भिलाई। 27 अक्टूबर, 2026, (सीजी संदेश) : भारतीय बौद्ध महासभा, भिलाई तत्वावधान में सेक्टर-6 स्थित बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सांस्कृतिक भवन परिसर में वर्षावास समापन एवं पवारणा कार्यक्रम श्रद्धा और धार्मिक वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भंते प्रज्ञा कीर्ति एवं भंते सुगंध बोधि ने बौद्ध धर्म की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए पंचशील के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं धर्म ध्वजा फहराकर किया गया। इसके पश्चात भंते प्रज्ञा कीर्ति एवं भंते सुगंध बोधि ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष धूप-दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। भंते प्रज्ञा कीर्ति के नेतृत्व में पूजा-वंदना प्रारंभ हुई।
पंचशील के सिद्धांतों को जीवन में उतारने पर दिया जोर
इस अवसर पर भंते सुगंध बोधि ने बुद्ध वंदना, धम्म वंदना एवं संघ वंदना का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने पंचशील के सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक महत्व केवल उसके अध्ययन या उपदेश सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी शिक्षाओं को अपने आचरण और दैनिक जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने धम्म के व्यावहारिक अनुपालन अर्थात प्रतिपत्ति पर विशेष जोर देते हुए बताया कि सही आचरण और निरंतर अभ्यास से ही धम्म की वास्तविक अनुभूति अर्थात प्रतिवेध का मार्ग प्रशस्त होता है।
वर्षावास पूर्ण होने पर भंते प्रज्ञा कीर्ति का सम्मान
संस्था के अध्यक्ष ने भंते प्रज्ञा कीर्ति को वर्षावास सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी। इस अवसर पर संस्था की ओर से भंते प्रज्ञा कीर्ति एवं भंते सुगंध बोधि को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने दोनों भंते को चीवर दान एवं अष्ट परिष्कार दान अर्पित किया। इसके साथ ही उपस्थित सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से भिक्खु संघ को संघदान दिया। संस्था की महिला सदस्यों द्वारा भिक्खु संघ के लिए भोजनदान की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात संस्था के सदस्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने भिक्खु संघ के साथ सामूहिक भोजन ग्रहण किया।
धम्म देशना और आशीर्वाद गाथा के साथ कार्यक्रम संपन्न
भोजनदान के पश्चात कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में भंते द्वारा धम्म देशना दी गई। इसमें भगवान बुद्ध की शिक्षाओं, सदाचार, अनुशासन और धम्म के मार्ग पर चलने के महत्व को समझाया गया। शाम लगभग चार बजे आशीर्वाद गाथा के साथ धम्म देशना एवं वर्षावास समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा के समस्त पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, सामान्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


