दुर्ग। 07 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : साइबर ठगी में म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले संगठित नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए, दो प्रकरणों में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, दुर्ग पुलिस द्वारा अब तक 123 खाताधारकों पर वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपी साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, छिपाने, स्थानांतरित करने एवं अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इस पूरे प्रकरण में पहले मामले में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर 08 खाताधारकों को गिरफ्तार कर विभिन्न मोबाइल, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड जप्त किए। वहीं दूसरे मामले में थाना छावनी पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार 15 आरोपियों के अतिरिक्त संगठित गिरोह के 02 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस प्रकरण में कुल गिरफ्तारी 17 हो गई है। साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी है तथा अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश एवं विवेचना सतत जारी है।
भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों का परीक्षण किया गया। जांच में यह पाया गया कि विभिन्न बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि प्राप्त होकर अन्य खातों में स्थानांतरित की गई, जिससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि संबंधित खाताधारकों द्वारा स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, छिपाने एवं स्थानांतरित करने के उद्देश्य से किया गया। उक्त कृत्य भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 318(4) बीएनएस के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर दोनों थानों में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई, जिसमें विवेचना के दौरान 08 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड जप्त किए गए।
इसी प्रकार थाना छावनी में पंजीबद्ध प्रकरण में पूर्व में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी। विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपी प्रेमलाल कौशिक एवं ललित कुमार को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश एवं विवेचना जारी है।
▪️ घटना का कारण :
साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि को प्राप्त करने, छिपाने, विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करने तथा कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करना।
▪️ घटनास्थल :
थाना सिटी कोतवाली एवं थाना छावनी क्षेत्र, जिला दुर्ग।
▪️ आरोपीगण का नाम :
1. मोदित कुमार जैन, उम्र 26 वर्ष, निवासी नूतन चौक, भिलाई-3।
2. करण टण्डन, उम्र 21 वर्ष, निवासी पांच रास्ता, सुपेला, भिलाई।
3. अवध किशोर, उम्र 55 वर्ष, निवासी सेक्टर एच, खुर्सीपार, भिलाई।
4. संकेत कुमार दास, उम्र 27 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई।
5. रविन्द्र कौशिक, उम्र 20 वर्ष, निवासी दुर्गा मंदिर, खुर्सीपार।
6. शहबाज आलम, उम्र 26 वर्ष, निवासी जवाहर नगर, जामुल।
7. ए. सागर, उम्र 36 वर्ष, निवासी वृंदा नगर, सुपेला।
8. प्रिती कौर, उम्र 37 वर्ष, निवासी गांधी कॉलोनी, सुपेला।
9. प्रेमलाल कौशिक, उम्र 23 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई।
10. ललित कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई।
▪️ जप्त सामग्री :
1. विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन।
2. इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक।
3. इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम कार्ड।
4. आरोपियों के आधार कार्ड।
▪️ सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली एवं थाना छावनी की पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी विवेचना करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रयास जारी हैं।
▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। कमीशन अथवा प्रलोभन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराना भी दंडनीय अपराध है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।




