भिलाई 14 मार्च 2026। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय युद्धों व वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण एमएसएमई उद्योगों के सामने गंभीर चुनौतियां पैदा हो गई हैं। इन अस्थिरताओं के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे में इन उद्योगों को बहुत बड़ी राहत की जरूरत है। बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता ने एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव को पत्र लिखकर एमएसएमई उद्योगों के समझ आ रही परेशानियों को विस्तृत रूप से बताया है ,साथ ही विशेष राहत उपाय दिलाने का अनुरोध किया है।श्री दासगुप्ता ने बताया कि सूक्ष्म विनिर्माण उद्यम देश में जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन के सबसे बड़े स्रोतों में से एक हैं। ये देशभर में बड़ी संख्या में कुशल एवं अर्द्ध-कुशल श्रमिकों को आजीविका प्रदान करते हैं। इनके संचालन में किसी भी प्रकार का व्यवधान न केवल औद्योगिक उत्पादन को प्रभावित करता है, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय युद्धों और भू-राजनीतिक अस्थिरताओं के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। विशेष रूप से औद्योगिक गैसों, महत्वपूर्ण मिश्र धातु तत्वों, इलेक्ट्रोड्स तथा अन्य आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। परिणामस्वरूप आपूर्ति में अनियमितता, कीमतों में तीव्र वृद्धि, खरीद में अत्यधिक विलंब तथा परिवहन संबंधी कठिनाइयाँ उत्पन्न हो गई हैं।श्री दासगुप्ता ने एमएसएमई मंत्रालय से अनुरोध किया है कि इन असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा प्रमुख औद्योगिक खरीदारों को उचित दिशा-निर्देश एवं परामर्श जारी कर सूक्ष्म विनिर्माण उद्यमों, विशेष रूप से कोर सेक्टर उद्योगों को आपूर्ति करने वाली इकाइयों को विशेष सहायता प्रदान करने हेतु प्रेरित करें।राहत उपायों का जिक्र करते हुए श्री दासगुप्ता ने कहा है कि
वर्तमान एमएसएमई आपूर्ति आदेशों, विशेषकर सूक्ष्म विनिर्माण इकाइयों द्वारा निष्पादित आदेशों के लिए, कम से कम पाँच (5) माह की अतिरिक्त आपूर्ति अवधि प्रदान करें और इस अवधि के लिए किसी भी प्रकार का एलडी या दंड न लगाया जाए।
वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों की अवधि के दौरान लगाए गए एलडी शुल्क को माफ किया जाए अथवा वापस किया जाए। जहाँ कच्चे माल, औद्योगिक गैसों और आयातित तत्वों की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है, वहाँ मौजूदा अनुबंधों में उपयुक्त मूल्य परिवर्तन प्रावधानों की अनुमति दी जाए।श्री दासगुप्ता ने कहा कि बिक्री और उत्पादन प्रभावित होने को देखते हुए कम से कम 6 से 9 महीनों के लिए बैंक ब्याज पर राहत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म विनिर्माण उद्यम भले ही एमएसएमई ढांचे के अंतर्गत सबसे छोटे हों, परंतु वे औद्योगिक मूल्य श्रृंखला की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे बड़े उद्योगों को सहारा देते हैं और देशभर में रोजगार सृजन करते हैं। इस कठिन समय में उनका समर्थन करना भारतीय अर्थव्यवस्था के अनेक क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
अंतरराष्ट्रीय युद्धों व वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण एमएसएमई उद्योगों के सामने गंभीर चुनौतियां: दास
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