विश्व शांति एवं सद्भाव दिवस, 23 फरवरी को मनाया जाता है। यह 1905 में शिकागो में आयोजित पहली रोटरी बैठक की वर्षगांठ का प्रतीक है। पेशेवरों की उस ऐतिहासिक सभा ने रोटरी इंटरनेशनल की नींव रखी, जो सद्भावना और शांति के लिए समर्पित एक वैश्विक मानवीय नेटवर्क है। यह फरवरी में विश्व सद्भाव माह के दौरान मनाया जाता है। यह दिन इस बात पर प्रकाश डालता है कि सेवा, नैतिक नेतृत्व और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग किस प्रकार समाजों में सद्भाव को बढ़ावा दे सकते हैं। यह लोगों को याद दिलाता है कि स्थायी शांति के लिए समाज के हर स्तर पर न्याय, सहानुभूति और सहयोगात्मक कार्रवाई आवश्यक है।
दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी समझ और सद्भावना पर जोर देने के हर साल 23 फरवरी को विश्व शांति और समझ दिवस (World Peace and Understanding Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया में प्रेम-भाईचारा और शांति को बनाए रखना है। अविश्वास समाज को गलतफहमी, विद्रोह, लड़ाई और संघर्ष की ओर ले जाता है। समाज में एकजुटता की भावना को बनाए रखने के लिए शांति और समझ होना बेहद आवश्यक है। इसलिए हिंसा से रहित दुनिया में शांति लाने के उद्देश्य के लिए हर साल इस दिवस को मनाया जाता है। इस दिवस पर दुनिया भर के देशों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विश्व शांति और समझ दिवस के उद्देश्य
हिंसा या क्रूरता से रहित दुनिया के निर्माण व विश्व में शांति लाने के उद्देश्य के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। दुनिया में शांति और समझ पैदा करना पूरी मानव जाति का कर्तव्य है। समाज में समझ से ही शांति स्थापित की जा सकती है। इसके लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्तकता है। इसके विपरित यदि, पूरी दुनिया के लोग एक दूसरे को घृणा और नफरत की दृष्टि से देखेंगे तो उसका परिणाम युद्ध औऱ विनाश के रूप में सामने आएगा। संघर्ष, अविश्वास, गलतफहमी और विद्रोह समजा को बांटता है और उसे एक अन्नत संघर्ष की खाई में धकेल देता है। इसलिए समाज में विश्वास और शांति स्थापित करने के लिए सभी मनुष्यों को एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोगी के रूप में कार्य करना होगा।
विश्व शांति और समझ दिवस का इतिहास
विश्व में शांति और समझ की भावना विकसित करने को लेकर 23 फरवरी 1905 को पहली रोटरी बैठक हुई थी। इसके लिए शिकागो शहर की यूनिटी बिल्डिंग के रूम नंबर 711 में पॉल हैरिस, गुस्तावस लोएहर, सिल्वेस्टर शिएले और हीराम शोरे लोहर जैसी हस्तियां एकत्रित हुई थी। अटॉर्नी पॉल हैरिस एक पेशेवर संघ बनाना चाहते थे इसलिए उन्होंने यह सभा बुलाई थी। इन हस्तियों के मिलने के स्थान “रोटेट” होते रहते थे इसलिए हैरिस, गुस्तावस लोहर, सिल्वेस्टर शिएले और हीराम शौरी ने अपने इस क्लब का नाम रोटरी क्लब रखा था। बाद में इस क्लब में मानवीय मूल्यों के लिए अपनी इच्छा साझा करने वाले लोगों का समूह जुड़ता गया। हालांकि रोटरी क्लब ने औपचारिक रूप से साल 1922 में ‘रोटरी इंटरनेशनल’ नाम को अपनाया था। विश्व शांति और समझ दिवस दुनिया के सबसे बड़े धर्मार्थ संगठनों में से एक के निर्माण की वर्षगांठ की याद दिलाता है। इस संगठन की स्थापना की याद में हर साल ‘विश्व शांति और समझ दिवस‘ मनाया जाता है। इस साल विश्व शांति और समझ दिवस की 117वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इन वर्षों के दौरान पूरी दुनिया ने विश्व शांति और सद्भावना को लेकर लंबा रास्ता तया किया है। वहीं दुनिया भर के लोगों में सद्भावना, शांति और समझ विकसित करने के लिए अभी और लंबा रास्ता तय करना है।
विश्व शांति और समझ दिवस का महत्व
विश्व शांति और समझ दिवस का आयोजन शांति को संवाद, समावेश और नैतिक जिम्मेदारी के माध्यम से निर्मित सक्रिय सहयोग के रूप में रेखांकित करता है। यह अंतरसांस्कृतिक चर्चाओं को प्रोत्साहित करता है जो ध्रुवीकरण को कम करती हैं और समुदायों और राष्ट्रों के बीच आपसी सम्मान को मजबूत करती हैं।
यह उन नेतृत्व को उजागर करता है जो राजनीतिक या धार्मिक विभाजनों से परे निष्पक्षता, जिम्मेदारी और सेवा पर आधारित है।।विश्व स्तर पर संघर्ष के मूल कारणों के रूप में गरीबी और बहिष्कार को संबोधित करने का समर्थन करता है।
इस बात पर जोर दिया गया है कि रोजमर्रा के कार्य, सहानुभूति और संचार वैश्विक सद्भाव में सीधे तौर पर योगदान करते हैं।
यह व्यक्तिगत कल्याण को सामाजिक स्थिरता से जोड़ता है, यह दर्शाता है कि आंतरिक संतुलन शांतिपूर्ण समाजों का समर्थन करता है।
रोटरी इंटररनेशनल क्या है ?
