इंटरनेट युग में हमारी पूरी जिंदगी स्मार्ट मोबाइल फोन पर निर्भर हो चुकी है। जिंदगी के गहरे रहस्यों से लेकर, हमारे सभी पासवर्ड, बैंक खातों की डिटेल, ई-वॉलेट आदि सब कुछ इसमें है। मतलब मोबाइल आज के समय का ऐसा राजदार बन चुका जिसकी थोड़ी देर की जुदाई हमें परेशान कर देती है। उसके खोने या चोरी होने के साथ ही उसमें मौजूद गोपनीय जानकारियों के मिस यूज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।मोबाइल संबंधी खतरों से बचने के लिए हम इसकी सुरक्षा को लेकर अक्सर बेहद सतर्क रहते हैं। मोबाइल फोन खोने या चोरी होने पर सबसे ज्यादा खतरा लड़कियों को होता है। लिहाजा मोबाइल खोने या चोरी होने की घटना को हल्के में लेना बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। ऐसे में अगर आपका फोन खो गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।
आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिससे आप आसानी से अपने फोन को गुम होने पर आसानी से ढूंढ सकते हैं. ये तरीके आपके लिए तब और काम आ सकते हैं जब आपका गुम हुआ फोन साइलेंट हो और आप उसमें बजते रिंग को न सुन सकते हों. तो चलिए जानते हैं गुम हुए फोन को ढूढने का तरीका…
फोन में सेटअप करें Find My Device Settings
एंड्रॉयड और iOS डिवाइस बिल्ट-इन Find my device फीचर के साथ आता है. अपने फोन को सेटअप करते वक्त इस फीचर को ऑन रखना जरूरी है. अगर आपने अभी तक इसे ऑन नहीं किया है तो ऐसे ऑन कर सकते हैं…
एंड्रॉयड डिवाइस के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स
– सेटिंग्स मेन्यू को ओपन करें और सब मेन्यू ‘Security’ में जाएं. अगर आपको सब-मेन्यू नहीं दिख रहा है तो आप सेटिग्स मेन्यू में जाकर ‘Find my device’ सर्च कर सकते हैं।
– अब ‘Find my device’ ऑप्शन में जाएं और इसे ऑन करें. अब आपको अपने आइडेंटिटी को वैरिफाई करने के लिए गूगल अकाउंट पासवर्ड को एंटर करना होगा।
– ‘Find my device’ सेटिंग के एक्विवेट होने के बाद आप दूसरे डिवाइस, लैपटॉप, डेस्कटॉप या अन्य मोबाइल डिवाइस से https://www.google.com/android/find पर जाकर इसकी जांच कर सकते हैं।
– अगर आपने अपने गूगल अकाउंट में साइन कर रखा है तो यह सर्विस आपके फोन को सर्च करना शुरू कर देगी। अगर नहीं किया है तो यूजर आइकन पर क्लिक कर अपने अकाउंट में लॉगिन करें।
– अगर आपने अब अपने सही अकाउंट से लॉगिन कर रखा है और इस सर्विस ने आपके मोबाइल फोन को लोकेट कर दिया है. अब यह आपके मैप पर फोन का लोकेशन बताएगा। इसके बाद आपको प्ले साउंड, सिक्योर द डिवाइस, इरेज द डिवाइस के तीन ऑप्शन मिलेंगे। प्ले साउंड ऑप्शन सिलेक्ट करने पर कुछ सेकेंड्स में आपका फोन तेज आवाज में बजने लगेगा। इसका मतलब है कि यह सर्विस आपके फोन पर एक्टिव है और फाइंड माई डिवाइस फीचर काम कर रहा है।
