दुर्ग, 10 मार्च 2026/ गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत जिले में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 30 जून 2026 अथवा मानसून आगमन तक जिले में भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नया नलकूप (बोरवेल) खनन नहीं किया जा सकेगा। यह व्यवस्था पेयजल स्रोतों के संरक्षण तथा आम नागरिकों को गर्मी के दौरान पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि शासकीय, अर्धशासकीय एवं नगरीय निकायों को अपने क्षेत्राधिकार में पेयजल व्यवस्था के लिए आवश्यक नलकूप खनन की अनुमति अलग से लेने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, नलकूप खनन अथवा मरम्मत का कार्य केवल पंजीकृत बोरवेल एजेंसियों के माध्यम से ही किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। नगर निगम दुर्ग, भिलाई और रिसाली क्षेत्र के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार राजस्व अनुविभाग दुर्ग के शेष क्षेत्रों के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, राजस्व अनुविभाग धमधा के लिए अनुविभागीय अधिकारी धमधा, राजस्व अनुविभाग पाटन के लिए अनुविभागीय अधिकारी पाटन तथा राजस्व अनुविभाग भिलाई-3 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए अनुविभागीय अधिकारी भिलाई-3 को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारी संबंधित क्षेत्र में आवश्यकतानुसार जांच एवं रिपोर्ट प्राप्त कर नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
बिना अनुमति नलकूप खनन पर रोक: गर्मी को देखते हुए गाड़ी जप्त करने कलेक्टर ने दिए आदेश
Chhattisgarh no.1 News Portal
Leave a comment




