कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 04 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है। जिसकी स्थापना वर्ष 2000 में की गई थी। इस साल 2926 में 04 फरवरी को शनिवार के दिन वर्ल्ड कैंसर डे की 26वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। जिसकी थीम United by Unique
(यूनाइटेड बाय यूनिक) — अर्थात “एकता में अनोखापन” है। कैंसर एक जानलेवा बीमारी है. लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है. तो चलिए आपको इस दिन के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।
कैंसर को हिंदी में ‘कर्क रोग‘ कहा जाता है, यह काफ़ी ख़तरनाक और जानलेवा बीमारी है जो किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को हो सकती है। सही समय पर इसकी पहचान न होने पर इसका उपचार मुश्किल और अधिक देरी मृत्यु का कारण भी बन सकती है। कैंसर जैसी खतरनाक और जानलेवा बिमारी को डिटेक्ट करने, रोकने और इसकी रोकथाम करने और जागरूकता फैलाने हेतु हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 04 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे के रूप में मनाया जाता हैं. वर्ल्ड कैंसर डे की स्थापना यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल [UICC] के द्वारा की गयी, जिसका उद्देश्य सन 2008 में लिखे गये वर्ल्ड कैंसर डिक्लेरेशन को सपोर्ट करना हैं. वर्ल्ड कैंसर डे मनाने का प्राथमिक उद्देश्य सन 2020 तक कैंसर पीड़ित व्यक्तियों की संख्या में कमी करना और इसके कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना हैं। इस दिन दुनिया भर में कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने और इसके संकेतों को लोगों तक पहुंचाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम रखे जाते हैं, ताकि लोग सही समय पर इसकी पहचान कर सकें। तो चलिए, आपको इस दिन के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।
कैंसर या ‘कर्क रोग‘ के बारे में जानकारी
नाम : विश्व कैंसर दिवस
तिथि : 04 फरवरी (वार्षिक)
स्थापना : 04 फरवरी 2000
उद्देश्य : कर्क रोग के बारे में लोगों को सतर्क और जागरूक करना
थीम : United by Unique
(यूनाइटेड बाय यूनिक) — अर्थात “एकता में अनोखापन”
विश्व कैंसर दिवस कब मनाया जाता है?
दुनिया भर में 04 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है| विश्व कैंसर दिवस की स्थापना 4 फरवरी, 2000 को पेरिस, फ्रांस में विश्व कैंसर सम्मेलन के दौरान हुई थी| उसी दिन, यूनेस्को के तत्कालीन महानिदेशक कोइचिरो मात्सुउरा और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति जैक्स चिराक ने कैंसर के खिलाफ पेरिस के चार्टर पर हस्ताक्षर किए| तब से हर साल, 04 फरवरी को एक अलग विषय के साथ चिह्नित कर विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है| भारत में 07 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है|
राष्ट्रीय कैंसर दिवस कब मनाया जाता है?
भारत में भी राष्ट्रीय स्तर पर इस घातक बीमारी के प्रति लोगों को सतर्क और जागरूक करने के लिए प्रति वर्ष 07 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है। इसकी शुरुआत तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की थी, जिसके बाद वर्ष 2014 में इसे पहली बार मनाया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस कब होता है?
