दुर्ग। 15 सितंबर, 2026, (सीजी संदेश) : दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में भूमि सौदे के नाम पर हुए बड़े धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक जमीन दलाल को गिरफ्तार किया है। पीड़ित विजय सिंह चौहान से करीब 10 लाख रुपये लेकर आरोपियों ने न सिर्फ रजिस्ट्री टाली, बल्कि वही जमीन दूसरे खरीदार को बेचकर फायदा कमा लिया। पुलिस ने दस्तावेजों और लेन-देन की जांच के बाद मुख्य आरोपी लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की को पकड़ लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। यह मामला उस समय सामने आया जब पीड़ित ने थाना मोहन नगर में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में उसे उरला, दुर्ग स्थित जमीन खरीदने के नाम पर झांसा दिया गया था। आरोपियों ने कम समय में अधिक मुनाफे का लालच दिखाकर पीड़ित को सौदे में शामिल किया और इकरारनामा तक निष्पादित करा लिया, लेकिन रजिस्ट्री के नाम पर बार-बार समय टालते रहे। अंत में पता चला कि वही जमीन किसी और को बेच दी गई और पीड़ित की राशि भी वापस नहीं की गई। मोहन नगर पुलिस ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद विवेचना शुरू की और भूमि दस्तावेजों व बैंक लेन-देन की जांच के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी रखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले दस्तावेजों का पूरा सत्यापन कर लें और जल्दबाजी में बड़े लेन-देन से बचें।
प्रार्थी विजय सिंह चौहान, उम्र 53 वर्ष, निवासी शांति नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग द्वारा दिनांक 14 सितंबर को थाना मोहन नगर में शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में प्रार्थी की पहचान अजय साहू से हुई थी, जिसने स्वयं को जमीन खरीद-बिक्री का कार्य करने वाला बताते हुए लोकेश खुल्लर एवं अमित साहू से परिचय कराया। आरोपियों द्वारा प्रार्थी को उरला, दुर्ग स्थित भूमि दिखाकर कम समय में अधिक लाभ होने का विश्वास दिलाया गया। भूमि लगभग 10 हजार वर्गफीट बताई गई, जिसे प्रार्थी द्वारा अकेले खरीदने में असमर्थता व्यक्त करने पर लोकेश खुल्लर द्वारा आधी भूमि स्वयं खरीदने तथा प्रार्थी के साथ साझेदारी में सौदा करने की बात कही गई। इसके बाद भूमि स्वामियों से मुलाकात कराकर उक्त भूमि का सौदा ₹1,250 प्रति वर्गफीट की दर से तय किया गया। दिनांक 07 अक्टूबर 2024 को भूमि संबंधी इकरारनामा निष्पादित कराया गया तथा रजिस्ट्री से पूर्व भूमि का सीमांकन कराने एवं मौके पर स्थित बिजली खंभा हटवाने की जिम्मेदारी लोकेश खुल्लर द्वारा ली गई। प्रार्थी के अनुसार आरोपियों के कहने पर दिनांक 03 अक्टूबर 2024 को अमित साहू को ₹51,000 तथा दिनांक 07 अक्टूबर 2024 को भूमि स्वामियों के नाम क्रमशः ₹5,00,000 एवं ₹4,50,000 के चेक दिए गए, जिनकी राशि संबंधित खातों से प्राप्त की गई। निर्धारित समय तक भूमि का सीमांकन एवं रजिस्ट्री नहीं कराई गई तथा प्रार्थी को लगातार आश्वासन दिया जाता रहा। बाद में प्रार्थी को जानकारी मिली कि उक्त भूमि अन्य व्यक्ति को विक्रय कर रजिस्ट्री कर दी गई है। राशि वापस मांगने पर राशि वापस नहीं की गई। शिकायत के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान आरोपी लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की की पहचान कर उसे दिनांक 15.09.2026 को गिरफ्तार किया गया तथा न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। मामले में अन्य 02 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपियों द्वारा भूमि खरीदने में निवेश कर कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाकर प्रार्थी को भूमि सौदे में शामिल किया गया। इकरारनामा एवं बयाना राशि प्राप्त करने के बाद भूमि का सीमांकन एवं रजिस्ट्री कराने के नाम पर समय टाला गया तथा बाद में उक्त भूमि अन्य व्यक्ति को विक्रय कर दी गई।
घटना स्थल
मौजा ग्राम उरला, पटवारी हल्का नंबर 16, सिकोला, दुर्ग स्थित भूमि।
आरोपी का नाम
1. लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की, उम्र 38 वर्ष, निवासी मैत्री नगर, रिसाली, भिलाई, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री
प्रकरण से संबंधित भूमि दस्तावेज एवं वित्तीय लेन-देन संबंधी दस्तावेज विवेचना में प्राप्त कर जांच की जा रही है।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्यवाही में थाना मोहन नगर पुलिस की भूमिका रही है। पुलिस टीम द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद दस्तावेजों, भूमि सौदे एवं वित्तीय लेन-देन से संबंधित तथ्यों का परीक्षण कर आरोपी की पहचान एवं गिरफ्तारी की गई तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि भूमि अथवा अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री से पूर्व संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व, सीमांकन एवं पंजीयन संबंधी जानकारी का विधिवत सत्यापन करें। किसी व्यक्ति द्वारा कम समय में अधिक लाभ का प्रलोभन दिए जाने पर बिना दस्तावेजी जांच के राशि का लेन-देन न करें तथा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।



