भिलाई। 10 फरवरी, 2026, (सीजी संदेश) : भिलाई सेक्टर-5 में स्थित भारत के पहले सिंदूर गार्डन में, ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति में सांसद विजय बघेल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों द्वारा हर्षोल्लास के साथ सिंदूर के पौधे रोपे गए थे। दुर्भाग्यवश, समय पर देखभाल और पानी के अभाव में ये पौधे सूखकर मुरझाने लगे थे। इस स्थिति को देखते हुए भिलाई के जाने-माने सच्चे पर्यावरण प्रेमी बालू राम वर्मा एवं उनकी टीम ने संकल्प लिया कि इस ऐतिहासिक गार्डन को फिर से हरा-भरा बनाया जाएगा। महज़ कुछ ही दिनों की सतत मेहनत, नियमित सिंचाई और संरक्षण के परिणामस्वरूप पौधों में फिर से नई पत्तियाँ आने लगी हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए चारों ओर जाली भी लगाई गई है। यह सेवा-कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक ये पौधे पूर्ण रूप से वृक्ष का स्वरूप नहीं ले लेते। आज के समय में कई लोग पर्यावरण प्रेम के नाम पर केवल फोटो खिंचवाने और अखबारों की सुर्खियाँ बटोरने के लिए वृक्षारोपण कर लेते हैं, लेकिन बाद में देखरेख के अभाव में वही पौधे मवेशियों का चारा बनकर नष्ट हो जाते हैं। इसके विपरीत, बालू राम वर्मा जी उन विरले लोगों में से हैं, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन-उद्देश्य बना लिया है। भिलाई शहर का कोई भी कोना हो, श्री वर्मा स्वयं के खर्च से पेड़-पौधों की सेवा करते, पानी देते या नए पौधे लगाते हुए दिखाई दे जाते हैं। रशियन क्वार्टर क्षेत्र में उनकी अपनी नर्सरी है, जहाँ से वे निरंतर पौधों का निःशुल्क वितरण भी करते हैं। सेक्टर-5 स्थित सिंदूर गार्डन आज उनकी निष्ठा, समर्पण और सच्चे पर्यावरण प्रेम का जीवंत उदाहरण बन चुका है। पर्यावरण मित्र मंडल भिलाई पर्यावरण संस्था के सभी सदस्यों का साथ मिला और पेड़ पौधे को जीवन दान मिला आप को जब भी अवसर मिले तो प्रत्येक नागरिक को सिंदूर गार्डन में जाकर इस प्रेरणादायक कार्य को अवश्य देखना चाहिए। निःसंदेह, पेड़-पौधों को लगाना आसान है, लेकिन उन्हें जीवनदान देना केवल सच्चे पर्यावरण प्रेमी ही कर सकते हैं—और भिलाई में यह पहचान बालू राम वर्मा हैं।