बच्चों में होने वाले कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु हर साल 15 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस (International Childhood Cancer Day) मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 2002 में चाइल्डहुड कैंसर इंटरनेशनल (CCI) द्वारा की गयी थी, आंकड़ो के अनुसार हर साल वैश्विक स्तर पर 3 लाख बच्चे कैंसर का शिकार होते हैं।
विश्व कैंसर दिवस का इतिहास? कैसे हुई शुरूआत
प्रत्येक वर्ष 04 फरवरी को यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (यूआईसीसी) के नेतृत्व में मनाया जाने वाला विश्व कैंसर दिवस कार्यक्रम एक वैश्विक पहल है। इसकी स्थापना 04 फरवरी 2000 को पेरिस में हुए एक विश्व कैंसर सम्मेलन (वर्ल्ड मिलेनियम अगेंस्ट कैंसर फॉर द न्यू मिलेनियम) के दौरान हुई। जिसका उद्देश्य कर्क रोग के बारे में जागरूक करना, इसकी रोकथाम और इलाज के लिए लोगों को प्रेरित करना है। इसे पहली बार वर्ष 1993 में स्विट्जरलैंड के जिनोवा में ‘यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल‘ (यूआईसीसी) के द्वारा मनाया गया था। अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ(UICC) एक गैर सरकारी संगठन है जो वैश्विक स्वास्थ्य समुदायों को कैंसर के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाने में मदद करने के लिए बनाया गया है। यूआईसीसी 2008 में लिखे गए ‘विश्व कैंसर घोषणा‘ का समर्थन और नेतृत्व करता है।
वर्ष 1933 में मना पहला कैंसर दिवस
विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहल पर वर्ष 1933 में पहला कैंसर दिवस जिनेवा, स्विट्जरलैंड में मनाया गया था। तबसे अब तक हर साल कैंसर दिवस पर नई थीम जारी की जाती है। इसके पीछे उद्देश्य ये है, कि आम लोगों को कैंसर के खतरों के बारे में जागरूक और इसके लक्षण से लेकर इसके बचाव के बारे में जानकारी दी जा सके। कई लोगों में गलतफहमी होती हैं, कि कैंसर छूने से भी फैलता है, जिसके कारण लोग कैंसर के रोगियों से अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि ये धारणा पूरी तरह गलत है। हमें इन मरीजों से भेदभाव करने की जगह उनका साथ देना चाहिए।
कैंसर की खोज और इतिहास
कैंसर शब्द की उत्पत्ति का श्रेय यूनानी चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स (460-370 ईसा पूर्व) को दिया जाता है। इन्हें “चिकित्सा का जनक” भी माना जाता है। हिप्पोक्रेट्स ने गैर-अल्सर बनाने और अल्सर बनाने वाले ट्यूमर का वर्णन करने के लिए कार्सिनो और कार्सिनोमा शब्द का इस्तेमाल किया। ग्रीक भाषा में, ये शब्द एक केकड़े को संदर्भित करता हैं, जो संभवतः बीमारी पर लागू होता है। 70-80 करोड़ साल पहले डायनासोर जीवाश्मों में कैंसर सेल्स के प्रमाण देखे गए। 2003 में कई शोध के बाद इस बात का पता चला। वहीं 4.2-3.9 करोड़ साल पहले होमो इरेक्टस में सबसे पुराना होमिनिड मेलिग्नेंट ट्यूमर पाया गया। 1932 में लुइस लीके ने इस बात की जानकारी दी थी। 3000 ई.पू. के दौरान मिस्र की ममियों में कैंसर के सेल्स पाए जाने के प्रमाण मिले। 1600 ई.पू. के दौरान मिस्र में स्थानीय लोग देवताओं में कैंसर के होने की बात किया करते थे। प्राचीन मिस्र के स्क्रॉल ने गर्भाशय द्वारा इलाज किए गए स्तन ट्यूमर के आठ मामलों का वर्णन किया है। उन्होंने बताया है, कि पेट के कैंसर को उबले हुए जौ को खजूर के साथ मिलाकर इलाज किया जाता है। 500 ई.पू. भारत में रामायण ने बढ़ते ट्यूमर को रोकने के लिए आर्सेनिक पेस्ट के साथ उपचार का वर्णन किया है। 50 ई. में इटली में रोम के लोगों ने पाया कि कुछ ट्यूमर को सर्जरी के माध्यम से हटाया जा सकता है। लेकिन उन्होंने देखा कि इस बीमारी में कोई भी दवा काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी प्रयासों के बाद भी कुछ ट्यूमर फिर से बढ़ गए। सन् 1500 में यूरोप में कैंसर को पहचानने के लिए शव परीक्षण अधिक बार आयोजित किए गए और आंतरिक कैंसर की समझ बढ़ी।
