भिलाई। 12अगस्त, 2026, (सीजी संदेश) : गुरु घासीदास सेवा समिति सेक्टर-6 भिलाई दुर्ग के तत्वावधान में मिनीमाता का 54वाँ स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर समिति द्वारा प्रतिमा अनावरण, भूमि पूजन एवं भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष आदरणीय बी. एल. कुर्रे द्वारा की गई। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. जीवन लाल घिडले, डॉ. ए. डी. बनर्जी, एस. एल. मिर्चे, हिरामन बंजारे, श्रीमती उर्मिला भास्कर, श्रीमती सुधा कुर्रे एवं श्रीमती ममता बंजारे उपस्थित रहे।
विधिवत पूजा-अर्चना एवं भव्य शुभारंभ:
कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों की उपस्थिति में पूरी निष्ठा के साथ विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। सर्वप्रथम, मिनीमाता की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। अनावरण के पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों और स्वजातीय बंधुओं ने मिनीमाता के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उपस्थित जनसमूह द्वारा सामूहिक गुरु आरती की गई, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। आरती के पश्चात मुख्य कार्यक्रम व पवित्र भूमि पूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र यादव का उद्बोधन:
समारोह को संबोधित करते हुए कहा, मिनीमाता का जीवन त्याग, समाज सुधार, सेवा और ममता का साक्षात प्रतीक था। आज उनके 54वें स्मृति दिवस पर प्रतिमा का अनावरण और ममतामयी मिनीमाता सभागार के डोम शेड के लिए भूमि पूजन होना बेहद गौरव की बात है। बाबा गुरु घासीदास के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश और मिनीमाता के आदर्शों को आत्मसात करके ही हम एक सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।” उन्होंने प्रतिभावान बच्चों की सराहना करते हुए कहा, “10वीं, 12वीं सहित NEET और JEE जैसी कठिन परीक्षाओं में 80% से अधिक अंक लाने वाले समाज के ये बच्चे भिलाई ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का भविष्य हैं। शिक्षा ही उन्नति का सबसे बड़ा हथियार है।”समिति के अध्यक्ष बी. एल. कुर्रे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में समिति की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, “गुरु घासीदास सेवा समिति सामाजिक चेतना, भाईचारे और प्रतिभाओं को निखारने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। आज मिनीमाता की प्रतिमा अनावरण और भूमि पूजन के साथ हमारे संकल्पों को एक नई दिशा मिली है। समाज के वरिष्ठ जनों का मार्गदर्शन और युवाओं का उत्साह ही हमारी असली ताकत है। समिति भविष्य में भी गरीब व जरूरतमंद मेधावी छात्रों की शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर उपस्थित अन्य अतिथियों डॉ घीडले, डॉक्टर बनर्जी, श्री मिरचे, हिरावन बंजारे, श्रीमती ममता बंजारे, श्रीमती सुधा कुर्रे, श्रीमती उर्मिला भास्कर के द्वारा मिनी माता के जीवन दर्शन पर विचार रखा गया उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में समाज को हर संभव सहयोग देने की बात कही। श्री एस पी बारले ने सत्यध्वज पत्रिका के बारे में जानकारी दी।
प्रतिभा सम्मान एवं अतिथियों का सत्कार:
इस समारोह में समिति द्वारा शैक्षणिक सत्र में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं, तथा NEET, JEE एवं अन्य प्रतियोगी व व्यावसायिक क्षेत्रों में सफलता का परचम लहराने वाले प्रतिभावान बच्चों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) देकर सम्मानित किया गया सत्यध्वज पत्रिका के तृतीय अंक तथा समाज के युवा लेखक भावेश महिलांग द्वारा लिखित मिनीमाता के गौरवगाथा पुस्तक का मंचासीन आतीथीयो के द्वारा विमोचन किया गया। इसके साथ ही, समाज की गौरवमयी परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों को मोमेंटो एवं श्वेत (सफेद) गमछा भेंट कर समिति की ओर से भावभीना आदर व सम्मान प्रकट किया गया। इस कार्यक्रम मे समिति के प्रबन्धकारणी व हजारों समाजिक गणो कि उपास्थिती रही सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन:संपूर्ण कार्यक्रम का अत्यंत कुशल और सफल संचालन समिति के महासचिव आदरणीय एन. आर. गिलहरे द्वारा अपनी चिरपरिचित ओजस्वी शैली में किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अतिथियों, स्वजातीय बंधुओं, माताओं, प्रबुद्ध जनों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों के प्रति समिति के सचिव दिवाकर गायकवाड़ ने आभार प्रकट किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। राज महंत जवाहर कौशल के नेतृत्व में भजन मंडली द्वारा भजन एवं पंथी गीत की प्रस्तुति दी गई।




