भिलाई 26 नवंबर 2025। गांव की बेटी ने विदेश की धरती में जाकर अपना लोहा मनवाया है। कबड्डी खेल में ऐसे परचम लहराई की चारों ओर जय जय कर हो रहा हैं । दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल ने बताया कि राज्य के जनजातीय बाहुल्य ग्राम बेलाकछार (जिला कोरबा) के एक साधारण मजदूर दंपत्ति की बेटी कु. संजू देवी यादव ने असंभव को संभव कर दिखाया है। ईरान की राजधानी तेहरान में हाल ही में संपन्न सीनियर एशियन महिला कबड्डी चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली संजू देवी ने न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि यह साबित कर दिया कि अगर सही मौका और मेहनत मिले तो गांव की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर झंडा गाड़ सकती हैं। पिता रामजी यादव और माता श्रीमती अमरीका बाई दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। बड़ा भाई प्रेमप्रकाश भी परिवार की मदद करता है। घर की आर्थिक स्थिति ऐसी कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक दिन विदेश में तिरंगा लहराएगी। संजू अभी बीए फाइनल ईयर की छात्रा हैं और मुकुंदपुर पांडे कॉलेज, कटघोरा में पढ़ती हैं। सफर की शुरुआत गांव की मिट्टी से हुई। ग्रामीण आमंत्रण कबड्डी टूर्नामेंट में अपनी चपलता और रेडिंग से सबका ध्यान खींचने वाली संजू को कोरबा के ज्योति कबड्डी क्लब के संचालक अनुज प्रताप सिंह ने पहचाना। अनुज ने न सिर्फ निःशुल्क कोचिंग दी बल्कि रहने-खाने की पूरी व्यवस्था भी की। यहीं से एक ग्रामीण खिलाड़ी का भारतीय खिलाड़ी बनने का सफर शुरू हुआ। नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शशि बघेल ने बताया कि 2023 में बिलासपुर के स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शुरू हुई प्रदेश की पहली बालिका आवासीय कबड्डी अकादमी में संजू का चयन हुआ। प्रशिक्षक दिल कुमार राठौर की कड़ी मेहनत और आधुनिक प्रशिक्षण का नतीजा यह रहा कि अकादमी शुरू होने के पहले साल से ही सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर तीनों वर्गों में राज्य चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया। संजू देवी ने खुद कप्तान बनकर टीम को लगातार चैंपियन बनाया। 2023-24 राज्य सीनियर महिला कबड्डी चैंपियनशिप (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) – स्वर्ण पदक
* सीनियर नेशनल चैंपियनशिप 2023-24 (हरियाणा) – छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
* ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी चैंपियनशिप 2023-24 (प. बंगाल) – कांस्य पदक
* आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी चैंपियनशिप 2023-24 – प्रतिनिधित्व
* ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी 2024-25 (रायपुर) – कांस्य पदक
* आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी 2024-25 (पंजाब) – प्रतिनिधित्व एवं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए क्वालीफाई
* सीनियर एशियन महिला कबड्डी चैंपियनशिप 2025 (तेहरान, ईरान) – भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव ने बताया कि बहतराई की यह बालिका कबड्डी अकादमी प्रदेश में खेल क्रांति का प्रतीक बन रही है। संजू देवी जैसी बेटियों ने साबित कर दिया कि सही दिशा में किया गया निवेश आने वाले समय में देश को कई अंतरराष्ट्रीय पदक दिला सकता है।
आज जब संजू देवी तेहरान से लौटकर अपने गांव बेलाकछार पहुंचीं तो पूरा गांव ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत करने को बेताब है। मजदूरी करने वाले माता-पिता की आंखों में आज गर्व के आंसू हैं। संजू ने कहा, “मैं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, अनुज प्रताप सिंह , कोच दिल कुमार राठौर और छत्तीसगढ़ सरकार को देती हूं। मेरा सपना अब ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड जीतना है।”
छत्तीसगढ़ की सरजमीं से निकली यह बेटी लाखों गांव की बेटियों के लिए मिसाल बन गई है।
संजू देवी ने साबित कर दिया – मिट्टी की खुशबू में भी चैंपियन बनने की ताकत होती है।
ग्रामीण मजदूर परिवार की बेटी संजू देवी ने रचा इतिहास,,,, गोल्ड मेडलिस्ट, मैन ऑफ़ द सीरीज लौटी भारत कबड्डी स्टार,,,,, सांसद विजय बघेल और कबड्डी के गुरु शशि बघेल ने दी बधाई
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