वर्ल्ड कैंसर डे क्यों मानते है? जानिए उद्देश्य
वर्ल्ड कैंसर डे मनाने का मुख्य कारण यह हैं कि हम कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को कम कर सकें और इसके संबंध में सही जानकारी को अधिक से अधिक मात्रा में लोगों तक पहुँचा सकें. हर 04 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) या अंतरराष्ट्रीय कैंसर दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस घातक बीमारी के खिलाफ जागरूक करना और इसके पीड़ितों तथा इससे होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाना है। साथ ही इस दिन जानलेवा बीमारी के बारे में फैली मिथ्या (गलत धारणाओं) को लोगों के भीतर से हटाना और उन्हें सही जानकारी देना भी इसके मुख्य मकसद में शामिल है। इसके आलावा यह सभी देशों में कैंसर के लक्षणों को पहचानने, इसके प्रति लोगों को शिक्षित करने और सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों को विश्व स्तर पर इस बीमारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने व कैंसर पीड़ितों को उत्साहित करने के लिए मनाया जाता है।
अन्तर्राष्ट्रीय कैंसर दिवस का महत्व और फैक्ट्स
* एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत के समय लगभग 1 करोड़ 27 लाख लोग कैंसर से पीड़ित थे। तो वहीँ 70 लाख़ लोग हर साल इससे मर रहे थे।
* वैश्विक स्तर पर मौत के कारणों की टॉप 10 लिस्ट में कैंसर भी शामिल है।
* वैश्विक स्तर पर वर्ष 2018 में करीबन 96 लाख़ लोग कैंसर के कारण मर गए यानी कि 6 मौतों में से एक कैंसर जनित मृत्यु।
* 30-50% कैंसर को स्वस्थ जीवन शैली अपना कर रोका जा सकता है।
* लगभग 16% लोग कैंसर से मरते हैं।
* मुंह का कैंसर, सर्वाइकल (ग्रीवा) कैंसर, फेफड़े, यकृत कैंसर, अमाशय और कोलोरेक्टल कैंसर (पेट या बड़ी आंत का कैंसर) भारत में सबसे अधिक होने वाले कैंसरों में शामिल हैं।
* इसके आलावा महिलाओं में ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर, गर्भाशय, ग्रीवा और थायरॉयड कैंसर तथा पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर मौत का सबसे बड़ा कारण है।
विश्व कैंसर दिवस का लक्ष्य
विश्व कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य पुरे विश्व में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना है. बीमारी के प्रति लोगों तक सही शिक्षा पहुँचाना इसका मुख्य उद्देश्य है. इस महाविनाशकारी बीमारी के खिलाफ, इस पहल के द्वारा पूरा विश्व एक साथ एकजुट होकर खड़ा रहता है. कैंसर की बीमारी से कोई देश अछुता नहीं है, पुरे विश्व को इसने जकड़ा हुआ है. इस भयानक बीमारी से जीत पाने के लिए सभी को पूरी ताकत के साथ एक साथ खड़े होकर इसका सामना करना होगा।
विश्व कैंसर दिवस की 2026 थीम
इस 2026 की आधिकारिक थीम “United by Unique”
थीम: United by Unique
(यूनाइटेड बाय यूनिक) — अर्थात “एकता में अनोखापन”
थीम का अर्थ और उद्देश्य
“United by Unique” थीम का मुख्य संदेश यह है कि: कैंसर से जुड़ी हर व्यक्ति और कहानी अलग-अलग होती है। चाहे वह रोगी हो, देखभाल करने वाला हो, परिवार हो या समुदाय। हर कैंसर अनुभव अनूठा (unique) है। हर व्यक्ति की ज़रूरतें, चुनौतियाँ और रास्ते अलग-अलग होते हैं। बावजूद इसके, हम सब एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट हैं कैंसर के बोझ को कम करना, बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाना।
थीम के पीछे की सोच क्या है?
लोगों को केंद्र में रखना: कैंसर को सिर्फ बीमारी के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि व्यक्ति के अनुभव, भावनाएँ और ज़िंदगी की कहानी को भी महत्व देना है।
अनोखे अनुभव की कदर: हर मरीज, उसके देखभालकर्ता और समुदाय की अपनी अनोखी यात्रा होती है। इन कहानियों को सुनना और साझा करना महत्वपूर्ण है।
एक साझा मिशन: हर व्यक्ति, संगठन, चिकित्सक और सरकार मिलकर कैंसर के खिलाफ समान लक्ष्य-उन्मुख आंदोलन को आगे बढ़ा सकते हैं।
थीम क्यों महत्वपूर्ण है?