— यहाँ आप मात्र अपने फोन को लोकेट ही नहीं कर सकते हैं, इसके अलावा आपको इसे रिंग या वाइप भी कर सकते हैं। अब आपके जहन में एक सवाल यह भी सकता है कि अगर उस समय आपके पास अपना कम्प्यूटर न हो तो आप क्या करेंगे। इसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप बड़ी आसानी से अपने किसी दोस्त के फोन से या किसी अन्य फोन से भी ऐसा कर सकते हैं। आपको गेस्ट मोड में जाकर गूगल अकाउंट लॉग इन का इस्तेमाल करके इस ID पर लॉग इन करना है।
अब आप अपने फोन को कभी भी इस लिंक https://www.google.com/android/find पर जाकर अपने फोन को ढूंढ सकते हैं. इसके अलावा गूगल ने इसका फीचर वाला एक ऐप भी पेश किया है जिसे आप प्लेस्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं जो आपके डिवाइस को लोकेट करने में मदद कर सकता है।
सलाह: आपका फ़ोन सभी डिवाइस को अपने-आप ढूंढकर उन्हें सेट अप नहीं कर सकता. अगर आपके फ़ोन पर सेटिंग ऐप्लिकेशन में कोई डिवाइस दिखाई नहीं देता, तो ब्लूटूथ जैसे किसी दूसरे तरीके से उससे जुड़ने की कोशिश करें।
आईफोन (iPhone) को तलाशना: फाइंड माइ आईफोन (Find My iPhone) एप यूज करना अपने आईफोन को ढ़ूँढ़ने का सबसे पहला तरीका होता है। अगर आपके फोन पर ये एप डाउनलोड नहीं हुआ है, तो आपको इसे एप स्टोर (App Store) से डाउनलोड करना होगा। ये फाइंड माइ आईफोन वैसे तो काफी सही रिजल्ट देता है, लेकिन इसके काम करने के लिए आपके फोन का चालू रहना और साथ ही इन्टरनेट से कनेक्टेड रहना बहुत जरूरी होता है। कंप्यूटर या किसी दूसरी मोबाइल डिवाइस का यूज करते हुए, अपने आईक्लाउड (iCloud) पर लॉगिन करें, Find My iPhone खोलें। आपके आईफोन की लोकेशन को मैप पर नजर आना चाहिए, जिसे आप आपके आईफोन के मूवमेंट का पता लगाने के लिए यूज कर सकते हैं।
फाइंड माइ आईफोन आपको आपके आईफोन को साउंड करने (आपको या आपके आईफोन की लोकेशन के पास में मौजूद दूसरे लोगों को अलर्ट करने और इसके स्टेटस को खोया/चुराया गया सेट करने के लिए), मैसेज के जरिए आपकी कांटैक्ट इन्फॉर्मेशन को आपके आईफोन पर भेजने या कंटेंट्स को मिटाने और आपकी डिवाइस पर से डेटा को क्लियर करने का ऑप्शन देता है।
ब्लैकबेरी (BlackBerry) फोन की तलाश करना: ब्लैकबेरी डिवाइसेस में आमतौर पर खुद के ट्रेकिंग एप्स या सर्विसेज शामिल नहीं होती हैं। हालांकि, अगर आप चाहें तो इसके लिए बेरी लोकेटर (Berry Locator) के जैसी किसी थर्ड-पार्टी सर्विस का यूज जरूर कर सकते हैं। इस सर्विस की कीमत लगभग Rs.500 तक होती है और ये आपकी खोई हुई डिवाइस पर एक मैसेज भेजेगा, साथ ही मैप पर आपकी डिवाइस की लोकेशन को भी दिखाएगा।
एक एंड्राइड (android) फोन की तलाश करें: अगर आपने आपके एंड्राइड फोन को खो दिया है, तो उसे ट्रेक करने के लिए दो तरीके मौजूद हैं। अगर फोन अभी भी चालू है और वायरलेस सिग्नल की रेंज में है, तो आप आपके कंप्यूटर पर डिवाइस मैनेजर (Device Manager) का यूज करके, इसे ट्रेक कर सकते हैं। अगर आपका फोन बंद है, या सर्विस रेंज से बाहर है, तो आप आपके कंप्यूटर पर से अपने फोन की आखिरी लोकेशन को चेक कर सकते हैं।
