भिलाई 28 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर दुर्ग पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में व्यापक साइबर जागृति अभियान संचालित किया गया। आज रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में निरुद्ध बंदियों से मिलने एवं उन्हें राखी बांधने के लिए उनके परिजन बड़ी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान लगभग 4,000 परिजन उपस्थित रहे। दुर्ग पुलिस द्वारा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही उपस्थित लोगों के बीच साइबर जागृति अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं साइबर टीम द्वारा उपस्थित परिजनों को वर्तमान समय में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं संदेश, संदिग्ध लिंक, ओटीपी साझा करने तथा डिजिटल माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में सरल भाषा में जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने एवं सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया गया।
साइबर जागरूकता अभियान
दुर्ग पुलिस द्वारा बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य संवेदनशील डिजिटल जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा ऑनलाइन ठगी की घटना होने पर बिना देरी किए पुलिस को सूचना दें। उपस्थित परिजनों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
सराहनीय कार्य
उक्त अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री शोभराज अग्रवाल, उप निरीक्षक संकल्प राय, साइबर टीम, थाना प्रभारी प्रमोद रुसिया पद्मनाभपूर, उप निरीक्षक चंद्रशेखर सोनी प्रभारी अंजोरा सहित पुलिस स्टाफ द्वारा सक्रिय सहभागिता करते हुए सुरक्षा व्यवस्था एवं साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।



