भिलाई। 23 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : केपीएस पाटन का वार्षिक उत्सव समारोह विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्ट सांस्कृतिक चेतना एवं विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा का सशक्त प्रमाण बना और कार्यक्रम के उत्साह उमंग और रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया |
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ |अतिथियों का स्वागत छात्राओं द्वारा पुष्प गुच्छ से किया गया | मुख्य अतिथि विजय बघेल सांसद दुर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा कि वार्षिक समारोह केवल मंचीय कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास अभिव्यक्ति एवं नेतृत्व क्षमता को निकालने का सशक्त माध्यम है| उन्होंने शिक्षा संस्कार और अनुशासन को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया | संस्कारी शिक्षा ही सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करती है जब शिक्षा को सांस्कृतिक आधार मिलता है तभी व्यक्तित्व पूर्ण रूप से विकसित होता है | उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादों को ताजा करते हुए बच्चों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया । उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण अनुशासन और निरंतर परिश्रम का मंत्र दिया एवं बच्चों के द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रम में आत्मविश्वास एवं अनुशासन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की | पालको को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि आपका बच्चा वही बनेगा जो आप उसे बनाना सिखाएंगे आज का छोटा प्रयास कल उनके भविष्य को रोशन करेगा | उन्होंने कहा कि आज का यह मंच केवल रंगारंग कार्यक्रमों का नहीं बल्कि बचपन के सपनों मेहनत की मुस्कान और उज्जवल भविष्य का मंच है | अंत में सांसद विजय बघेल ने इस सफल एवं भव्य वार्षिक समारोह के आयोजन के लिए विद्यालय परिवार की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा विद्यालय प्रबंधन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।”
प्रथम सत्र के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दुर्ग जिले के एसएसपी विजय अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुरक्षा ही जीवन का मूल होना चाहिए इसमें किसी भी प्रकार की भूल नहीं होनी चाहिए | उन्होंने कहा कि केवल बच्चों को ही नहीं बड़ों को भी जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए उन्होंने विशेष रूप से दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना और कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के अनिवार्यता पर जोर दिया उन्होंने कहा कि जब सड़क दुर्घटना होती है तो उसका असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरा परिवार इस त्रासदी को वर्षों तक झेलता है , इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना किसी कानून का डर नहीं बल्कि अपने परिवार की प्रति हमारी जिम्मेदारी है । उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले उन पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव न डालें बच्चों का मन कोमल होता है यदि उन्हें तनाव मुक्त माहौल मिलेगा तो वह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे और अच्छे नागरिक अच्छे अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनेंगे| संस्था की डायरेक्टर श्रीमती अनुपमा उपाध्याय ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जीवन से जुड़े अनेक उदाहरणों एवं सारगर्भित सूक्तियों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम और सकारात्मक सोच का संचार करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा गुरु और शिष्य का संबंध केवल शिक्षा देने–लेने का नहीं होता,
यह जीवन को दिशा देने वाला, संस्कारों को गढ़ने वाला और व्यक्तित्व को निखारने वाला पवित्र संबंध होता है।
शिष्य का जीवन एक कच्चे मिट्टी के पात्र के समान होता है,
और गुरु वह कुम्हार होते हैं, जो अपने अनुभव, धैर्य और प्रेम से
उसे एक सुंदर, उपयोगी और मजबूत रूप देते हैं।
इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य मयंक कटकवार ने कहा कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल और संस्कार का संतुलन बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपनी कमजोरियों को अवसर में बदलें और लगातार प्रयासरत रहें। आप सभी के पास असीमित क्षमता और विशाल सपने हैं। आज आप जो संस्कार देंगे, वही कल उनके भविष्य की नींव बनेगा।
आज आप जो मार्गदर्शन करेंगे, वही कल उनकी उड़ान को ऊँचाई देगा। हम भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाना चाहते हैं, तो हमें शिक्षा को हर व्यक्ति तक पहुँचाना होगा—चाहे वह शहर में रहता हो या गाँव में, अमीर हो या गरीब। “पढ़ेगा भारत, तभी तो बढ़ेगा भारत।
अंत में मैं बस इतना ही कहना चाहूँगा कि
शिक्षा ही वह हथियार है, जिससे हम दुनिया को बदल सकते हैं। “जोश, मेहनत और ज्ञान से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
छात्राओं द्वारा वार्षिक गतिविधियों का रिपोर्ट दिया गया फिर कक्षा छठवीं एवं पांचवी के छात्राएं स्वागत गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत की। इसी कड़ी में हमारे विद्यालय के नन्हे कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम आरंभ हुआ जिन्होंने जादू, डिस्को, कार्टून, बहन भाई के प्यार, देशभक्ति, पंजाबी, पंथी राऊत नाच एवं बॉलीवुड के गीतों में एवं प्लेन क्रैश और आजकल की खान-पान पर बच्चों ने बहुत सुंदर रंगारंग प्रस्तुतिकरण से सभी आये हुए अतिथियों एवं अभिभावकों का मन बचपन के यादों में खो गया |
।विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा कार्यक्रम मैं मुख्य रूप से देवी स्तुति, डिजिटल दुनिया, पुरानी यादें, महिला क्रिकेट एवं त्योहार पर आधारित नृत्यों के प्रस्तुतीकरण से सारा ऑडिटोरियम उत्साहित एवं तालियों की गड़गड़ाहट से भर गया था। फिर एक बार बच्चों को उनकी प्रतिभाओं के लिए उनको पुरस्कृत किया गया। इसी कड़ी में बेस्ट टीचर अवार्ड श्रीमती इंदू देवांगन एवं राजकुमार साहू को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया गया । एवं वाहन चालक बेस्ट सारथी का पुरस्कार ओमकार चंद्राकर बच्चों की केयरिंग एवं हाउसकीपिंगके लिए खेमिन दीदी को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती इंदु देवांगन एवं दीप्ति वर्मा के द्वारा किया गया | इस तरह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ , अभिभावक अपने बच्चों के साथ घर की ओर जाते समय अति उत्साहित नजर आ रहे थे | कार्यक्रम के स्पेशल गेस्ट श्रीमती शीतल निकुंज व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी पाटन एवं इस कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि गण श्रीमती निशा सोनी उपाध्यक्ष (नगर पंचायत पाटन), केवल देवांगन सभापति नगर पंचायत पाटन, राजेश चंद्राकर सांसद प्रतिनिधि, राजा पाठक सांसद प्रतिनिधि, कमलेश चन्द्राकर मंडल अध्यक्ष, बाबा वर्मा, अखिलेश मिश्रा, महामंत्री भाजपा अनूप कुमार लकरा S.D.O.P पुलिस, राजेश मिश्रा थाना प्रभारी पाटन सूर्या राव शारदा गुप्ता, हरिशंकर चतुर्वेदी, वशिष्ठ वर्मा पीटीए , कमेटी के सचिव अभिषेक तिवारी, अजीम प्रेमजी, स्कूल रायपुर के प्राचार्य देवलाल यादव, जी के पटेल प्राचार्य धमतरी विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारे विद्यालय की डायरेक्टर मैडम श्रीमती अनुपमा उपाध्याय एवं प्रिंसिपल मयंक कटकवार एवं उप प्राचार्या श्रीमती यामिनी साहू एवं विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं विद्यालय के परिवार दीदी भैया के आयोजन से कार्यक्रम संपन्न हुआ।



