भिलाई 23 सितंबर 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नस 06,मे कार्यरत मजदूर की दुःखद दुर्घटना मे हुई मौत के लिए बी एस पी कांट्रेक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सीजू एन्थोनी ने सीधे तौर पर सेल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान सेल है जो कि नवरत्न कंपनी की श्रेणी मे आता है और यह प्रतिष्ठान वैश्विक विपरीत परिस्थितियों मे भी विगत 2 दशकों से लाभ अर्जित कर रहा है। बावजूद प्रबंधन द्वारा 20% श्रमिकों की कटौती की जा रही है।श्रमिकों की लगातार कमी होने के कारण स्थानीय श्रमिकों मे भी रोजगार की समस्या उत्पन्न हो रही है। श्रमिक संख्या मे कटौती के पूर्व लगभग 26000 ठेका श्रमिक संयंत्र मे कार्यरत थे। वही 20%की कटौती से लगभग 5000-6000 श्रमिक बेरोजगार हो गए है। एक ओर केंद्र सरकार स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात करती है वही दूसरी ओर स्किल फुल (कार्यकुशल )श्रमिकों को बेकार किया जा रहा है। हाल ही मे 20%श्रमिक कटौती के अंतर्गत सेक्टर 9 चिकित्सालय के 40 दक्ष कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई।जिनके द्वारा तीन दिनों तक धरना भी दिया गया था, सेल प्रबंधन द्वारा अविलम्ब 20%श्रमिक कटौती के निर्णय को वापस ले अन्यथा भिलाई की आद्योगिक शांति भंग होने मे देर नहीं लगेगी। वर्तमान स्थिति में हजारों श्रमिकों के रोजी रोटी पर संकट मंडरा रहा है।बी एस पी मे लगातार नियमित कर्मचारियों और अधिकारियो की कमी के कारण ठेका श्रमिकों के कार्य के दौरान उचित मार्गदर्शन के अभाव मे कार्य स्थल पर सुरक्षा मानको का शत प्रतिशत पालन नहीं हो पाता है।जिसके कारण लगातार श्रमिक दुर्घटनाओ का शिकार हो रहे है, केवल जिम्मेदार अधिकारीयों को निलंबित कर प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से मुँह नहीं मोड़ सकता है। कालातीत हो चूके संयंत्र के अधोसंरचना आए दिन दुर्घटनाओ को आमंत्रित करते है।ऐसे सवेंदनशील कार्य क्षेत्र की नियमित जाँच और समुचित देखभाल कर वर्तमान मे कार्य कर रहे अधिकारियो और कर्मचारियों पर हो रहे मानसिक दबाव से मुक्त करने की जवाबदारी प्रबंधन की है। श्री एंथनी ने कहा कि संयंत्र की उत्पादन क्षमता जब 4 ऍम टी थी उस समय के कर्मचारियों की संख्या अभी आधे से भी कम हो गई है। जबकि उत्पादन लगभग दुगुना 7ऍम टी हो गया है ये आंकड़े स्पष्ट रूप से सिद्ध करते है कि प्रबंधन केवल उत्पादन के लक्ष्य की ओर देख रहा है।मानव संसाधन से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
उत्पादन का बढ़ना और श्रमिकों का घटना ना तो व्यवहारिक है ना ही तर्कसंगत है, कॉस्ट कंट्रोल करने के लिए कई फिजूल खर्चो मे कमी करना चाहिए ना कि श्रमिकों की संख्या मे कमी करना चाहिए। प्रबंधन को चाहिए कि प्रत्येक निविदा मे नियोजन किए जाने वाले श्रमिकों की संख्या का उल्लेख किया जाना चाहिए। सीजू एन्थोनी ने प्रबंधन से मांग की है कि सुरक्षा की दृष्टि से संयंत्र मे चल रहे ठेका कार्यों की समीक्षा कर श्रमिकों की न्यूनतम संख्या निर्धारित करें, ताकि कार्य स्थल पर अतिरिक्त कार्य का दबाव ना हो और ठेकेदार, श्रमिक एवं बी एस पी के अधिकारी इस तरह से होने वाले दुर्भाग्य जनक घटनाओ के कारण डिप्रेशन पर ना जाए। सोसायटी के पदाधिकारीयों द्वारा आज हुए इस दुर्घटना मे अपनी जान गवाने वाले ठेका श्रमिक स्व विनोद कुमार के प्रति संवेदना प्रकट किए तथा सोसायटी द्वारा प्रदान की जाने वाली 10लाख की बीमा राशि का भुगतान यथा शीघ्र किया जाएगा तथा बी एस पी प्रबंधन से मांग की कि आश्रित परिवार जन को बी एस पी मे अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाय।
श्रमिकों की मौत के जिम्मेदार सेल प्रबंधन : सीजू एंथोनी,,,,, संयंत्र के उत्पादन में हो रही है लगातार वृद्धि गढ़ रहे रोज कीर्तिमान लेकिन कर्मचारी से कोई वास्ता नहीं
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