भिलाई। 17 जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने खाद्य मंत्री से पूछा कि क्या वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों में हितग्राहियों को राशन कार्ड पर मिलने वाले चावल की जगह नगद राशि दी जा रही है और गरीबों के हिस्से का चावल अवैध रूप से बाजार में बेचा जा रहा है।
विधायक ने यह भी जानना चाहा कि इस प्रकार की कुल कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुईं, उन पर क्या जांच और कार्रवाई की गई, दोषी राशन दुकानदारों एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए गए तथा भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार क्या व्यवस्था कर रही है।
खाद्य मंत्री का जवाब
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में स्पष्ट किया कि वैशाली नगर क्षेत्र में चावल के स्थान पर हितग्राहियों को नगद भुगतान किए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चावल के अवैध परिवहन से संबंधित कुल 4 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कार्रवाई का विस्तृत विवरण संलग्न परिशिष्ट में उपलब्ध कराया गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू है। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा रहा है।
विधानसभा में उठा पारदर्शिता का सवाल
विधायक रिकेश सेन ने सरकार से यह भी पूछा कि गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी रोकने और भविष्य में पात्र हितग्राहियों को पूरा राशन सुनिश्चित करने के लिए विभाग कौन से ठोस एवं सुधारात्मक कदम उठा रहा है। आपको बता दें कि यह मामला विधानसभा में उठने के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।




