भिलाई। 07 अक्टूबर, 2026, (सीजी संदेश) : साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम के लेनदेन में सहयोग करने वाले 08 आरोपियों के विरुद्ध थाना नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर एवं छावनी पुलिस तथा एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई। आरोपियों द्वारा 2,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन/प्रतिफल के लालच में बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं विवेचना से संबंधित खातों में साइबर ठगी की लाखों रुपये से अधिक राशि के लेनदेन की जानकारी सामने आई। थाना नेवई के 03, भिलाई नगर के 02 तथा पुरानी भिलाई, पाटन एवं छावनी के 01-01 आरोपी सहित कुल 08 आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई की गई।*
मुख्य बिंदु
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराध एवं म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में उपयोग किए गए बैंक खातों की जांच की गई। तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों के विश्लेषण एवं उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर कुल 08 आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिवत वैधानिक कार्रवाई की गई।
साइबर ठगी की घटनाओं में ठगी की रकम को सीधे अपराधियों के खातों में रखने के बजाय अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर छिपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। इसी क्रम में दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से संबंधित बैंक खातों एवं उनके लेनदेन का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ खाताधारकों द्वारा आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं मोबाइल सिम अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे। संबंधित व्यक्तियों द्वारा इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन एवं अंतरण के लिए किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ खाताधारकों को 2,000 रुपये से 15,000 रुपये तक कमीशन/प्रतिफल दिया गया, जबकि एजेन्टों द्वारा खाताधारकों से बैंक खाता संबंधी दस्तावेज एवं साधन प्राप्त कर आगे उपलब्ध कराने के बदले 15,000 से 20,000 रुपये तक कमीशन प्राप्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपये से अधिक राशि के लेनदेन पाए गए हैं। इस आधार पर दिनांक 07 अक्टूबर को थाना नेवई, थाना पुरानी भिलाई, थाना पाटन, थाना भिलाई नगर, थाना छावनी एवं एसीसीयू की टीमों द्वारा संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी आर्थिक लाभ/कमीशन के लालच में स्वयं के अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते प्राप्त कर उनके साथ संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड एजेन्टों/अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने एवं वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था। एजेन्ट खाताधारकों से बैंक खाता संबंधी साधन प्राप्त कर कमीशन के बदले आगे उपलब्ध कराते थे।
घटना स्थल
यह कार्रवाई थाना नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर एवं छावनी थाना क्षेत्रों से संबंधित साइबर ठगी के प्रकरणों में की गई है।
अपराध क्रमांक एवं धाराएं
1. थाना नेवई—अपराध क्रमांक 306/2026 एवं 596/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
2. थाना पुरानी भिलाई—अपराध क्रमांक 497/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
3. थाना पाटन—अपराध क्रमांक 325/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
4. थाना भिलाई नगर—अपराध क्रमांक 522/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
5. थाना छावनी—अपराध क्रमांक 626/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
आरोपी का नाम
1. महादेव साहू, उम्र 48 वर्ष, निवासी लुचकी पारा, दुर्ग, थाना दुर्ग।
2. पीलू खिलाड़ी, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम सुरपा, थाना जामगांव।
3. विराज कुमार पोल, उम्र 21 वर्ष, निवासी क्वार्टर नंबर 114, रिसाली सेक्टर, भिलाई, थाना नेवई।
4. नीरज कुमार प्रसाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी सेक्टर-7, सड़क 21ए, क्वार्टर नंबर 12एफ, भिलाई नगर, थाना भिलाई नगर।
5. राबिन सिंह, उम्र 34 वर्ष, निवासी शॉप नंबर 27, सेक्टर-7, भिलाई, थाना भिलाई नगर।
6. विशु बंजारे, उम्र 23 वर्ष, निवासी डुमरडीह, उतई, थाना उतई।
7. नवीन ठाकुर, उम्र 23 वर्ष, निवासी संजय नगर, रमन मोहल्ला, सुपेला, थाना सुपेला।
8. टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर, उम्र 61 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 6, ड्रीम सिटी, भिलाई, थाना पुरानी भिलाई।
जप्त सामग्री
1. बैंक खातों से संबंधित पासबुक।
2. एटीएम कार्ड एवं चेकबुक।
3. मोबाइल सिम कार्ड।
4. मोबाइल फोन एवं अन्य संबंधित दस्तावेज।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना नेवई, थाना पुरानी भिलाई, थाना पाटन, थाना भिलाई नगर, थाना छावनी एवं एसीसीयू में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके द्वारा बैंक खातों के लेनदेन का तकनीकी विश्लेषण, संबंधित व्यक्तियों की पहचान एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराने पर उसका उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया जा सकता है, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। यदि आपके बैंक खाते अथवा बैंकिंग साधनों का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत उपयोग किया गया है, तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर पुलिस को सूचना दें तथा साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन भी दर्ज कराएं। शिकायत की प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें।