पेशे से वकील पॉल हैरिस ने साल 1905 में अमरीका के शिकागो अपने तीन साथियों के साथ मिलकर रोटरी की स्थापना की। इसी के साथ रोटरी दुनिया का सबसे पहला ‘सेवा संगठन’ बना था। आज रोटरी इंटरनेशनल पेशेवर लोगों का विश्वव्यापी संगठन है। यह दुनिया में उच्च नैतिकता को बढ़ावा देने और शांति और सद्भावना की स्थापना के लिए काम करता है। यह संगठन जाति, लिंग, वर्ण या राजनैतिक विचारधारा के आधार पर भेदभाव किए बिना सबको सदस्य बनाने का मौका देती है। दुनिया में 32000 से अधिक रोटर क्लब हैं, जिसमें 13 लाख से अधिक सदस्य हैं। दुनिया के करीब 163 देशों में फैले ये सदस्य ‘रोटरी इंटररनेशनल’ संस्था के आधार स्तंभ है। इस क्लब के सदस्य, क्लब द्वारा निर्धारित समय पर सप्ताह में एक बार मिलते हैं। रोटरी क्लब से जुड़े सदस्यों को रोटेरियंस कहा जाता हैं। इससे जुडे सद्स्य कुछ खास अवसरो पर एक लेपल पिन पहनते हैं, जिसके द्वारा इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। रोटरी इंटरनेशनल का आधिकारिक लोगो ‘रोटरी व्हील’ है और इसका आदर्श वाक्य है ‘सेवा स्व से ऊपर’। रोटरी क्लब अपने सदस्यों को, स्थानीय क्लबों के स्तर पर किए गए कार्यों से, स्थानीय और विश्व समुदाय की सेवा करने का अवसर प्रदान करता है। इसका ध्येय है- सत्य, न्याय, लोगों के बीच संबंधों में सुधार और विश्व शांति।
रोटरी के चार उद्देश्य
* सेवा के नित्य नए अवसर के लिए आपसी परिचय को बढ़ाना देना।
* इसके हर सदस्य की आजीविका को समाज सेवा का एक माध्यम /अवसर मानना व उसे सम्मान प्रदान करना। व्यापार व व्यवसाय में उच्च नैतिक आदर्शों की स्थापना करना और प्रत्येक आजीविका/व्यवसाय को सम्मान की दृष्टि से देखना।
* हर सदस्य के सामाजिक, निजी व व्यावसायिक जीवन में सेवाभावना के आदर्श को समाहित करना।
* अन्तरराष्ट्रीय समझ, सद्भावना व शान्ति को व्यापारिक व व्यावसायिक गतिविधियों के सहारे से बढ़ावा देना जो सेवा भावना से ओतप्रोत हों।
विश्व शांति और समझ दिवस 2026 की मुख्य विशेषताएं
यह पॉल पी. हैरिस द्वारा शुरू की गई 1905 की शिकागो बैठक की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जो बाद में रोटरी इंटरनेशनल में विकसित हुई, जो एक विश्वव्यापी मानवीय संगठन है।
रोटरी का विस्तार स्थानीय कार्यालयों की बैठकों से शुरू होकर कई अमेरिकी शहरों तक हुआ और बाद में यह इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ रोटरी क्लब्स बन गया।
इसकी स्थापना के बाद से ही यह संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय शांति और विकास लक्ष्यों का समर्थन कर रहा है। इसमें रोग निवारण, जल स्वच्छता, मातृ स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक विकास और संघर्ष समाधान पर जोर दिया गया है।
यह संस्थान अपने रोटरी पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट रेज़ोल्यूशन ग्रेजुएट प्रोग्राम के तहत हर साल 75 विद्वानों का चयन करता है।
शांति सिर्फ़ युद्ध या हिंसा की अनुपस्थिति नहीं है; यह एक ऐसी समझ है जिसमें हम अपने भेदभावों, पूर्वाग्रहों और संदेहों को छोड़कर, एक-दूसरे के अनुभव, विचार और मानवता को सम्मान दें। यही समझ और सहानुभूति हमें व्यक्तिगत, सामाजिक तथा वैश्विक स्तर पर शांति की ओर अग्रसर करती है।




