भिलाई 6 जनवरी 2026।भिलाई कॉन्ट्रैक्टर एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी की सामान्य सभा की बैठक की गई । जिसमे प्रबंधन द्वारा श्रमिकों हितो की रक्षा एवं प्रबंधन द्वारा किए जा रहे शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सर्व सम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। भिलाई इस्पात संयंत्र के वर्तमान मुखिया भिलाई की संस्कृति पर कुठाराघात करते हुए एक सुनिश्चित सोची समझी साजिश के तहत उद्योग जगत की रीढ़ ‘श्रमिको ‘ का मनोबल तोड़ने की साजिश की जा रही है। जिसके तहत नित्य नए क़ानून लगाई जा रहे हैं जाो न्याय संगत है ना ही श्रमिक हित में है। कई नियमों का हील हवाला देकर भिलाई इस्पात संयंत्र को एक साजिश के तहत निजी हाथो मे सौपे जाने की तैयारी की जा रही है। जो स्पष्ट रूप से निजीकरण की ओर एक कदम बढ़ा रहे है। वर्तमान बी एस पी के मुखिया लाभ प्राप्त करने वाली इस इकाई को बीमार श्रेणी की ओर धकलने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रख रहे है। श्रमिकों के अधिकारों का हनन कर उन्हें काम से वंचित कर स्वयं बड़े अधिकारी निजी आद्योगिक घराने के बड़े पदों पर आसीन हो जाते है तथा तन मन धन से इन निजी व्यवस्था के गुलाम हो जाते है। सभी कुछ का समर्पण कर देते है। 20%श्रमिकों की संख्या की कटौती की गई है। जिससे श्रमिकों की रोजी-रोटी पर प्रहार है। वही नए निविदाओ मे दैनिक मजदूरी की दर राज्य शासन के दर से बदल कर केंद्र के दर पर किया जाना चाहिए क्योंकि भिलाई इस्पात संयंत्र केंद्र सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है। बीएसपी कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने के लिए ना तो पिछले वेतन समझौते का बकाया का भुगतान किया जा रहा है। लगातार सुविधाओं मे कटौती किया जा रहा है। जोपीपी एक्ट का सीधा उल्लंघन है जिसमे चिकित्सा सेवा, बच्चो की शिक्षा, जर्जर आवास, संयंत्र के भीतर कार्य क्षेत्र मे असुरक्षित कार्य वातावरण,जिसमे वातावरण प्रदुषण,जहरीली गैस का खतरा आदि है। श्रमिकों के आराम के लिए ना तो कोई आराम कक्ष है ना ही साफ सुथरे शौचालय है। कार्य क्षेत्र मे मौसम अनुकूल कोई भी व्यवस्था उचित रूप से नहीं है, शुद्ध पेय जल के लिए ना ही कोई फ़िल्टर पानी की व्यवस्था है ना ही कैंटीन मे हाईजीन खाने की व्यवस्था है, लगभग सभी उत्पादन इकाईयों मे जो गैलरी आवगमन एवं कार्य के लिए बने है वे सभी कालातीत हो चुके है तथा जर्जर हो गए है।

जिसके कारण आए दिन गैलरी गिरने की घटनाए घटित होती रहती है।पूर्व वर्ष आज के दिन 6 जनवरी को कोक ओवन मे हुई अगजनी की घटना मे 14 श्रमिकों की अकाल मृत्यु हो गई थी। जिसकी जिम्मेदारी तत्कालीन मुखिया पर की गई तथा उनके खिलाफ कार्यवाही भी हुई। हाल ही मे 4 श्रमिकों की कार्य के दौरान मृत्यु हो गई, मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है जान की क़ीमत पर उत्पादन हो रहा है। कालातीत सरंचनाओं संधारण का कार्य नहीं किया जा रहा है। ताकि स्थानीय श्रमिकों के मन मे भय का वातावरण बने और वे कार्य क्षेत्र मे जाने से कतराए ताकि श्रमिक विरोधी कार्यवाही का मार्ग प्रशस्त हो। राज्य शासन को चाहिए कि भिलाई इस्पात संयंत्र मे लगभग 27000 से ज्यादा कुशल, अकुशल ठेका श्रमिक, लगभग 12000 कर्मचारी, अधिकारी प्रतिदिन कार्य करते है। जहाँ कदम कदम पर कार्यरत मानव संसाधन पर खतरा बना रहता है। क्योंकि उच्च प्रबंधन एक सोची समझी चाल के अंतर्गत कार्य कर रहा है कि संयंत्र निजी हाथो मे चला जाए। ऐसे मंसूबो को सफल होने से बचाने के लिए विभिन्न संगठनों को एक स्वर मे कार्य क्षेत्र मे स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एवं शिकायतों के तुरंत निपटान किया जाना चाहिए। आद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा श्रमिक कल्याण श्रम मंत्रालय के नोडल अधिकारियो की नियुक्ति संयंत्र के भीतर होना चाहिए। ताकि श्रमिकों के अधिकारो एवं जान की रक्षा कार्य के दौरान बेहतरी से हो सके तथा अधिकार और जान से खिलवाड़ करने वालो पर नकेल कसा जा सके।वर्षो से खाली पड़े आवासो को ठेका श्रमिकों को आबनटन किया जाए।संयंत्र मे होने वाले दुर्घटनाओ के लिए मुखिया को जिम्मेदार बनाया जाए ताकि बी एस पी के मुखिया श्रमिको की जिम्मेदारी लेने से मुँह ना चुरा ले। मुखिया के खिलाफ ठोस कार्यवाही यह जानने की मांग भी उठाई गई है। बीएसपी द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधयो को भी गलत तथ्यों की जानकारी देकर गुमराह किया जा रहा है। वही नित्य नए तुगलकी फरमानो की वज़ह से आई आर क्लेरेन्स प्राप्त नहीं होने के कारण वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है जिससे श्रमिकों भूखो मरने की नौबत आ गई है। जिससे कभी भी भिलाई की आद्योगिक शांति भंग हो सकती है। बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर मे निर्णय लिया कि आने वाले समय मे विरोध और तेज किया जाएगा। शीष महल मे रहने वाले मुखिया का हजारों श्रमिकों के साथ घेराव किया जाएगा। सभी श्रमिक, सामाजिक, व्यापारिक एवं राजनैतिक संगठनों की सहभागिता रहेगी। इस बैठक मे प्रमुख रूप से अध्यक्ष सीजू एन्थोनी, कार्यकारी अध्यक्ष त्रिलोकी सिँह, महामंत्री हितेश पटेल, उपाध्यक्ष धीरज शुक्ला, नवीन सिँह, सचिव राजेश अग्रवाल, आदि सैकड़ो सदस्य उपस्थित थे।



