दुर्ग, 02 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी और आई.डी.एस.पी. के नोडल अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे द्वारा चिकन पॉक्स से बचाव के उपाय सुझाएं गए हैं। उन्होंने बताया कि चिकन पॉक्स (चेचक या छोटी माता) वेरिसेला जोस्टर वायरस के कारण होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक संक्रमण है, जिसमें खुजलीदार लाल चकत्ते और तरल पदार्थ से भरे फफोले होते हैं। यह आम तौर पर बच्चों में होता है, लेकिन वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है।बुखार और थकान, दाने निकलने से 1-2 दिन पहले हल्का बुखार, सिरदर्द और कमजोरी महसूस होना।
लाल दाने चेहरे, छाती और पीठ पर छोटे लाल दाने उभरना जो बाद में पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। तरल से भरे फफोले दाने खुजलीदार फफोलों में बदल जाते हैं जिनमें पानी जैसा तरल भरा होता है। पपड़ी जमना 5-7 दिनों के बाद ये फफोले सूखकर पपड़ी बन जाते हैं।टीकाकरण यह सबसे प्रभावी बचाव है। बच्चों को 12-15 महीने और फिर 4-6 साल की उम्र में टीके की दो खुराकें दी जानी चाहिए। आइसोलेशन संक्रमित व्यक्ति को कम से कम एक सप्ताह था जब तक सभी फफोले सूख न जाएं तब तक अलग रखें। हाथों की सफाई साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं और संक्रमित व्यक्ति के तौलिए या कपडे़ साझा न करें।खुजली से राहत कैलामाइन लोशन लगाएं या खुजली कम करने के लिए ओटमील बाथ (दलिया स्नान)का उपयोग करें। कपड़ों का चुनाव त्वचा की जलन को रोकने के लिए ढीले और सूती कपड़े पहनें। नाखून छोटे रखें फफोलों को नोचने से रोकने के लिए नाखून काटें, ताकि घाव में संक्रमण न हो। आहार पर्याप्त पानी पिएं और दलिया या मसले हुए फलों जैसा सुपाच्य भोजन लें। आराम करें शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त नींद और आराम बहुत जरूरी है। तरल पदार्थ पिएं पानी, नारियल पानी और सूप का सेवन बढ़ाएं ताकि निर्जलीकरण न हो। खुजली कम करें लोशन दानों पर लगाएं। ठंडे पानी से स्नान करें। साफ-सफाई संक्रमित व्यक्ति के कपड़े और बिस्तर नियमित रूप से धोएं। नाखून छोटे रखें, बच्चों के नाखून छोटे रखें ताकि खुजली करने पर त्वचा न फटे।आइसोलेशन जब तक सारे फफोले सूखकर पपड़ी न बन जाएं तब तक स्कूल या काम पर न जाएं। डॉ. की सलाह बुखार के लिए केवल पैरासिटामोल लें। नाखून छोटे रखें ताकि खुजलाने पर घाव न हो। फफोलों को कभी भी फोड़ें या खरोंचें नहीं। मरीज के कपड़े और बिस्तर को गर्म पानी और डेटॉल/ नीम से धोएं। मरीज का तौलिया, कंघी या बर्तन साझा न करें। डॉक्टर की सलाह पर लोशन लगाएं। झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में इलाज में देरी न करें।
चिकन पॉक्स से बचाव के उपाय:वेरिसेला जोस्टर वायरस के कारण होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक संक्रमण
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