भिलाई। 28 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : भिलाई नगर पुलिस ने साइबर ठगी में उपयोग किए जा रहे 26 म्यूल बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। शुरुआती जांच में पता चला कि इन खातों में ठगी गई राशि सीधे जमा हुई और फिर अन्य खातों में ट्रांसफर या नकद निकाली गई। आरोप है कि कई लोगों ने अपने बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा दूसरों को दे दी, जिनका इस्तेमाल धोखेबाज़ों ने किया। पुलिस जनता से अनुरोध कर रही है कि अपने बैंक व डिजिटल विवरण किसी अनजान से साझा न करें और संदेह होने पर 1930 या नजदीकी थाना को सूचित करें।
साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से थाना भिलाई नगर पुलिस द्वारा म्यूल बैंक खाताधारकों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवा (साइबर) के निर्देशानुसार दिनांक 21अप्रैल 2026 से थाना भिलाई नगर क्षेत्र अंतर्गत संचालित पंजाब नेशनल बैंक के ऐसे खातों का परीक्षण किया गया जिनका उपयोग साइबर ठगी से संबंधित विभिन्न शिकायतों में किया गया था।
जांच के दौरान यह पाया गया कि संदिग्ध बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि सीधे जमा हुई, जिससे ये खाते लेयर-1 (Mule Account) की श्रेणी में पाए गए। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2024 से 2026 के मध्य इन खातों के माध्यम से विभिन्न पीड़ितों से छलपूर्वक प्राप्त धनराशि को अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित अथवा आहरित किए जाने के तथ्य सामने आए। प्रथम दृष्टया यह भी पाया गया कि संबंधित खाताधारकों द्वारा स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम एवं इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई गईं, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, छिपाने, स्थानांतरित करने तथा उससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से किया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर थाना भिलाई नगर में धारा 318(2), 318(3), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर सभी 26 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में डिजिटल एवं बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत विवेचना जारी है तथा साइबर ठगी के मास्टरमाइंड एवं अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :
आरोपियों द्वारा अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम एवं इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराई गईं। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि प्राप्त करने, अन्य खातों में स्थानांतरित करने एवं नकद निकासी करने के लिए किया गया, जिससे साइबर अपराधियों को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
आरोपी का नाम :
1. शंकर चौधरी, उम्र 50 वर्ष, निवासी संत रविदास नगर, वार्ड-37, पावर हाउस, थाना छावनी, जिला दुर्ग।
2. कार्तिये साहू, उम्र 24 वर्ष, निवासी सेक्टर-06, सड़क-18, ब्लॉक-1/सी, भिलाई, जिला दुर्ग।
3. रूपेश कुमार देवांगन, उम्र 20 वर्ष, निवासी सेक्टर-04, डब्ल्यूएमआर रूम नं. 02, ब्लॉक-02, भिलाई, जिला दुर्ग।
4. अनील कुमार शर्मा, उम्र 58 वर्ष, निवासी एचआईजी-756, न्यू हाउसिंग बोर्ड, थाना जामुल, जिला दुर्ग।
5. कमल दास मानिकपुरी, उम्र 33 वर्ष, निवासी शारदा पारा, कैम्प-02, छावनी, जिला दुर्ग।
6. पुरुषोत्तम भारती, उम्र 25 वर्ष, निवासी लक्ष्मी नगर, दुर्गा पारा, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
7. राकेश कुमार निर्मलकर, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम बोरी, झलमला पारा, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग।
8. राहुल मेश्राम, उम्र 25 वर्ष, निवासी नेहरू नगर, वार्ड-05, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
9. हिमांशु यादव, उम्र 23 वर्ष, निवासी वार्ड-33, गोवर्धन चौक, थाना नेवई, जिला दुर्ग।
10. अरविंद पासवान, उम्र 20 वर्ष, निवासी कैलाश नगर, संतोषी मंदिर के पास, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
11. आदित्य कुमार वर्मा, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोहका, बजरंग पारा, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
12. शैलेन्द्र विश्वकर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी गंजपारा, वार्ड-37, थाना दुर्ग, जिला दुर्ग।
13. मोह. कमाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी सुपेला पांच रास्ता, पटेल होटल के पास, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
14. महेन्द्र कुमार साहू, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम डुमरडीह, वार्ड-02, थाना उतई, जिला दुर्ग।
15. दुर्गा प्रसाद ठाकुर, उम्र 27 वर्ष, निवासी इन्द्रा नगर, उतई, थाना उतई, जिला दुर्ग।
16. सचिन मेश्राम, उम्र 44 वर्ष, निवासी बाम्बे आवास, उरला, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
17. नारायण देवांगन, उम्र 27 वर्ष, निवासी मीनाक्षी नगर, बोरसी रोड, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग।
18. आशुतोष मिश्रा, उम्र 24 वर्ष, निवासी सर्कुलर मार्केट, कैम्प-02, छावनी, जिला दुर्ग।
19. अभिषेक कुमार वर्मा, उम्र 25 वर्ष, निवासी शारदा पारा, गांधी चौक, कैम्प-02, थाना छावनी, जिला दुर्ग।
20. जितेन्द्र हरिश कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी सेक्टर-11, जोन-02, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
21. प्रभावति हरिजन, उम्र 50 वर्ष, निवासी मिलन चौक, वार्ड-32, छावनी, जिला दुर्ग।
22. गीता लाजेवार, उम्र 45 वर्ष, निवासी पंजाबी मोहल्ला, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
23. सतविन्दर कौर, उम्र 30 वर्ष, निवासी एलआईजी-742, सांई मंदिर के पास, ढांचा भवन, थाना जामुल, जिला दुर्ग।
24. श्रुति वर्मा, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम मेहकाखुर्द, तहसील पाटन, थाना उतई, जिला दुर्ग।
25. प्रेम शीला चौधरी, उम्र 27 वर्ष, निवासी कबीर मंदिर के पास, वार्ड-46, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
26. अंकिता बंजारे, उम्र 22 वर्ष, निवासी शंकर नगर, उदय स्कूल के पास, वार्ड-41, छावनी, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री :
▪️ संबंधित बैंक खातों का विवरण।
▪️ एटीएम कार्ड।
▪️ चेकबुक एवं पासबुक।
▪️ बैंकिंग एवं डिजिटल दस्तावेज।
▪️ अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य।
सराहनीय कार्य :
उक्त कार्रवाई में थाना भिलाई नगर पुलिस की साइबर टीम, विवेचना अधिकारी एवं थाना स्टाफ द्वारा तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग अभिलेखों का परीक्षण, खाताधारकों की पहचान एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई में महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका निभाई गई।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी अथवा इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में धनराशि प्राप्त कर उसे आगे स्थानांतरित करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिसके लिए संबंधित खाताधारक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना में संपर्क करें।




