भिलाई तीन 14 फरवरी 2026 । प्रधानमंत्री के नाम से संचालित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के पालकगण सेंटर दूर होने के कारण विद्यार्थी एवं पालक परेशान है। इसके लिए पालक, प्राचार्य एवं शिक्षकों से कई बार मिन्नते और शिकायत कर चुके हैं, यह एग्जाम सेंटर दूर देने का खेल कई वर्षों से चला आ रहा है या फिर स्कूल के पालकों का तकदीर ही खराब है। मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को इस बार बोर्ड परीक्षा का सेंटर कृष्णा पब्लिक स्कूल खोपली रोड उतई दिया गया है। जो कि केंद्रीय विद्यालय बीएमआई चरोदा से उतई की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। केंद्रीय विद्यालय कोड क्रमांक 19024 के विद्यार्थी 10वी के 92 और 12वीं के छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 61 होगी, इन सभी विद्यार्थियों को अपने साधन या फिर टैक्सी व अन्य सुविधा से उतई एग्जाम सेंटर पहुंचना होगा, बता दें कि चरोदा से उतई जाने के लिए सीधे कोई प्राइवेट या अन्य वाहन की व्यवस्था नहीं है एग्जाम सेंटर दूर मिलने से पालको के साथ-साथ विद्यार्थी भी परेशान है। 25 किलोमीटर तय करने के लिए 1 घंटे पहले गंतव्यस्थान से एग्जाम सेंटर के लिए निकलना पड़ेगा। तथा आधा घंटा पहले एग्जाम सेंटर पहुंचना होगा। पालकों ने इस सब के पीछे सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सब बड़ा खेल है आप देखे तो प्राइवेट स्कूल को वही का वही दो से चार किलोमीटर के दायरे में एग्जाम सेंटर मिल जाता है और जो सरकार के द्वारा संचालित सरकारी स्कूल है उसके छात्र-छात्राओं को सफर करना पड़ता है। यह कोई पहला वाक्य नहीं है कई बार केंद्रीय विद्यालय चरोदा के साथ ऐसा होते आ रहा है। इसके पूर्व पाटन के पास कई वर्षों से मदर प्राइड स्कूल को केंद्र बनाया गया था जो स्कूल से 17 किलोमीटर की दूरी में स्थित था।

उच्च अधिकारियों की माने तो उन्होंने नवभारत से चर्चा करते हुए कहा कि अब ऐसा दोबारा नहीं होगा ,मेरे संज्ञान में यह बात आ चुकी है लेकिन एग्जाम सेंटर बनाया जाता है तो वहां के प्राचार्य को भी शामिल किया जाता है। सीबीएसई का पहले मुख्यालय भुवनेश्वर में था ,अब छत्तीसगढ़ के उद्योग भवन में रीजनल ऑफिस आ चुका है। कोई भी परेशानी और समस्याएं का समाधान जल्द कर लिया जाएगा।
सिटी कोऑर्डिनेटर अमिताभ दास ने बताया कि हमारा काम फेयर एग्जाम कराना रहता है ,किसी भी शिक्षक विद्यार्थी को परेशानी नहीं होना चाहिए। जनवरी माह में ही कार्यभार संभाला हूं ।
पूर्व सिटी कोऑर्डिनेटर विभा झा ने इस विषय पर कहा कि इसका निराकरण केंद्रीय विद्यालय के आरओ कर सकते हैं।




