भिलाई 10 फरवरी 2026। गुरु घासीदास कला एवं साहित्य विकास समिति के द्वारा संस्कृति विभाग छ.ग. शासन एवं दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर के सहयोग से आयोजित गनियारी लोककला महोत्सव मे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को जीवित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। यहां के पंथी पंडवानी, करमा,ददरिया ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। ग्रामीण अंचल में इस तरह का आयोजन हो पाना संभव नहीं है, लेकिन महापौर निर्मल कोसरे एवं उनके समिति के साथियों ने जो काम किया है वह प्रशंसनीय है।पद्मभूषण डॉ तीजन बाई ने पंडवानी के माध्यम से पूरे देश में अपना परचम लहराया और राज्य एवं गांव का नाम रोशन किया।उसी तरह से निर्मल कोसरे ने अट्ठारह वर्षों तक इस महोत्सव को आयोजित करके न केवल छत्तीसगढ़ अपितु अन्य राज्यों के कलाकारों को मंच प्रदान करने का काम किया है। गनियारी महोत्सव की पहचान राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में हो चुका है। इस सफल आयोजन के लिए ग्रामवासियों एवं समिति के साथी बधाई के पात्र हैं।विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई चरोदा के सभापति कृष्णा चंद्राकर, सुजीत बघेल, मनोज मढ़रिया, संतोष तिवारी, मोहन साहू, संतोषी निषाद दीप्ति वर्मा सहित पार्षद गण शामिल हुए। भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के अलावा असम, हरियाणा राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के कलाकारों के साथ लोक कलाकार कु. मोनिका वर्मा, पत्रकार रोमशंकर यादव, गीता बंजारे, विरेन्द्र चतुर्वेदी,राकेश साहू का श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम मे आसन परिवार चौंका पार्टी बाराडेरा जिला रायपुर, सात ज्योति पंथी नृत्य डुमर जिला दुर्ग, सुर सुरभि पंडवानी मड़ेली जिला गरियाबंद, जय बाबा रुखड़ नाथ जस झांकी नारधा जिला दुर्ग, संगी के मया नाचा पार्टी इंदामारा जिला राजनांदगांव, लोक संगीत कंचन जोशी, श्री रामदास मानस परिवार बंदौरा जिला कबीरधाम, सफुरा माता बालिका पंथी दल उमरपोटी, कांति बसु लोक रजनी फाक परिवार दैहान बांधा जिला मानपुर मोहला, जय राधा कृष्ण राऊत नाच मंडली खजरी जिला राजनांदगांव, ईशरदेव पूरन जस झांकी बघेरा जिला दुर्ग, विरेन्द्र चतुर्वेदी एवं सुनील सोनी नाइट के अलावा अन्य प्रदेश के पारंपरिक लोकनृत्य असम से बिहू, राजस्थान से कालबेलिया नृत्य, महाराष्ट्र से लावणी , हरियाणा से घुमर नृत्य, मध्यप्रदेश से राई नृत्य, गुजरात से सिद्धी धुमाल, ओडिशा से संबलपुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश मथुरा से ब्रज की होली एवं दक्षिण भारत से भरतनाट्यम की रंगारंग प्रस्तुति में दर्शकों को रात भर भाव विभोर कर दिया। गनियारी महोत्सव स्थल में एन.एस.पी.सी.एल. भिलाई के द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं *ब्लड डोनेशन कैंप में समिति के पन्द्रह सदस्यों ने ब्लड डोनेट किया।छत्तीसगढ़ी व्यंजन का स्टाल* महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना भिलाई द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्टाल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।कार्यक्रम का संचालन मूलचंद चतुर्वेदी एवं आभार समिति के अध्यक्ष महापौर निर्मल कोसरे ने किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मेन्द्र कोसरे, राजु लहरे, गौरी बंजारे, हेमंत कोसरे, सोनू बंजारे, चिनेस कोसरे, लालू कोसरे, धनसिंह कोसरे, हेमचंद कोसरे, नागेशंडन, राहुल टंडन, गुलशन जोशी, गिरधर जोशी विजय लहरे, घासीलहरे, पीयूष मधुकर, समीर कोसरे, सत्यम बंजारे,इन्द्रजित यादव, गणेश यादव, ज्ञानेश्वर बंजारे, डिलेश टंडन, समीर गायकवाड़, दीपेश जोशी, आयुष मधुगर, बॉबी बंजारे,जितेन्द्र बंजारे, नितेश डहरिया, यमन कोसरे, नीलेश टंडन, पंकज पाटिल,पुराणिक ठाकुर, आकाश लहरें, चंदन कुमार सभी महिला स्व सहायता समूह सहित ग्रामवासियों का सहयोग रहा।
छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है – भूपेश बघेल,,,, अन्य राज्यों से आए कलाकारों का पूर्व मुख्यमंत्री किया सम्मान
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