भिलाई। 21 सितम्बर, 2026, (सीजी संदेश) : छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज, रायपुर द्वारा आयोजित आमसभा एवं शिक्षक सम्मान समारोह पूर्ण उत्साह, अनुशासन और सामाजिक एकता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में पी. आर. रामेकर (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष), नेतराम भाडेकर (प्रदेश संरक्षक), के. एल. सोनवानी (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष), डॉ. एस. आर. कन्नौजे (प्रदेश संरक्षक), डॉ. एम. के. एस. गजेन्द्र, सुनील रामटेके चेयरमैन आल पी एस यु, श्रीमती आशा मंगेट ( महिला कार्यकारी अध्यक्ष), डॉ. के. एल. टांडेकर (प्रदेश अध्यक्ष) पी. आर. झाड़ें (प्रदेश सदस्य), बालाराम कोलते (प्रदेश उपाध्यक्ष), तथा महेश मालपूरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समारोह में 55 शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. के. एल. टांडेकर जी ने कहा कि शिक्षक समाज के वास्तविक शिल्पकार हैं। वे ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास की ज्योति जलाकर नई पीढ़ी को सशक्त बनाते हैं। शिक्षा ही समाज की उन्नति, समानता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता की सबसे मजबूत कड़ी है। संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचार भी हमें शिक्षा, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाते हैं।
आमसभा में समाज की संगठनात्मक मजबूती, शिक्षा के प्रसार, युवाओं को रोजगार एवं कौशल से जोड़ने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं में एस.आर. कन्नौजे जी ने कहा कि संगठन और शिक्षा के बल पर ही समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज ने सरकार से गंभीर सवाल किए। छत्तीसगढ़ में रविदास समाज की जनसंख्या लगभग 14 से 15 लाख है, जिसमें अहिरवार, मेंहर, सूर्यवंशी, कुरील, रामनामी, रैगर, बैरवा, मेघवाल, मोची, चमार आदि उपजातियाँ शामिल हैं। लेकिन अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने इन्हें उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। किसी भी दल ने आज तक किसी आयोग या निगम-मंडल में उचित स्थान नहीं दिया, न ही विधानसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर दिया है। समाज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि रविदास जयंती पर छुट्टी अभी-अभी घोषित हुई है, और संत शिरोमणि रविदास महाराज के नाम पर अलंकरण समारोह की केवल घोषणा ही हुई है। न ही राजधानी में सामाजिक भवन उपलब्ध कराया गया है, नही कहीं शासकीय जमीन आवंटित की गई है ? और क्या सरकार ने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए अब तक कोई ठोस कदम उठाया है? यह सवाल रविदास समाज और उनके सामाजिक जन सरकार से कर रहे हैं? कार्यक्रम में स्पष्ट कड़ी शब्दों में गई यह सवाल किए गए हैं कि, सरकार समझती है कि केवल घोषणाओं, तारीखों और समारोहों से समाज को संतुष्ट कर लिया जाएगा, तो यह उनका भ्रम है। रविदास समाज किसी दल का केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों का हकदार है। छुट्टी कोई उपकार नहीं, अधिकार है। सामाजिक भवन, शासकीय जमीन, शिक्षा-रोजगार की ठोस नीति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग जायज है। यदि समाज रविदास समाज की उपेक्षा जारी रही, तो रविदास समाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मार्ग से अपने अधिकारों के लिए सड़क पर आंदोलन करने को विवश होगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज रायपुर, के प्रदेश उपाध्यक्ष बालाराम कोलते जी ने हर्ष व्यक्त किया तथा आयोजन में सहयोग देने वाले पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार जताया। साथ ही आगामी कार्यक्रमों में और अधिक उत्साह के साथ भाग लेने का संकल्प लिया गया। उक्त समारोह में मुख्य रूप से आरती मराठे, दीपक भोंडेकर,राजेश बोदलखंडे,राम प्यारे फौजी, अशरफी देवी, महेश चंद्र काटारे , अर्जुन भारती, मनोज खरौले, प्रकाश हटले, बबलु चौरे , आनंद सोने कर, मनोज मोहबे राजनेश चौरे ,राम खिलावन, राम खरे, अरविंद कुंभारे, योगराज जगने,विजय मालापुरे,अतुलदीप,अजय राय प्यारे,अमन ,राजाराम बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मौजूद है।