डिवाइस मैनेजर यूज करने के लिए, अपने कंप्यूटर या किसी दूसरी डिवाइस से आपके गूगल (Google) अकाउंट पर साइन इन करें। गूगल के डिवाइस मैनेजर को गूगल मैप्स (Google Maps) स्क्रीन पर फौरन आपकी डिवाइस की लोकेशन को दिखा देना चाहिए। डिवाइस मैनेजर में आपके फोन को लॉक करने, आपके फोन को रिंग करने या फिर इसके कंटेन्ट को दूर से ही साफ करने और डेटा क्लियर करने के कुछ एडिशनल ऑप्शन भी होते हैं।
google.com/settings/accounthistory पर जाकर आपके फोन की लास्ट रिकॉर्ड हुई लोकेशन को चेक करें। फिर “Places You Go,” और फिर “Manage History” क्लिक करें। हालांकि, ये ऑप्शन जीपीएस (GPS) के बजाय, वाई-फ़ाई और आपके मोबाइल के नेटवर्क पर ही निर्भर करता है, इसलिए ये आपके फोन को डिवाइस मैनेजर के जरिए पाने के बराबर सटीक तो नहीं होगा।
विंडोज (Windows) फोन को ढ़ूँढ़ना: विंडोज फोन यूजर्स विंडोज 8.1 (Windows 8.1) और इसके आगे के मॉडल्स में आए हुए बिल्ट-इन लॉस्ट (lost) फीचर्स का यूज कर सकते हैं। सारे माइक्रोसॉफ़्ट फोन्स और टेबलेट्स (tablets) की लिस्ट को देखने के लिए के लिए आपके कंप्यूटर पर या दूसरी वायरलेस डिवाइस से बस माइक्रोसॉफ़्ट डिवाइस के पेज पर जाएँ। फिर आप आपकी चुनी हुई डिवाइस को ट्रेक करने के लिए लोकेशन सर्विस का यूज कर सकते हैं। एक बार जब आप माइक्रोसॉफ़्ट लॉस्ट (lost) फोन सर्विस पर लॉगिन हो जाते हैं, फिर आप दूर से ही आपके सेल फोन को लॉक कर सकते हैं इसके सारे कंटेंट्स को साफ कर सकते हैं और आपकी डिवाइस के डेटा को भी हटा सकते हैं।
अपने सर्विस प्रोवाइडर को कांटैक्ट करें: कुछ सेल फोन सर्विस प्रोवाइडर्स के पास में उनके कस्टमर्स के लिए जीपीएस (GPS) लोकेशन सर्विस मौजूद होती है। फिर भले आपका प्रोवाइडर इस तरह का ऑप्शन नहीं भी उपलब्ध करता है, फिर भी वो कम से कम आपके फोन की सर्विस को तो कट कर ही सकते हैं। ऑनलाइन अपने प्रोवाइडर के कस्टमर सर्विस की तलाश करें या फिर अपनी फोन बुक में अपने प्रोवाइडर के लोकल ऑफिस की तलाश करें।
स्मार्ट बनें और सेफ रहें: अगर आपको लगता है, कि आपकी डिवाइस चोरी हुई है, तो फिर इसे खुद से पाने की कोशिश मत करें। इसकी बजाय, इसके बारे में पुलिस को रिपोर्ट कर दें और उन्हें आपकी इस प्रॉब्लम में आपकी मदद करने दें। अपने फोन को खुद से खोजने की कोशिश करने से आप किसी बहुत बड़ी परेशानी में पड़ सकते हैं
अपने पासवर्ड्स और लॉगिन्स (login) को कैंसल करें: इसे करने की आपकी स्पीड और जरूरत, इस बात पर डिपेंड करेगा, कि आपका फोन कितना ज्यादा ऑनलाइन इंटरेक्शन्स के लिए यूज किया जाता है। कुछ लोगों के लिए, ये बहुत कम होगा, तो वहीं कुछ के लिए ये एक बहुत बड़ा काम भी हो सकता है। इसके अलावा, आपको उस डिवाइस से किसी भी ऑनलाइन स्टोर्स (जैसे कि, एप स्टोर) पर रजिस्टर हुए किसी भी क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स को भी कैंसल करना होगा। अगर आपको इस बात की चिंता है, कि आपका फोन किसी और के हाँथ में है, तो आप इसे जितना जल्दी करते हैं, आपके लिए ये उतना ही सही रहेगा, जैसे कि आइडेंटिटी थेफ्ट (पहचान चोरी होना) एक बहुत मुश्किल और बहुत ज्यादा फैली हुई समस्या है।
