों के समय और परिचालन लागत की बचत हो सके।
सांसद ने CEO और CISF DIG से की चर्चा
ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं पर सांसद विजय बघेल ने BSP CEO चित्तरंजन महापात्रा से तत्काल चर्चा कर तकनीकी एवं परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने CISF DIG चंदन झा से भी फोन पर चर्चा करते हुए गेटों पर वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाने और ट्रांसपोर्टरों को हो रही परेशानियों का जल्द समाधान करने का विषय उठाया।
इस पहल का उद्देश्य संयंत्र के गेटों पर प्रवेश और निकासी की प्रक्रिया को बेहतर बनाना, डिस्पैच में होने वाली देरी कम करना तथा ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा करना है। हालांकि, समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
बैठक में स्टील चैंबर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में स्टील चैंबर की ओर से पवन अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल और दिनेश अग्रवाल शामिल हुए।
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल चौधरी, महासचिव मलकीत सिंह, संरक्षक महेंद्र सिंह, बलजिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष जोगा राव, सचिव शाहनवाज कुरैशी, मुन्ना सिंह, उमेश सिंह, दिलीप खटवानी, रिज्जु सिंह, विक्रम अग्रवाल, अमित सिंह, गजेंद्र साहू, सुधीर सिंह, मोनी, अरविंद, चलपत राव, आनंद सिंह, गुरप्रीत सिंह और प्रशांत सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा के लिए संगठन प्रतिबद्ध
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा कि संगठन ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा और भिलाई इस्पात संयंत्र में परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। एसोसिएशन का कहना है कि गेटों पर तकनीकी समस्याओं का समाधान और प्रवेश-निकासी की प्रक्रिया में सुधार होने से न केवल ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी, बल्कि संयंत्र के डिस्पैच कार्य को भी गति मिलेगी।
अब ट्रांसपोर्टरों को उम्मीद है कि सांसद विजय बघेल की पहल के बाद BSP प्रबंधन और CISF के समन्वय से समस्याओं का जल्द निराकरण होगा और संयंत्र के विभिन्न गेटों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकेगी।


