दुर्ग। 05 जून, 2026, (सीजी संदेश) : कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई है। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील में पारित कड़े आदेशों और विगत 5 मई 2026 को जारी गाइडलाइंस के परिपालन में जिले के ग्रामीण इलाकों में ’ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ को पूरी कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब जिले में खुले में कचरा फेंकने, डंप करने, उसे जलाने या दबाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों की चौबीसों घंटे सख्त निगरानी करने और पर्यावरणीय मानकों को बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक ’विशेष टास्क फोर्स’ (समिति) का भी गठन किया गया है, जो कचरा प्रबंधन से जुड़े हर मोर्चे पर पैनी नजर रखेगी। आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह के अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने इस अभियान के तहत कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि विगत दिवस अभियान अंतर्गत एक दिवसीय हाई-टेक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस कार्यशाला में जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन की समस्त 300 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों समेत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) व स्वच्छ भारत मिशन के 300 से अधिक मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों (बीपीएम, एरिया कोऑर्डिनेटर, पीआरपी, एफएल सीआरपी, कृषि, पशु व पोषण सखियों) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इससे पूर्व विकासखण्ड स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों को इस अधिनियम के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है।
सीईओ श्री दुबे ने अवगत कराया कि नए नियमों के मुताबिक, जिले की तस्वीर बदलने के लिए 5 बड़े मोर्चों पर कड़ाई से काम किया जाएगा, जिसमें स्रोत से ही कचरे का पृथक्कीकरण, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कलेक्शन, वैज्ञानिक डिस्पोजल, पुराने डंपिंग यार्डों (लिगेसी वेस्ट) का खात्मा और स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना शामिल है। आम नागरिकों के लिए अब अपने घरों से निकलने वाले कचरे को 4 श्रेणियों (गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट) में बांटकर देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों या जल स्रोतों पर कचरा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अब बिना स्थानीय निकाय की पूर्व अनुमति के 100 से अधिक व्यक्तियों का कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकेगा, और बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) को ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराकर अपने गीले कचरे के निपटान के लिए स्वयं कंपोस्टिंग या बायोमीथनेशन प्लांट लगाने होंगे। सीईओ श्री दुबे ने पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के मुख्य बिन्दु, महत्वपूर्ण कार्य, किन पर लागू होंगे, जिला कलेक्टर की भूमिका, जिला पंचायत की भूमिका, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी, मुख्य दायित्व, ग्राम पंचायत की भूमिका, बल्क वेस्ट जनरेटर्स, अपशिष्ट उत्पादक की जिम्मेदारी, लक्ष्य एवं समय-सीमा, गतिविधि तथा जिला द्वारा की गई कार्यवाही पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। बैठक में एडीएम वीरेन्द्र सिंह, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण सहित सभी जनपद सीईओ एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।