अपने फोन की फिजिकली तलाश करना शुरू करने से पहले, कुछ वक़्त निकालकर आपके पासवर्ड्स और लॉगिन्स को रीसेट कर लेना बेहतर होता है। ये किसी के द्वारा आपकी इन्फॉर्मेशन पर एक्सेस कर लेने से होने वाले डैमेज को कम कर देगा और अगर आपको आपका फोन मिल जाता है, तो फिर एक नए पासवर्ड का यूज करना, आपके लिए कोई बहुत ज्यादा मुश्किल काम भी नहीं होगा।
आपके सबसे जरूरी पासवर्ड्स के साथ में शुरुआत करें। इसमें आमतौर पर ईमेल, बैंक अकाउंट्स, फेसबुक और ऑनलाइन स्टोरेज शामिल होते हैं। सबसे पहले फाइनेंशियल और पर्सनल इन्फॉर्मेशन के ऊपर ध्यान दें।आपके सबसे जरूरी पासवर्ड्स को बदल लेने के बाद, फिर आप कुछ जरा कम जरूरी सर्विसेज के पासवर्ड्स को रीसेट कर सकते हैं।
टेलीफोन कंपनी से कांटैक्ट करें: अपनी अकाउंट डिटेल्स को अपने पास में रखें, ताकि आपका अकाउंट बंद किया जा सके। अगर आपने आपके अकाउंट के लिए पासवर्ड या पासकोड़ सेट किया है, तो आपको उसकी भी जरूरत भी पड़ेगी। अपने सर्विस प्रोवाइडर से आपके फोन को कैंसल कराने से ये किसी को (फिर चाहे वो एक चोर हो या फिर वो इंसान, जिसे आपका फोन मिला है) भी आपके सिम कार्ड से अनॉथराइज़्ड कॉल्स करने से रोक देगा। अगर आपके पास में एक ऐसा फोन है, जो प्रीपेड नहीं है, बल्कि इस पर यूज के हिसाब से पे करना होता है और अगर वो आपको 2 घंटे के अंदर नहीं मिलता है, तो ऐसे में आपकी फोन कंपनी को कॉल करना और उन्हें आपके फोन को डीएक्टिवेट करने के लिए कहना, एक अच्छा आइडिया होगा।
इसकी रिपोर्ट करें: पुलिस स्टेशन जाएँ। अगर आप आपके प्री-पेड इंश्योरेंस ऑप्शन के जरिए क्लेम फ़ाइल करने का सोच रहे हैं, तो इसके लिए स्मार्टफोन इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स को अक्सर पहले एक पुलिस रिपोर्ट की जरूरत होती है। कुछ फोन कंपनीज को आपके अकाउंट को डीएक्टिवेट करने के लिए एक पुलिस रिपोर्ट की भी जरूरत होती है। खोए हुए फोन्स अक्सर मिल जाया करते हैं और क्योंकि लोगों को कभी भी ऐसा नहीं लगता है, कि कोई उनका फोन वापस करने की मेहनत नहीं करने वाला है, इसलिए ये बिना किसी क्लेम के पड़े रह जाते हैं।
आपके फोन के सीरियल नंबर को जानें: हर एक सेल फोन पर एक इलेक्ट्रॉनिक सीरियल नंबर होता है। आपके द्वारा यूज किया जाने वाले सेल फोन के टाइप और मॉडल के हिसाब से, आपके फोन के इस यूनिक नंबर को आईएमईआई (IMEI/International Mobile Equipment Identity), एमईआइडी (MEID/Mobile Equipment Identifier), या ईएसएन (ESN/Electronic Serial Number) बोला जा सकता है। ये अक्सर ही बैटरी के नीचे, एक स्टिकर में मौजूद होता है, हालांकि आपके फोन के हिसाब से इसकी लोकेशन शायद बदल भी सकती है।
जब आप आपके फोन को खरीदें, तभी उसके सीरियल/आइडेंटिफिकेशन नंबर को ढ़ूँढ़ लें। इस नंबर को लिख लें और उसे अपने घर पर ही किसी सेफ जगह पर रख दें। अगर आप कभी भी अपने फोन को खो देते हैं, तो आप पुलिस स्टेशन जाकर और आपके वायरलेस प्रोवाइडर को इसके सीरियल/आइडेंटिफिकेशन नंबर को रिपोर्ट कर सकते हैं।
