भिलाई 21 अक्टूबर 2026। एकता में अनेकता भिलाई में देखने मिलता है,जहां हर धर्म के लोग निवास करते हैं।इसीलिए भिलाई को मिली इंडिया भी कहा जाता है। चाहे वह राजनीतिक दल के हो या समाजसेवी बीते दिन विजयदशमी के कार्यक्रम मैं यह देखने को मिला। नवयुवक दशहरा उत्सव समिति एवं व्यापारी संघ, सेक्टर-7 भिलाई के विजयादशमी उत्सव में कांग्रेस और भाजपा के कई बड़े नेता एक ही मंच पर नजर आए। राजनीतिक विचारधाराएं भले ही अलग हों, लेकिन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व पर नेताओं की साझा मौजूदगी ने पर्व को खास बना दिया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय, भाजपा कार्यसमिति के सदस्य मनीष पांडेय, सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’, पूर्व महापौर निर्मला यादव, भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल, आयोजनकर्ता एवं भाजयुमो मंडल अध्यक्ष गोल्डी सोनी, कांग्रेस पार्षद सुभद्रा सिंह तथा ट्रांसपोर्टर हरेंद्र यादव, महासचिव मलकीत सिंह लालू, जोगा राव मंच पर विराजमान थे ।

कार्यक्रम में आकर्षक आतिशबाजी के साथ लंका दहन का आयोजन भी किया गया, जिसने उत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। हालांकि, इस आयोजन की चर्चा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं रही। कांग्रेस और भाजपा के प्रमुख नेताओं का एक ही मंच पर नजर आना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजनीति, पार्टी और विचारधारा अपनी जगह हैं, लेकिन विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने अहंकार और घमंड के प्रतीक रावण का अंत कर सत्य की विजय का संदेश दिया था।उन्होंने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए आयोजनकर्ताओं की सराहना की और भव्य आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय ने भी विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस मंच पर दोनों राजनीतिक दलों के नेता मौजूद हैं। विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन बुराई को समाप्त करने के लिए सभी को साथ आना चाहिए।उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर बुराइयों को समाप्त करने और असत्य पर सत्य की जीत के संदेश को आत्मसात करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ ने अपने संबोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर मौजूद अहंकार, घमंड और बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने सत्य और धर्म की स्थापना के लिए संघर्ष किया। हमें भी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर आपसी भाईचारे के साथ रहना चाहिए और देश को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से पढ़ाई पर ध्यान देने, नशे से दूर रहने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जब हर व्यक्ति अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेगा, तभी एक बेहतर समाज का निर्माण संभव होगा।सेक्टर-7 के विजयादशमी उत्सव में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। आकर्षक आतिशबाजी और लंका दहन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहे। आयोजनकर्ताओं की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के बीच सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया।सेक्टर-7 का यह विजयादशमी उत्सव धार्मिक आयोजन के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी चर्चा में रहा। एक ओर रावण के पुतले का दहन हुआ, तो दूसरी ओर मंच से अहंकार, नशे और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया गया।
राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में संवाद, आपसी सम्मान और भाईचारे की जगह हमेशा बनी रह सकती है। सेक्टर-7 के दशहरा उत्सव में नेताओं की साझा मौजूदगी ने इसी पहलू को चर्चा के केंद्र में ला दिया।