यह जागरूकता फैलाती है कि कैंसर केवल शारीरिक बीमारी नहीं, बल्कि भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक रूप से भी प्रभावित करता है। यह समान और व्यक्ति-केन्द्रित स्वास्थ्य देखभाल की वकालत करती है, जहां हर व्यक्ति की विशिष्ट ज़रूरतों को समझा और पूरा किया जाए। यह लोगों को कहानी कहने, सीखने और बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है। न केवल जागरूकता फैलाना बल्कि कदम उठाना।
पिछले कुछ सालों की कैंसर दिवस की थीमें
विश्व कैंसर दिवस हर वर्ष कुछ विशेष थीम पर मनाया जाता है; कुछ वर्षों के थीम को यहाँ नीचे दिया जा रहा है:
* 2007 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “बच्चों का आज, दुनिया का कल”
* 2008 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “बच्चों और युवाओं को एक धुआँ-मुक्त पर्यावरण दो”
* 2009 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “मैं अपने स्वस्थ सक्रिय बचपन से प्यार करता हूँ”
* 2010 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “कलेजे के कैंसर से संबंधित वायरस से रोकथाम के लिये टीकाकरण”
* 2011 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “ धूप से बचने के उपाय के द्वारा बच्चों और युवाओं को शिक्षा”
* 2012 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “एकसाथ ये मुमकिन है”
* 2013 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “कैंसर- क्या आप जानते थे ?”
* 2014 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “मिथकों का भंडाफोड़ करना”
* 2015 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “हमारे सीमाओं के बाहर नहीं है”
* 2016, 2017, 2018 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “हम कर सकते हैं। मै कर सकता हूँ”
* 2019, 2020, 2021 के विश्व कैंसर दिवस की थीम – “मैं हूं और मैं रहूंगा – (I am and I will)”
* वर्ष 2022-2024 के लिए विश्व कैंसर दिवस का विषय (World Cancer Day 2022 Theme)- “Close The Care Gap” है|
* वर्ष 2023 — थीम: “Close the care gap” इसका मतलब है: कैंसर की देखभाल तक पहुँच में जो अंतर (gap) है
यह थीम 3-साल (2022-24) के एक बड़े अभियान का हिस्सा थी जिसका उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य असमानताओं को कम करना है।
कैंसर के प्रकार
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हर 10 में एक भारतीय को कैंसर होने की आशंका बनी रहती है और 2025 तक तो देश के 16 लाख लोग कैंसर का शिकार होने की संभावना जताई गई थी। जिसमें, सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के मरीज होंगे। इस खतरनाक बीमारी में लगभग 100 से ज्यादा प्रकार होते हैं। इनमें सबसे आम स्किन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, मेलानोमा, लिम्फोमा, किडनी कैंसर हैं। महिलाओं में सबसे ज्यादा स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़े, सर्वाइकल, और थायराइड कैंसर होता है, वहीं, पुरुषों में फेफड़े, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल, पेट और लिवर का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जाता है।
वर्ल्ड कैंसर डे कैसे मनाया जाता है?
वर्ल्ड कैंसर डे, Cancer (कर्क रोग) जैसी भयावह बीमारी को फैलने से रोकने के लिए विश्व स्तर पर सरकारी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा कैंप, सेमिनार, लेक्चर, भाषण और कई जागरूकता अभियान करके मनाया जाता है। जिनमें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी और इसके लक्षणों तथा रोकथाम के उपायों को विस्तृत रूप से सरल भाषा में समझाया जाता है, इस दिन कई अस्पतालों में मुफ्त कैंसर जांच जैसे कार्यक्रम और महिलाओं के लिए स्पेशल जांच कैंप लगाए जाते हैं।
कैंसर क्या है? क्यों और कैसे होता है?
कैंसर किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को होने वाली ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाओं का समूह अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगता है जो कैंसर का कारण बन जाता है। स्तन, ब्लड, स्किन, सर्वाइकल, फेफड़ों और प्रोस्टेट तथा मुंह के कैंसर समेत 100 से अधिक प्रकार के कैंसर हो सकते हैं। कैंसर होने का कारण कैंसर के प्रकारों पर निर्भर करता है, जिस तरह से कैंसर अलग-अलग तरह के होते हैं वैसे ही कैंसर होने के अलग-अलग कारण होते हैं जिनमें में कुछ सामान्य कारण निम्नलिखित हैं:
* तंबाकू चबाने से,
* धूम्रपान करने से,
* पौष्टिक आहार ना लेने से,
* व्यायाम और योगा ना करने के कारण,
* शरीर का वजन बढ़ने के कारण,
* मदिरा का सेवन करना आदि
* सब्जियों और फलों का सेवन कम करना,
* शारीरिक क्षमता वाले काम न करना अथवा कम करना,
* शहरों में प्रदुषण होने के कारण,
* आनुवंशिक संक्रमण,
* सूर्य की अल्ट्रा वोइलेट किरणों [UV rays] के कारण, आदि.
