भिलाई। 02 सितम्बर, 2026, (सीजी संदेश) : ऑनलाइन ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों से निकाल कर उपयोग करने वाले आरोपी को दुर्ग पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है, ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रकरण में विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार 05 आरोपियों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आई थी। भिलाईनगर पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान में आरोपी की तलाश कर उसे 02 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार किया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
थाना भिलाई नगर में प्रार्थी द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत प्रस्तुत किए जाने पर धारा 318(4) बीएनएस एवं धारा 66D आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार कुल 05 आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों तथा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रमेश सुथार की प्रकरण में संलिप्तता सामने आई। आरोपी द्वारा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्रार्थी से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर प्राप्त राशि को म्यूल बैंक खातों से आहरित कर उपयोग किए जाने के संबंध में साक्ष्य प्राप्त हुए।
आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित कर राजस्थान में संभावित ठिकानों पर तलाश की गई। पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दिनांक 02 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही उपरांत आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है तथा विवेचना जारी है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी द्वारा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर ऑनलाइन धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को म्यूल बैंक खातों के माध्यम से आहरित कर उसका उपयोग किया गया। प्रकरण में आरोपी की भूमिका के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों का विवेचनात्मक परीक्षण किया जा रहा है।
घटना स्थल
ऑनलाइन माध्यम से घटना घटित होने के कारण प्रकरण की राशि विभिन्न म्यूल बैंक खातों के माध्यम से आहरित की गई। प्रकरण थाना भिलाईनगर, जिला दुर्ग में पंजीबद्ध है।
आरोपी का नाम
1. रमेश सुथार, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम बना, थाना खेरवा, तहसील वल्लभनगर, जिला उदयपुर, राजस्थान।
जप्त सामग्री
प्रकरण में आरोपी की भूमिका से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विवेचनात्मक परीक्षण किया जा रहा है।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्यवाही में थाना भिलाईनगर की विशेष टीम के उपनिरीक्षक पूरण बहादुर, आरक्षक अनूप शर्मा, आरक्षक शाहबाज खान एवं आरक्षक जुगनू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई, ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराएं। किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल संबंधित बैंक को सूचित कर साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं पुलिस को जानकारी दें। अपने बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की राशि के लेन-देन के लिए न होने दें।