आपके फोन को ऑनलाइन रजिस्टर करें: MissingPhones.org जैसी कुछ ऑनलाइन सर्विसेज, आपको आपके फोन को वेबसाइट के साथ में रजिस्टर करने देती हैं। ये फ्यूचर में आपके फोन के कभी खोने या चोरी हो जाने पर, आपकी मदद कर सकता है। अपने फोन को रजिस्टर करने के लिए, आपको आपकी डिवाइस से सीरियल नंबर की जरूरत पड़ेगी।
हर एक चीज़ के लिए एक जगह तय रखें: अगर आप अक्सर आपकी चीजों को खो दिया करते हैं, तो फिर आपको आपकी इस आदत पर काम करने की जरूरत पड़ेगी, फिर चाहे किसी भी आइटम को क्यों न खो रहे हों। चीजों को किसी एक खास जगह पर रखने की आदत बना लें, जिससे कि आपको भी मालूम हो, कि आपको वो चीज़ कहाँ पर मिलने वाली है।।अगर आप अक्सर अपने घर पर ही अपने फोन को खो दिया करते हैं, तो फिर जब भी आप उसे आपके हाँथ में या आपके पास न रख पा रहे हों, तब उसे एक नाइटस्टेंड पर या कॉफी टेबल पर ही रखने की आदत डाल लें।
जब आपका फोन आपके पास में हो, तो इसे किसी एक खास पॉकेट में ही रखें और जब भी आप कहीं से निकल रहे हों, तब एक बार सारी चीजों के उनकी जगह पर होने के लिए जरूर चेक करें। उदाहरण के लिए, आप आपके पॉकेट को एक खास ऑर्डर में टैप करके, सारी चाबियों (कीज), वॉलट और सेल फोन के रखे होने की जांच कर सकते हैं।
आगे होने वाले इस लॉस से बचने के लिए तैयार रहें: ऐसी कुछ सावधानियाँ हैं, जिन्हें अपनाकर आप फ्यूचर में गलती से अपने फोन को खो देने या कहीं पर छोड़ देने की वजह से होने वाली इतनी मेहनत करने से बचे रहने के लिए यूज कर सकते हैं। आप चाहें तो या तो आपके वायरलेस सर्विस प्रोवाइडर के जरिए या फिर AccuTracking या Belon.gs जैसी इंडिपेंडेंट सर्विस के जरिए आपके फोन को जीपीएस (GPS) ट्रेकिंग सर्विस पर रजिस्टर कर सकते हैं। आप चाहें तो आपके फोन के सीरियल/आइडेंटिफिकेशन नंबर को आपके वॉलट में या फिर आपके घर में भी रख सकते हैं।[१४]
सलाह
अगर हो सके, तो अपने फोन को हमेशा पासवर्ड प्रोटेक्ट ही रखें। ज़्यादातर सारे फोन्स, आपके द्वारा चुने हुए पासवर्ड के जरिए होम स्क्रीन को लॉक करने के ऑप्शन के साथ आते हैं। अपनी कांटैक्ट डिटेल्स को अपने फोन की होमस्क्रीन पर रखें। ये उस वक़्त आपके लिए मददगार साबित हो सकती, जब आपका फोन किसी ईमानदार हाँथों में आया हो और वो उसे आप तक पहुंचाना चाहता हो। हालांकि, इस बात से भी अवगत रहें, कि ये कुछ धोखेबाज़ लोगों को बड़ी आसानी से आपके रहने के ठिकाने के बारे में और आपके बारे में भी जानकारी दे सकता है।
आपके फोन के खोने से पहले, उसके IMEI कोड को सीख लें। ऐसा करने के लिए, आपके फोन के कीबोर्ड या पैनल पर इन बटन्स को प्रैस करें: *#06# इस इन्फोर्मेशन को आपके फोन के खोने पर यूज किए जाने के लिए एक सेफ प्लेस पर रख दें।आपका फोन खो न जाए, इसलिए आपके फोन पर सेव किसी भी डेटा को बैकअप कर के ही रखें।
किसी के लिए भी उसके फ़ोन का खोना फ्रस्ट्रेटिंग और परेशानी भरा हो सकता है। हालांकि, एक बात कभी न भूलें, कि ये सिर्फ एक डिवाइस है और आप इसके बिना भी रह सकते हैं। आपके लिए अपने दिमाग को साफ़ रखना और अपनी पर्सनल और फाइनेंशियल इन्फोर्मेशन को सेफ बनाए रखने की पुष्टि करना ज्यादा जरूरी होना चाहिए।