भिलाई। 22 जून, 2026, (सीजी संदेश) : चरोदा हाइड फेस-2 में संचालित आत्मनिर्भर रेजिडेंशियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के वर्तमान संचालन और कार्यप्रणाली से नाराज रहवासियों ने एकजुट होकर समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में मकान मालिकों एवं किरायेदारों ने उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला दुर्ग श्री सतीश कुमार पाटले को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर नई समिति एवं नई कार्यकारिणी गठित करने की मांग की।
ज्ञापन में रहवासियों ने आरोप लगाया है कि चरोदा हाइड फेस-2 में कुल 60 मकान हैं, जिनमें से 48 मकानों में परिवार निवासरत हैं, जबकि शेष मकान बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कॉलोनी का संचालन हाउसिंग बोर्ड गृह निर्माण मंडल द्वारा तथा विद्युत आपूर्ति विद्युत मंडल द्वारा की जाती है। इसके बावजूद यहां आत्मनिर्भर रेजिडेंशियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के नाम से एक समिति संचालित की जा रही है। रहवासियों का कहना है कि समिति का औपचारिक गठन वर्ष 2022 में हुआ, जबकि वर्ष 2019 से ही रहवासियों से प्रति माह 500 रुपये की राशि वसूली जा रही है।
रहवासियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान समिति के पदाधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं तथा सदस्यों की समस्याओं और सुझावों की अनदेखी की जाती है। उनका कहना है कि समिति द्वारा नियमों के विपरीत निर्णय लिए जाते हैं और किसी भी विषय पर आम सहमति बनाने का प्रयास नहीं किया जाता।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कॉलोनी में पार्किंग क्षेत्र से पेट्रोल चोरी की घटनाएं सामने आने के बावजूद सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध किया गया। इसके अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने तथा सभी निवासियों को समान रूप से पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाए गए हैं।
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वर्ष पूर्व कॉलोनी परिसर के दो बड़े पेड़ों को बिना पर्याप्त सहमति के कटवा दिया गया था। साथ ही किरायेदारों के साथ दुर्व्यवहार करने, नए किरायेदारों के प्रवेश में अनावश्यक हस्तक्षेप करने तथा आम नागरिकों के साथ असहयोगात्मक व्यवहार अपनाने की शिकायतें भी ज्ञापन में दर्ज कराई गई हैं।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे रहवासियों ने कहा कि वर्तमान समिति के प्रति लोगों का विश्वास समाप्त हो चुका है। इसलिए कॉलोनी के हित में वर्तमान कार्यकारिणी को तत्काल भंग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नई समिति एवं नई कार्यकारिणी का गठन कराया जाना आवश्यक है।
उपायुक्त सहकारिता को सौंपे गए ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा रहवासियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।




