भिलाई। 08 अक्टूबर, 2026, (सीजी संदेश) : नगर निगम भिलाई में पेवर ब्लॉक कार्यों को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट का स्वागत करते हुए इस पूरे मुद्दे को सामने लाने वाले पार्षद संतोष मौर्य एवं भारतीय जनता पार्टी भिलाई इकाई ने पत्र वार्ता के माध्यम से जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाया है, पार्षद संतोष मौर्य ने कहा कि जांच हुई है तो उसे पूरी तरह स्पष्ट किया जाना चाहिए और जनता के पैसे का एक-एक रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि लगातार उठाए गए सवालों और प्रयासों के कारण मामला जांच के स्तर तक पहुंचा और जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी कुछ बातें सामने आई हैं। हालांकि, रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उन्हें लगता है कि कई महत्वपूर्ण तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर अभी भी पर्याप्त स्पष्टता नहीं है।
श्री मौर्य ने कलेक्टर द्वारा जांच समिति गठित कर जांच कराने और रिपोर्ट नगर निगम को भेजने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने सांसद विजय बघेल, जिला संगठन प्रभारी रामजी भारती, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद महेश वर्मा, जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन सहित भाजपा संगठन और पार्षद दल का भी आभार व्यक्त किया। श्री मौर्य के अनुसार जांच रिपोर्ट में करीब 16 लाख 85 हजार 457 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है, लेकिन उनका दावा है कि माप पुस्तिका में दर्ज विभिन्न कार्यों और मौके की स्थिति को देखते हुए यह राशि कम प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कई तकनीकी, वित्तीय और प्रक्रियात्मक सवालों का अभी स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। उन्होंने जांच समिति और नगर निगम प्रशासन से पूछा है कि स्थल निरीक्षण के दौरान स्थानीय पंचनामा क्यों नहीं बनाया गया और खुदाई, फिलिंग व बेस कंक्रीट की वास्तविक मात्रा का भौतिक सत्यापन किस तरह किया गया। उन्होंने 80 एमएम पेवर ब्लॉक के SOR में प्रावधान नहीं होने के बावजूद कार्य और भुगतान किस आधार पर हुआ, इस पर भी स्पष्ट जवाब मांगा है। इसके अलावा स्वीकृत स्थानों से अलग जगहों पर कार्य कराने, स्थल परिवर्तन की अनुमति, BSP क्षेत्र में कार्य के लिए NOC, माप पुस्तिका में कार्यस्थल की अस्पष्ट जानकारी और Non-SOR आइटम का कार्य नहीं कराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। मौर्य ने कहा कि केवल पेवर ब्लॉक ही नहीं, बल्कि खुदाई, फिलिंग, बेस कंक्रीट, ट्रांसपोर्टिंग सहित सभी मदों की माप, वास्तविक कार्य और भुगतान का मिलान होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट में उठे सभी बिंदुओं की दोबारा विस्तृत जांच कर पूरी स्थिति जनता के सामने रखी जाए। उन्होंने कहा, “जांच हुई है तो पूरी हो। जनता के पैसे का एक-एक रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए।”