इसके अलावा लोगों में फैली विभिन्न गलत धारणाओं को दूर करना, इनमें से कुछ भ्रांतियां निम्नानुसार हैं -:
* कैंसर पीड़ित व्यक्ति को छूने से कैंसर फैलता हैं,
* कैंसर पीड़ित व्यक्तियों को सामान्य व्यक्तियों की तरह समान अधिकार प्राप्त नहीं होते, आदि।
कैंसर होने के लक्षण और इससे बचने के उपाय?
वजन कम होना, बुखार आना, भूख कम लगना, खासी, खाँसने पर मुंह से खून आना, हड्डियों में दर्द रहना, शरीर में गांठ का बढ़ना, घाव का देर से ठीक होना, आदि कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। कैंसर के प्रति जागरूकता और सही समय पर इसकी पहचान ही आपको इस गंभीर बिमारी से बचा सकती है। इसके साथ ही एक स्वस्थ दिनचर्या भी जरूरी है, इसलिए इससे बचने के लिए एक्सरसाइज और नियमित योगा करें, सूर्य के प्रकाश में ज्यादा देर तक रहने से बचें, तंबाकू एवं नशीली पदार्थों का सेवन ना करें, वजन को ज्यादा न बढ़ने दें।
नई डिटेक्शन किट बताइएगी ब्रेस्ट कैंसर उपचार में कीमोथेरेपी की जरूरत है या नहीं, जानिए क्या है यह नया टूल
अब तक किसी भी तरह के कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी सर्वाधिक प्रभावशाली तकनीक है। पर यह इतनी दर्दनाक है कि इससे कैंसर रोगियों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है। नई तकनीक इसकी आवश्यकता का सही-सही आकलन कर पाएगी।
इन दिनों कैंसर के इलाज के लिए कुछ ऐसे स्क्रीनिंग टेस्ट (early cancer detection) इजाद किए गए हैं, जिसके बाद अब कीमोथेरेपी के खर्च से आसानी से बचा जा सकता है। दरअसल, भारतीय मूल के वैज्ञानिक डॉ हेममेल अमरानिया और उनकी टीम ने एक रेपिड स्क्रीनिंग सिस्टम(rapid screening test) खोज निकाला है। इसके इस्तेमाल से अब स्तन कैंसर को समय रहते डिटेक्ट कर लिया जाएगा। इससे रोगियों को कीमोथेरेपी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जानिए क्या है ब्रेस्ट कैंसर के लिए बनाई गई डिटेक्शन किट
आमतौर पर खतरा बढ़ने के बाद मरीज़ को कीमो की प्रक्रिया से होकर गुज़रना ही पड़ता है। मगर इस टेस्ट से रोग को शुरूआती स्टेज में ही पकड़ा जा सकता है। इससे इलाज करने में भी बेहद आसानी रहती है। लंदन बेस्ड इम्पीरियल कॉलेज एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में डिजीस्टेन मेडिकल फर्म ने एक डिटेक्शन किट तैयार की है। इस किट को पैथोलॉजिस्ट समेत करीबन 1,500 ऑन्कोलॉजिस्ट के इनपुट के साथ बनाया गया है। जहां नॉटिंघम यूनिवर्सिटी अस्पताल और लंदन के चेरिंग क्रॉस अस्पताल में इसका ट्रायल सफल रहा। वहीं भारत में अपोलो ग्रुप भी उच्च स्तर पर इसकी टेस्टिंग प्रक्रिया में जुटा हुआ है। लंदन के शोधकर्ता और वाई कॉम्बिनेटर के संस्थापक डॉ हेममेल अमरानिया ने इस तकनीक को सस्ती और तेज़ बताया है। उनका कहना है कि इस तकनीक में 95 प्रतिशत से अधिक सटीकता के चांस हैं। जो कम समय में रिजल्ट उपलब्ध करवाने में कारगर है। न केवल समस्या को इवेल्यूएट करने की स्पीड घंटों और दिनों में होगी। वहीं अगर खर्च की बात करें, तो इस टेस्ट का खर्चा भी कीमोथेरेपी से 30 फीसदी कम होगा।
कैंसर के बारे में रोचक तथ्य –
* दुनिया में हर रोज़ 20,000 से भी ज़्यादा मौतें कैंसर की वजह से होती हैं।
