दुर्ग। 16 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों की अपराध एवं शिकायत समीक्षा बैठक ली गई। नये वर्ष में नई ऊर्जा व नए विश्वास के साथ एक्टीव पुलिसिंग के निर्देश दिए तथा अपराधों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने हेतु विवेचना एवं ट्रायल पर विशेष फोकस करने, महिला कमांडो के गठन एवं संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी पुलिसिंग के और जनता विरुद्ध जनता एवं जनता विरुद्ध पुलिस शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने, ई-पुलिसिंग, ई-साक्ष्य, ई-चालान व ई-प्रोसिक्यूशन को सुदृढ़ करने तथा नशा, अवैध शराब, चाकूबाजी, साइबर अपराधों पर कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
16 जनवरी को विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रातः 10.00 बजे पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06 भिलाई में जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों की अपराध एवं शिकायत समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) आयोजित की गई।
बैठक के प्रमुख निर्देश
एनडीपीएस प्रकरणों में धारा 42, 50, 50(ए), 55(बी) का अनिवार्य पालन करते हुए संगठित अपराध की स्थिति में धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्यवाही के निर्देश।
हत्या, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में मरणासन्न कथन की वीडियोग्राफी, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी एवं आपराधिक इतिहास की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश।
पुरानी रंजिश, मारपीट, हत्या एवं हत्या के प्रयास के मामलों में घटना के कारणों का गहन विश्लेषण कर विवेचना में शामिल करने के निर्देश।
चार्ज फ्रेमिंग से कोर्ट ट्रायल तक विवेचकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ने एवं संसाधनों को दुरुस्त करने हेतु निर्देश।
धोखाधड़ी (धारा 420 भादवि / 318(4) बीएनएस) एवं गंभीर मामलों में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने से पूर्व लोक अभियोजन कार्यालय से स्क्रूटनी अनिवार्य।
पुराने प्रकरणों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर धारा 173(8) जाफौ / 193(9) बीएनएसएस के अंतर्गत अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश।
ई-पुलिसिंग एवं तकनीकी सुदृढ़ीकरण
प्रत्येक थाना में सीडी राइटर का उपयोग, ई-चालान सुरक्षित रखने, सॉफ्ट कॉपी विवेचकों के पास सुरक्षित रखने के निर्देश।
प्रत्येक चालान में आरोपी व साक्षियों के व्हाट्सएप नंबर एवं ई-मेल आईडी अंकित कर ई-समंस एवं ई-वारंट जारी करने की व्यवस्था।
ई-एफएसएल, मेडलेपर, ई-प्रोसिक्यूशन के अधिकतम उपयोग के निर्देश।
एक्टीव पुलिसिंग व कानून व्यवस्था
छोटे-छोटे अपराध करने वाले अपराधियों पर वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही।
संवेदनशील स्थानों पर सायं 6 बजे से रात्रि 11 बजे तक फिक्स प्वाइंट लगाने के निर्देश।
पुलिस सहायता केंद्रों को दुरुस्त करने एवं थाना प्रभारियों को नियमित रात्रि भ्रमण के निर्देश।
महिला कमांडो का गठन कर लाठी-सीटी के साथ नियमित गश्त एवं असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई।
साइबर अपराध एवं शिकायत निराकरण
लंबित साइबर फ्रॉड प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण।
थाना स्तर पर आरक्षक/प्रधान आरक्षक (ए-बी) की नोटबुक तैयार कर नियमित समीक्षा।
जनता विरुद्ध जनता एवं जनता विरुद्ध पुलिस शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निराकरण।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
लंबित मर्ग प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुतिकरण।
धारा 41(1-4) जाफौ / 35(1) बीएनएसएस के अंतर्गत जप्त वाहनों की थानावार सूची बनाकर राजसात की कार्यवाही।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत ट्रांसपोर्टरों की बैठक लेकर मालवाहक वाहनों में रेडियम पट्टी अनिवार्य।
अवैध पार्किंग पर धारा 285 बीएनएस के तहत कार्यवाही।
दुर्घटनाओं में लोक संपत्ति क्षति पर लोक संपत्ति निवारण अधिनियम एवं विद्युत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने के निर्देश।
बिना हेलमेट पेट्रोल देने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर वीडियोग्राफी, पंचनामा एवं न्यायालयीन कार्यवाही।
समीक्षा बैठक में हर्षित मेहर (नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग), प्रशांत पैकरा (नगर पुलिस अधीक्षक छावनी), अनूप लकड़ा (एसडीओपी पाटन), चंद्रप्रकाश तिवारी (उप पुलिस अधीक्षक रक्षित केंद्र), श्रीमती भारती मरकाम, सुश्री आकर्षी कश्यप सहित जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।



