भिलाई। 02अप्रैल, 2026, (सीजी संदेश) : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई 3 व शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम चरोदा अंतर्गत शिशु संरक्षण माह अंतर्गत सेवाएं प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को दी जा रही है बी ई टी ओ सैय्यद असलम ने बताया कि शिशु संरक्षण माह का प्रमुख उद्देश्य नवजात शिशुओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करना है और कुपोषण से बचाव करना तथा उनके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शिशु मृत्यु दर कम करना प्रमुख हैं बी ई टी ओ सैय्यद असलम ने बताया कि इसमें प्रमुख रूप से नवजात शिशुओं का टीकाकरण करने के साथ 6 माह से 5 वर्ष आयु के शिशुओं को आयरन सिरप दिया जाता है जिससे नवजात शिशुओं में खून की कमी को दूर करना और एनीमिया से बचाव है वहीं 9 माह से 5 वर्ष आयु समूह के शिशुओं को विटामिन ए की खुराक देकर अंधत्व रोग से बचाव, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है चर्म रोग से बचता है बौद्धिक विकास करता है कुपोषण रोग निदान करता है इसके अतिरिक्त शिशुओं संरक्षण माह में नवजात शिशुओं का वजन लेकर सेम और मेम कैटेगरी के शिशुओं का चिन्हांकन कर एन आर सी रिफर करते हैं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ दिव्या श्रीवास्तव व खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ भुवनेश्वर कठौतिया एंव सेक्टर मेडिकल आफिसर डॉ शिखर अग्रवाल डा कीर्ति तिर्की ने संयुक्त रूप से कहा कि शिशु संरक्षण वर्ष में दो बार एक माह के लिए चलाया जाता है जिससे गर्भवती महिलाओं से लेकर नवजात शिशुओं का सम्पूर्ण टीकाकरण ओर आयरन फोलिक अनुपूरक कार्यक्रम व विटामिन ए डेफिनेन्सी से बचाव का महत्पूर्ण अभियान है सैकड़ों नवजात शिशुओं को गंभीर कुपोषण और एनीमिया रोग से इसके जरिए बचाया गया है कार्यक्रम में श्रीमती आर विश्वास ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका कु देवीला चंद्राकर व स्वास्थ्य संयोजक कुमेश साहू मितानिन व आरोग्य समिति सदस्यों उपस्थित रहे।



