भिलाई। 30 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शासन द्वारा तैयार प्रारूप पर सुझाव लिए गए। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि बैठक में कर्मचारी संगठनों द्वारा दिए गए अधिकांश सुझावों को प्रारूप में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि योजना लागू होने के बाद कर्मचारियों को इलाज के लिए अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी। उपचार का पूरा खर्च कैशलेस व्यवस्था के तहत वहन किया जाएगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल पांडेय, प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम तथा एस.पी. देवांगन ने बताया कि प्रदेश के 136 सूचीबद्ध अस्पतालों तथा राज्य के बाहर लगभग 76 अस्पतालों में कर्मचारी इस योजना का लाभ लेकर उपचार करा सकेंगे। बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि कर्मचारियों को उपचार के लिए पहले रेफर कराए जाने की अनिवार्यता नहीं होगी। साथ ही प्रदेश स्तर पर एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को इलाज से संबंधित कागजी प्रक्रियाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। कर्मचारी संगठनों ने योजना के सुचारु संचालन के लिए शासन से 300 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान की मांग की है, ताकि भविष्य में बजट की कमी के कारण कर्मचारियों को किसी प्रकार की समस्या न हो। इसके अलावा सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की भी सिफारिश की गई। बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि वर्तमान प्रारूप में सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों (पेंशनर्स) को योजना में शामिल नहीं किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा योजना कर्मचारी संघ एवं अन्य कर्मचारी संगठनों ने पेंशनर्स को भी इस योजना का लाभ देने की मांग रखी। इस पर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने आश्वासन दिया कि कैबिनेट में प्रस्ताव भेजने से पहले आवश्यक संशोधन पर विचार किया जाएगा। संघ के लिपिक संवर्ग के प्रांतीय संयोजक बी.के. शुक्ला ने कहा कि कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए शासन को सुझाव सौंपे गए हैं। अब कैबिनेट में इन सुझावों को किस रूप में शामिल किया जाता है, इसका वास्तविक स्वरूप आगामी दिनों में स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रारूप कर्मचारी हित में दिखाई देता है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस योजना को लागू कराने में छत्तीसगढ़ कैशलेस कर्मचारी संघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके लिए उन्होंने शासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संयोजक ओ.पी. शर्मा, तूफान अली, श्यामाकांत तिवारी, सालिक राम नौरंगे, अजय नायक, प्रमेश पाल, सत्येंद्र गुप्ता, पी.सी. जेम्स, लाभेश पगारे, मिर्ज़ा इरफान बेग, अरविंद चंद्राकर, रीमा, जैकलीन डॉन, जाकिर अली, मनोज, शकील खान, दुर्गेश त्रिपाठी, सबीना मंसूरी, इंद्रसेन विश्वकर्मा, धनेश प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह सहित विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, प्रांतीय एवं ब्लॉक पदाधिकारियों ने शासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।




