दुर्ग। 22 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : धमधा पुलिस ने चिकित्सकीय लापरवाही से वृद्धा की मृत्यु मामले में श्रेया अस्पताल के प्रबंधक एवं डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध बी.एन.एस. की धारा 106(1), 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर कार्यवाही की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी चिरज वर्मा द्वारा थाना धमधा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को रात्रि लगभग 10:00 बजे उनकी माता पदमाबाई वर्मा, उम्र 57 वर्ष, अपने घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आ गई और वे चलने में असमर्थ हो गईं। दिनांक 11 अक्टूबर को उपचार हेतु उन्हें श्रेया अस्पताल एण्ड डायग्नोस्टिक सेंटर, धमधा में भर्ती कराया गया, जहाँ दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को उनके पैर का ऑपरेशन किया गया। दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को उनकी हालत बिगड़ने एवं सांस तेज चलने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया श्रेया अस्पताल के स्टाफ एवं एम्बुलेंस के माध्यम से पदमाबाई वर्मा को शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया कि उन्हें बिना सहमति के रेफर किया गया तथा रेफर करते समय एम्बुलेंस में समुचित चिकित्सकीय देखरेख एवं डॉक्टर की उपलब्धता नहीं थी, जिसके कारण रास्ते में ही मृतिका की मृत्यु हो गई। उक्त तथ्यों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित डॉक्टर द्वारा उपेक्षापूर्ण एवं लापरवाहीपूर्ण चिकित्सकीय कार्य से मृत्यु कारित होना पाया गया। मामले में थाना धमधा में अपराध धारा 106(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य पाए जाने पर 2 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। मामले की विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
1. मनीष राजपूत, पिता रामसिंह राजपूत, उम्र 42 वर्ष, निवासी – ग्राम भरनी, जिला दुर्ग (प्रबंधक, श्रेया अस्पताल धमधा)
2. डॉ. अभिषेक पाण्डेय, पिता अनिल कुमार पाण्डेय, निवासी मॉडल भिलाई, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला



