भिलाई 22 मार्च 2026। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भोजराज सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को विधानसभा में पारित किया जाना एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय है। यह कदम प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सुशासन के संकल्प के साथ धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण और सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए यह कठोर एवं प्रभावी कानून लागू किया है। अब किसी भी व्यक्ति द्वारा छल, बल, प्रलोभन अथवा डिजिटल माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आएगा, जिससे ऐसे कृत्यों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।इस कानून के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जिसमें 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा तथा 5 लाख से 30 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान शामिल है। साथ ही, त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में विशेष न्यायालयों का गठन किया जाएगा।पीड़ितों के हितों की रक्षा हेतु विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की जाएगी तथा दोषियों से पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा (प्रतिकर) दिलाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने मूल अथवा पैतृक धर्म में पुनः वापसी करता है, तो उसे धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।भोजराज सिन्हा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण 6भूमिका निभाएगा।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक का पारित होना ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम : भोजराज सिन्हा
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