भिलाई। 13 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू की केंद्रीय टीम 12 जनवरी को रात को हुए दुर्घटना (केबल ब्लास्ट) की जांच करने स्टील मेल्टिंग शॉप 2 का दौरा किया। प्रथम दृश्यता कई टेक्निकल फॉल्ट सामने आए हैं जिसका बारीकी से जांच करके रिपोर्ट को चर्चा हेतु सार्वजनिक किया जाना जरूरी है। इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ किंतु घटनास्थल एवं उसके ऊपर के कंट्रोल रूम तथा पीछे के रेस्टरूम को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यदि कार्य करने वाले कर्मी उस स्थान से आनन फानन में नहीं भागें होते तो कोई भी हताहत होने की बड़ी घटना हो सकती थी।
टेक्निकल फाल्ट के चलते हुई इतनी बड़ी दुर्घटना
स्टील मेल्टिंग शॉप में तीन कन्वर्टर है जिसमें से दूसरे कन्वर्टर में हादसा हुआ। पुराने कनवर्टर नंबर दो को पूरी तरह से हटाकर उसके स्थान पर नया कन्वर्टर को स्थापित किया गया जिसे 8 नवंबर 2025 को नया कन्वर्टर चालू किया गया। सीटू के जांच में प्रथम दृश्यता यह बात सामने आई है कि इस नए स्थापित हुए कन्वर्टर में शुरू से ही टेक्निकल फॉल्ट सामने आ रहा था बावजूद इसके उस नए कन्वर्टर से उत्पादन लेने की प्रक्रिया भी चालू थी। इस नए कन्वर्टर में टिल्टिंग होते समय शिकायत आ रही थी वही ब्रेक जाम होने की भी शिकायत की जा रही थी। जब कन्वर्टर को टिल्ट किया जा रहा था कन्वर्टर ओवर टिल्ट हो गया एवं ब्रेक भी नहीं लगा जिसके चलते स्लैग ज्यादा ताकत में बाहर निकल गया और कंट्रोल रूम के नीचे के इलेक्ट्रिक केबल में आग लग गई। देखते ही देखते आग भयानक रूप ले लिया जो बढ़ते बढ़ते कन्वर्टर नंबर एक एवं कन्वर्टर नंबर तीन के नीचे के इलेक्ट्रिक केबल तक पहुंच गया एवं जोर-जोर से केबल ब्लास्ट होने लगा। इसके बाद तीनों कंट्रोल रूम पूरी तरह से जलकर तहस-नहस हो गया।
फायर एक्सटिंग्विशर विकल्प नहीं है फायर मेन का
सीटू की टीम ने कहा कि जहां आग लगी थी वह ऐसी जगह है जहां पर फायर की गाड़ियां बहुत देर तक पहुंच नहीं पा रही थी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर कैसे पहुंचेंगे यह बताने के लिए स्थिति में भी वहां के लोग नहीं थे जिसके चलते आग और बढ़ गई। सामान्यता इलेक्ट्रिक केबल में लगी आग को फायर एक्सटिंग्विशर, विभागों में रखकर बुझाने के लिए कहा जाए तो विभाग के कर्मी समझ ही नहीं पाते हैं कि बिजली तारों में लगा हुआ आग को कौन से एक्सटिंग्विशर से बुझाया जाता है इसीलिए फायर ब्रिगेड में हो रही मैनपावर की कटौती कभी भी विभागों में फायर एक्सटिंग्विशर को रखकर पूरा नहीं किया जा सकता है जिसे प्रबंधन को समझना होगा।
मैन पावर कमी से जूझ रहा है संयंत्र
प्रबंधन इस्पात मंत्रालय के कहने पर लगातार स्थाई एवं ठेका श्रमिकों में कटौती करते जा रहा है। स्टील मेल्टिंग शॉप हो या रेल मिल, कोक ओवन हो या ब्लास्ट फर्नेस, सभी विभाग मैनपावर की कमी से जूझ रहे हैं उस पर कितनी भी सुरक्षा की बात कर लिया जाए किंतु कार्य के दबाव के चलते दुर्घटनाओं को आमंत्रित करना अब आम बात होने लगी है इसीलिए मैनपॉवर बढ़ाने के बारे में सोचा जाना जरूरी है।
लागत नियंत्रण का फिर से करे रिव्यू
केंद्र के इशारे पर ही कॉस्ट कंट्रोल के नाम पर कई तब्दीलियां हो रही है किंतु जब बड़ी घटनाएं घट जाती है तो पूरी की पूरी कॉस्ट कंट्रोल धरी की धरी रह जाती है। जिसका प्रत्यक्ष एवं ताजा उदाहरण स्टील मेल्टिंग शॉप की 12 जनवरी को घटी हुई अग्नि दुर्घटना है जिस पर प्रबंधन को रिव्यू करना होगा।
आपदा प्रबंधन पूरी तरह से हुआ फेल
अचानक आने वाली विपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन बनाया जाता है किंतु स्टील मेल्टिंग शॉप दो में हुई अग्नि दुर्घटना के जांच में यह बात भी सामने आया कि या तो आपदा प्रबंधन नाम की चीज कोई थी ही नहीं अन्यथा आपदा प्रबंधन पूरी तरह से ही फेल हो गई थी।
हर घटना चेतावनी देता है, समझना होगा हमें
सीटू की टीम ने कहा कि हर बड़ी घटना बहुत सी छोटी-छोटी घटनाओं का समावेश होता है जब हम छोटी-छोटी घटनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं तो एक बड़ी घटना घट जाती है इसीलिए हर घटना को चेतावनी समझ कर न केवल उन घटनाओं का विश्लेषण करना चाहिए बल्कि भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो इसके उपायों को अपनाकर एस ओ पी में व्यापक बदलाव करने चाहिए।



