रायपुर। 19 अक्टूबर, 2026, (सीजी संदेश) : छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत रायपुर रेंज साइबर पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी करने तथा शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर 88 लाख रुपये की ठगी करने के मामलों में दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों से जुड़े अन्य साइबर अपराधों के भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी फेसबुक आईडी
पहला मामला वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने से संबंधित है। इस संबंध में शिकायतकर्ता सुशांत पनका ने पुलिस को सूचना दी थी कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा अधिकारी के नाम का दुरुपयोग करते हुए फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाया गया है।।शिकायत के आधार पर थाना राखी में अपराध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2), 336(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। मामले की विवेचना के दौरान रेंज साइबर पुलिस ने फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारियों का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर आरोपी अर्जुन कुमार जाटव (23 वर्ष), निवासी हमीरपुर, उत्तर प्रदेश की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी संबंधी गतिविधियों में संलिप्त था।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस इन तथ्यों की जांच कर रही है और संबंधित मामलों में आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपये की ठगी
दूसरा मामला शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी रकम की धोखाधड़ी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रश्मि शर्मा ने रेंज साइबर थाना रायपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर बाजार में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे 88 लाख रुपये की ठगी की गई है। शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4), 3(5), 238, 111 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप से संबंधित जानकारियों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में प्रवीण कुमार दीक्षित (46 वर्ष), निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश की संलिप्तता सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने अन्य साथी के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ नामक फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाते खुलवाता था और इन खातों में धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
देश के 11 थाना और साइबर सेल में दर्ज हैं शिकायतें
इस कार्रवाई में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार शेयर ट्रेडिंग ठगी के आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। इससे साइबर ठगी के व्यापक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। पुलिस अब अन्य संदिग्धों की भूमिका और धोखाधड़ी से संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
1. अर्जुन कुमार जाटव (23 वर्ष)
पिता – मुन्नू कुमार
निवासी – ग्राम पारा, तहसील मौदहा, जिला हमीरपुर, उत्तर प्रदेश।
2. प्रवीण कुमार दीक्षित (46 वर्ष)
पिता – विद्याभूषण दीक्षित
निवासी – पांडु नगर, हंसनगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश।
साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
रायपुर रेंज पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ और तकनीकी जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।



