भिलाई 12 अप्रैल 2026। नगर निगम भिलाई के पूर्व सभापति एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र अरोरा ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक देवेंद्र यादव पर एमएमएस प्रकरण को लेकर तीखा हमला बोलते हुए पूरे मामले को संदेहास्पद बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि विधायक इस मुद्दे पर केवल “घड़ियाली आंसू” बहा रहे हैं, जबकि यदि उन्हें वास्तव में जांच एजेंसियों पर भरोसा होता तो वे समय पर पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराते और अपनी कथित जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करते।राजेंद्र अरोरा ने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार आठ बार नोटिस दिए जाने के बावजूद विधायक का बयान के लिए उपस्थित न होना कई सवाल खड़े करता है, जबकि वे नौवें नोटिस पर जाकर बयान देने पहुंचे। उन्होंने इसे जांच प्रक्रिया के प्रति गंभीरता की कमी बताया। साथ ही उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि जिस जांच रिपोर्ट के आधार पर विधायक ने एमएमएस को फर्जी बताया, वह जांच आखिर कहां और किस एजेंसी से कराई गई तथा उसकी प्रमाणिकता क्या है।प्रेस वार्ता के दौरान राजेंद्र अरोरा ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम में एक सुनियोजित रणनीति नजर आती है, जिसमें पहले स्वयं एक कहानी गढ़ी गई, फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया गया और बाद में राजनीतिक विरोधियों पर आरोप मढ़े गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी ने भी विधायक पर प्रत्यक्ष आरोप नहीं लगाया था, इसके बावजूद इसे अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा बनाया गया।उन्होंने भिलाई की जनता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग बेहद समझदार हैं और इस प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों को अच्छी तरह समझते हैं। राजेंद्र अरोरा ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक का शहर की जनता से सीधा जुड़ाव पिछले कुछ वर्षों में कम हुआ है और वे स्थानीय मुद्दों से दूर रहे हैं।इसी क्रम में राजेंद्र अरोरा ने कहा कि यह वीडियो/सीडी चुनाव के लगभग तीन महीने पहले ही बाजार में घूम रही थी, उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और स्वयं देवेंद्र यादव विधायक थे। यदि उन्हें इस पर संदेह था, तो उन्होंने उसी समय अपनी ही सरकार में रहते हुए जांच क्यों नहीं करवाई? उन्होंने सवाल उठाया कि विधायक स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने यह वीडियो देखी थी—तो यह वीडियो उन्हें किसने दिखाई और उन्हें यह जानकारी कैसे मिली कि यह भिलाई में प्रसारित हो रही है?अरोरा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान स्वयं देवेंद्र यादव ने प्रेस वार्ता कर इस वीडियो की जानकारी भिलाई के लोगों तक पहुंचाई। जिन लोगों को इस विषय की जानकारी नहीं थी, उनके बीच भी यह मुद्दा इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से फैलाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद विधायक ने सार्वजनिक रूप से भावुकता दिखाते हुए सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया और प्रेस वार्ता में एक कथित जांच रिपोर्ट लहराते हुए दावा किया कि उन्होंने वीडियो की जांच करवाई है, जिसमें उन्हें “क्लीन चिट” मिल चुकी है और उनकी छवि धूमिल करने की साजिश की जा रही है।राजेंद्र अरोरा ने कहा कि इसके बाद स्वयं विधायक द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर वही वीडियो जांच के लिए सौंपा गया, जो पूरे घटनाक्रम को और अधिक संदिग्ध बनाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए समय-समय पर रची जाने वाली नौटंकी का हिस्सा है।अरोरा ने कहा कि भिलाई जैसे शांत और जागरूक शहर में इस प्रकार की “गंदी राजनीति” पहले कभी देखने को नहीं मिली, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।अंत में राजेंद्र अरोरा ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि एमएमएस में दिखाई देने वाली महिला की पहचान कर उसका बयान लिया जाना आवश्यक है, जिससे पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सके। यदि यह प्रकरण चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच एजेंसियां निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जल्द ही सच्चाई सामने लाएंगी।



