भिलाई। 13अप्रैल, 2026, (सीजी संदेश) : सतनाम भवन से. 6 भिलाई मे मंत्री दादा नकुल देव ढीढी और जैज लाल राय की जयंती पर 12 अप्रैल को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जयंती के इस पावन पर्व पर मुख्य अतिथि गैदलाल राय पुर्व अध्यक्ष (गु.घा.से. स.से.6 भिलाई ) एवं अध्यक्षता बी.एल. कुर्रे जी (अध्यक्ष गु.घा.से.स.) व विशिष्ट अतिथि राजमहंत जवाहर लाल कौशल (पुर्व महासचिव गु.घा.से.स.) एवं मा.श्रीमती कृष्णा पात्रे ( समाजसेवी)तथा फत्तूराम जोसी (भंडारी ) की उपास्थिती में प्रारभ किया गया। कार्यक्रम के शुरुआत पवित्र गुरु गद्दी कि सामूहिक गुरुआरती व मंत्री दादा नकुलदेव ढीढी व जैजलाल राय की तैलचित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर सभी अथितियों के द्वारा किया गया। सामाजिक समरसता के प्रतीक दादा नकुल देव ढीढी एवं समिति के पूर्व अध्यक्ष स्व. जैज लाल राय की जयंती गरिमामय वातावरण में मनाया गया। मुख्य अतिथि गैदलाल राय ने अपने उद्बोधन में कहा मंत्री दादा नकुल देव ढीढी गुरु घासीदास जयंती के जन्मदाता थे। उनके द्वारा जयंती मनाने की परंपरा शुरुआत की गई थी तथा वे महान दानवीर थे। उन्होंने जनहित के कार्यों के लिए अपनी डेढ़ सौ एकड़ जमीन दान में दे दी थी, शोषित लोगों की रक्षा के लिए समता सैनिक दल का गठन किया था।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में बी.एल. कुर्रे द्वारा कहा गया कि स्व. जैजलाल राय का जीवन सादगी पूर्ण, समाज सेवा, समर्पण के भाव हमेशा रहे. अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में सतनाम भवन की नीव राखी तथा आज यह विशाल सतनाम भवन उनके अथक परिश्रम त्याग तपस्या का फल स्वरुप भवन की छवि पूरे छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में नहीं है। सतनाम भवन की गरिमा सबसे अलग है विशिष्ट अतिथि जवाहर कौशल ने कहा कि दादा नकुल देव ढीढी और स्व. जैज लाल राय का जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा है। समिति उनके बताए न्याय और समानता के मार्ग पर चलने के लिए संकल्पित है. इन महान विभूतियों के योगदान के कारण ही आज सेक्टर 6 की समिति समाज के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है। श्रीमति कृष्णा पात्रे ने उपस्थित युवाओं से उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। रमेश कुमार बघेल एवं श्रीमती शीतल चेलक ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी गण श्रीमती उर्मिला भास्कर उपाध्यक्ष, आर.सी. देश लहरा कोषाध्यक्ष दिवाकर गायकवाड, टेकराम बंजारे सचिव एस.आर. नौरंगे, रूपेश बारले, त्रिलोचन डेहरे, शंभू डहरिया,सतीश डहरे, किशोर भारद्वाज ,मनबोधी कुर्रे, श्रीमती सागर टंडन, योगेश्वर चतुर्वेदी, नोहर सिंह कुर्रे, कैलाश चतुर्वेदी, बिसाहू राम बघेल, श्रीमती भामनी बंजारे , उषा देश लहरा ,श्रीमती शीतल चेलक, श्रीमती सरस्वती जांगड़े, रामजी गायकवाड, भागवत बंजारे, जे.आर. सोनवानी,टी. आर. कोसरिया, शांतिलाल मिर्चे ,आर.आर. टांडिया,सरयू प्रसाद बारले, नंद कुमार खरे, पवन कोसले, व सैकड़ो सामाजिक गण की उपस्थिति में यह गरिमामयी कार्यक्रम संपन्न हुआ कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र महिलांग तथा कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन एन. आर. गिलहरे ने किया।



