भिलाई तीन 31 अक्टूबर 2026।श्री जय जगन्नाथ सेवा समिति एवं नगरवासियों के तत्वावधान में मंगल भवन के सामने आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक पंडित युवराज पांडेय ने ध्रुव चरित्र, भरत चरित्र और परीक्षित जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, वैराग्य और अच्छे संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञानी सदैव विनम्र होता है।
पंडित युवराज पांडेय ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि बालक ध्रुव ने अपमान और उपेक्षा के बाद भी निराश होने के बजाय दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति से भगवान की आराधना की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन दिए। यह प्रसंग सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा, धैर्य और संकल्प से लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। भरत चरित्र के माध्यम से उन्होंने जीवन में वैराग्य और साधना का महत्व बताया। परीक्षित जन्म की कथा सुनाते हुए भगवान की कृपा और भक्तों की रक्षा का प्रसंग रखा। ज्ञान का परिचय नम्रता है। व्यक्ति के पास जितना अधिक ज्ञान होगा, उसका व्यवहार उतना ही विनम्र होगा। ज्ञान बढ़ने के साथ अहंकार नहीं, बल्कि सहजता और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसा अन्न होगा, वैसा ही मन बनेगा। इसलिए भोजन हमेशा सोच-समझकर और उचित स्थान पर करना चाहिए। भोजन बनाने और खिलाने वाले के मन में भी अच्छे भाव होने चाहिए, क्योंकि इसका प्रभाव व्यक्ति के विचारों और संस्कारों पर पड़ता है।

आयोजन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कथा का श्रवण करने पहुंचे। उन्होंने व्यासपीठ की पूजा अर्चना भी की। इस दौरान समिति के पदाधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।कथा के आगामी प्रसंगों में 31 अक्टूबर को अजामिल उपाख्यान और भक्त प्रह्लाद की कथा, एक नवंबर को समुद्र मंथन, सूर्यवंश और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, दो नवंबर को बालकृष्ण की लीलाएं और दही लूट, तीन नवंबर को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह एवं महारास का वर्णन होगा। चार नवंबर को चढ़ौत्री, तुलसी वर्षा, गीता दान और हवन-पूजन के साथ कथा का समापन होगा। कथा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,अध्यक्ष सुजीत बघेल, मनीष बंछोर,कुर्मी समाज की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती दुलारी वर्मा नहीं महाराज का फूल माला से मना किया कथा में अनेक लोगों उपस्थित थे।भिलाई 3 में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा पूज्य पंडित युवराज पांडे जी राष्ट्रीय कथा वाचक के मुखारविंद से कथा का वाचन भागवत जी के महतम के बारे में विस्तार से कथा का वाचन किया गया पंडित जी की कथा को श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं का बहुत भीड़ लगा हुआ था पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी आगमन कथा प्रांगण में हुआ एवं पंडित जी का आशीर्वाद ग्रहण किया मुख्य यजमान सुजीत बघेल की अनुपमा बघेल गणेश शुक्ला मंजू शुक्ला जी लेख राम मढ़ैया जी प्रेमलता मढ़रिया मनीष बंछोर जी सरोज यादव जवाहर यादव लालू प्रसाद वर्मा सतीश धुरंधर अरुण वर्मा खिलेश वर्मा दुलारी वर्मा विटावन वर्मा आदि भागवत प्रेमी सज्जनों ने रसपान।