* दुनिया में मलेरिया, TB और AIDS की वजह से जितनी मौते होती है उससे कई ज़्यादा मौते कैंसर की वजह से होती है।
* कैंसर लगभग 100 प्रकार के होते हैं।
* शरीर के किसी भी अंग में आप कैंसर से ग्रसित हो सकते हैं।
* शराब और तंबाकू छोड़ने पर 30% कैंसर से बचा जा सकता है।
* दुनिया में करीब 2.8 करोड़ लोग कैंसर से ग्रसित हैं।
* हर रोज़ exercise करने से ब्रैस्ट(स्तन) कैंसर होने की सम्भावना 25% कम हो जाती है।
* एक सिगरेट में करीब 48,000 केमिकल होते है जिसमे से 69 कैंसर का कारण बन सकते हैं।
* आप जानते होंगे कि धूम्रपान करने से ही Lung Cancer होता है। लेकिन दुनिया के ज़्यादातर कर्मचारी ऑफिस के अंदर या घर के अंदर ही काम करते है जिसकी वजह से इन्हे Skin Cancer हो जाता है और इससे पीड़ित व्यक्तियों की संख्या Lung Cancer के पीड़ितों से ज़्यादा है।
* एक स्टडी के अनुसार लंबी लड़कियों को कैंसर होने की सम्भावना ज़्यादा होती है।
* सन् 1991 में कैंसर की मृत्यु दर करीब 215 मृत्यु प्रति 100000 व्यक्ति थी। जो सन् 2010 में घट कर 172 मृत्यु प्रति 100000 व्यक्ति हो गई है।
* मशहूर हॉलीवुड अभिनेत्री “एंजेलिना जोली” के स्तन कैंसर की घोषणा के बाद अमेरिका की महिलाओं ने दुगनी संख्या में कैंसर टेस्ट कराया था।
* Prediabetes से कैंसर के होने की 15% संभावना बढ़ जाती है।
* पायलट और अधिकतर हवाई सफर करने वाले लोगो में Skin Cancer होने की संभावना दुगनी होती है।
* अमेरिका में हर साल करीब 450 पुरुषों की मौत स्तन कैंसर की वजह से होती है।
* प्रशिक्षित कुत्ते सिर्फ सूंघ कर ही कैंसर का पता लगा सकते हैं।
* आप यह सुन कर हैरान रह जाएँगे कि पौधों को भी कैंसर हो सकता है।
* सिर्फ अमेरिका में ही हर 13 मिनट में स्तन कैंसर की वजह से एक महिला की मौत होती है।
* सिर्फ धूम्रपान से ही नही वायु प्रदूषण से भी Lung Cancer हो सकता है।
* “Billy Owen” नाम के एक व्यक्ति ने कैंसर की वजह से उसकी एक आँख और आधे चेहरे को खो दिया था। लेकिन उसके बाद उसने अपना करियर एक Zombie Actor के रूप में बनाया और वह काफी प्रचलित भी हुआ था।
* अमेरिका के कुल कैंसर पीड़ितों में से केवल 65% लोग ही जीवित रह पाते है।
* हाथियों में कैंसर होने की संभावना बहुत कम होती है।
* दुनिया में कैंसर से होने वाली कुल मृत्यु में से 3.5% मृत्यु सिर्फ शराब पीने से होती है।
* Tattoos की वजह से Skin कैंसर का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
* पिछले एक दशक में तंबाकू की वजह से करीब 5 करोड़ लोगो की जान जा चुकी है।
* दुनिया की हर 8 में से 1 मौत का कारण कैंसर ही होता है।
अंत में
कैंसर के प्रति जागरूकता और सही समय पर इसकी पहचान ही आपको इस गंभीर बिमारी से बचा सकती है इसके साथ ही एक स्वस्थ दिनचर्या भी जरूरी है। किसी भी व्यक्ति विशेष के जीवन में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का समायोजन न हो। विश्व कैंसर दिवस ऐसी ही एक योजना का चरण है जिसके माध्यम से जनता तक कैंसर से बचने के उपाय, कैंसर होने के कारण एवं अन्य कई प्रकार भी जानकारियां पहुंचाई जाती है जिनको ध्यान में रखकर कई जीवन इस गंभीर बीमारी से बचाये जा सकते हैं।



